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21 जून विश्व योग दिवस : क्यों मनाया जाता है?

Updated: शनिवार, 20 जून 2020 (14:24 IST)
हर साल 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाता है। योग दिवस आखिर क्यों मनाया जाता है और इसकी शुरुआत कब से हुई जानिए संक्षिप्त में कुछ खास।
 
कब से प्रारंभ हुआ योग दिवस मनाना : भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संयुक्त राष्ट्र को सितम्बर 2014 में दिए सुझाव के बाद 21 जून 2015 को पहली बार कुछ देशों को छोड़कर पूरी दुनिया में योग दिवस मनाया गया। भारत में ही इसको लेकर उस समय राजनीतिक पार्टियों और समुदायों में भतभेद थे लेकिन अब सभी एकसाथ मिलकर योग दिवस मनाते हैं। 21 जून को योग दिवस मनाने की पहल को मात्र 90 दिन के अंदर पूर्ण बहुमत से पारित किया गया था। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र संघ में किसी भी दिवस प्रस्ताव को इतनी जल्दी पारित नहीं किया गया था।
 
 
योग दिवस का बना था रिकार्ड : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के नेतृत्य में 21 जून 2015 को पहला अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया गया था, जिसमें 35,985 लोगों और 84 देशों के प्रतिनिधियों ने दिल्‍ली के राजपथ पर योग के 21 आसन किए थे। ​इस समारोह ने दो गिनीज रिकॉर्ड्स हासिल किए। पहला रिकार्ड 35 हजार से अधिक लोगों के साथ योग करना और दूसरा चौरासी देशों के लोगों द्वारा इस आयोजन में एक साथ भाग लेना।
 
21 जून को ही क्यों ? विद्वान लोग कहते हैं कि 21 जून का दिन तय करने के पीछे एक कारण था वह यह कि 21 जून वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है, यह मनुष्य के दीर्घ जीवन को दर्शाता है। ध्यान देने वाली बात है कि 21 जून के दिन सूरज जल्दी उदय होता है और देरी से ढलता है। अत: इस दिन दिन सूर्य का तेज धरती पर सबसे प्रभावी होता है। कुछ विद्वान इसके पीछे एक कारण यह भी बताते हैं कि शिव ने योग का पहला प्रसार या उपदेश अपने सात शिष्यों को को ग्रीष्म संक्राति के बाद आने वाली पहली पूर्णिमा के दिन योग की दीक्षा देकर दिया था। इसे शिव के अवतरण दिवस और दक्षिणायन के नाम से भी जाना जाता है। 21 जून उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन है, जिसे ग्रीष्म संक्रांति भी कह सकते हैं। ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है और सूर्य के दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने में बहुत लाभकारी है।
 
 
क्यों मनाते हैं योग दिवस : स्वस्थ जीवन जीने की कला को योग कहते हैं। संपूर्ण विश्व के लोग अच्छी सेहत प्राप्त करने के लिए योग की ओर मुड़ष और नियमित योग करके खुद और निरोगी और स्वस्थ रखें साथ ही जो लोग मोक्ष प्राप्त करना चाहते हैं उनके लिए योग सबसे सरल रास्ता है। योग सभी मनुष्य को आपस में जोड़कर परस्पर प्रेम और सद्भाव की भावना का विकास करता है। यह धर्म, जाति, संप्रदाय और देश से ऊपर मनुष्य को मनुष्य से जोड़ता है।
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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