biodatamaker
✕

Year Ender 2024: इस वर्ष खूब चर्चा में रहे ये 2 पुजारी

Written By WD Feature Desk
Published: सोमवार, 23 दिसंबर 2024 (16:32 IST)
ALSO READ: Year Ender 2024: साल 2024 का चर्चित शब्द रहा Gen Z, जानिए क्या है इसका अर्थ और क्यों खास है ये पीढ़ी?
 
2024 Year Ender : वर्ष 2024 को हम सभी शीघ्र ही अलविदा कहने वाले हैं। वर्ष 2024 कई बातों को लेकर बहुत अधिक चर्चित रहा, जिसमें अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि परिसर में राम लला की मूर्ति के चयन के साथ ही राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को भी खूब सराहा गया। आपको बता दें कि इस बार चर्चाओं के बीच मंदिर के पुजारी भी पीछे नहीं रहें। 
 
Highlights
जी हां, हम यहां बात कर रहे हैं इस वर्ष सबसे अधिक चर्चा में रहे उन 2 पुजारियों के बारे में। जिनमें से एक हैं 84 वर्ष के करीब रहे पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास और दूसरे सबसे कम उम्र वाले मोहित पांडे के बारे में। और ये दोनों ही राम लला मंदिर पुजारी हैं, जो इस साल खूब छाए रहे। 

ALSO READ: Year Ender 2024: इस साल इंस्टाग्राम पर छाई रहीं भारत की ये जगहें, अयोध्या की reel रही No. 1
 
आइए जानते हैं इन 2 खास पुजारियों के बारे में रोचक जानकारी...
 
Who is Acharya Satyendra Das आचार्य सत्येंद्र दास कौन हैं : बता दें कि आचार्य सत्येंद्र दास अयोध्या के पुजारी है तथा पिछले 31-32 वर्षों से रामलला की सेवा कर रहे हैं। वे पहले से ही राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी के रूप में राम लला का नित्य पूजन-अर्चन करते रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने वो दौर भी देखा है, जब राम लला को एक टेंट में स्थापित किया गया था तथा अयोध्या के तनाव के दिनों के वे साक्षी हैं, जिसे उन्होंने बहुत करीब से देखा और महसूस किया है। अत: ऐसे में राम मंदिर ट्रस्ट ने उनके पद में किसी भी तरह का बदलाव न करते हुए आज और अब भी आचार्य सत्येंद्र दास राम लला के मुख्य पुजारी के पद पर कार्यरत हैं। 
 
आचार्य सत्येंद्र दास के बारे में कहा जाता हैं कि उन्होंने ही वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर एक भविष्यवाणी की थी, जिसमें उन्होंने नरेंद्र मोदी के पुन: पीएम बनने की बात कहीं थी, अत: आचार्य जी की बात सत्य साबित हुई और प्रधानमंत्री पद के तीसरे कार्यकाल के लिए फिर से नरेंद्र मोदी को चुना गया और राम लला की कृपा उन पर बनी रही। 
Mohit Pandey मोहित पांडे : अब राम लला प्राण प्रतिष्‍ठा के बाद नए मंदिर में पूजा-पाठ तथा अनुष्ठानों का दायरा बढ़ गया है। अत: ऐसे में ट्रस्ट को अधिक पुजारियां की जरूरत पड़ी थी, तो राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के समय 50 नए पुजारियों का चयन किया गया था, जिनमें मोहित पांडे भी शामिल है।
 
आप शायद इनके बारे में नहीं जानते होंगे, तो आपको बता दें कि राम लला मंदिर के विद्वान पुजारियों में से एक हैं मोहित पांडे, जो कि सबसे कम उम्र के पंडित है तथा उनका चयन 3000 विद्वानों के बीच से किया गया है। बता दें कि किसी भी पुजारी का चयन मंदिर ट्रस्ट द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर ही किया जाता है, ऐसे में राम मंदिर के पुजारियों के चयन के लिए भी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिनमें मोहित पांडे को चुना गया था।
 
एक रिपोर्ट के अनुसार, मोहित पांडे लखनऊ के रहने वाले हैं तथा तिरूपति देवस्थानम (तिरुमाला) की ओर से संचालित श्री वेंकटेश्वर वैदिक विश्वविद्यालय तिरुपति में मास्टर ऑफ आर्ट्स (एमए, आचार्य) डिग्री कोर्स तथा अपनी पीएचडी की तैयारी कर रहे हैं। आपको बता दें कि मोहित पांडे अयोध्या राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा पूजा करने वाले 29 पुजारियों में से एक थे। 

बता दें कि अयोध्या राम मंदिर, राम लला प्राण प्रतिष्ठा को एक अनुष्ठान तथा उत्सव को रूप में मनाया गया था, जहां कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया था। जो सनातन प्रेमियों के लिए ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

ALSO READ: Year Ender 2024: वर्ष 2024 में चर्चा में रहे हिंदुओं के ये खास मंदिर
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

इलेक्ट्रिक या पेट्रोल स्कूटर: रोजाना 30 KM चलाने पर किसमें होगी ज्यादा बचत? जानिए 5 साल का पूरा हिसाब

प्रेमानंदजी महाराज को क्यों है जान से खतरा, क्या आश्रम की संपत्ति विवाद का कारण, शिष्य की मौत बनी रहस्य

Nobel Prize 2026 : शैवाल से मिली रोशनी ने बदला दिमाग को समझने का तरीका, 3 वैज्ञानिकों को मेडिसिन का नोबेल

Aadhaar Card वालों के लिए बड़ी खबर, नाम में गलती है तो जान लें नया नियम, अब इन दस्तावेजों के बिना नहीं होगा अपडेट

ChatGPT Login को लेकर क्यों बढ़ी सर्च? लॉगिन नहीं हो रहा तो ये 7 तरीके तुरंत आजमाएं

सभी देखें

PMAY-Urban में यूपी का परचम, आवास निर्माण में देश में नंबर-1; मिले दो राष्ट्रीय पुरस्कार

मुंबई में 'रामायण' के सेट पर लगी आग, शूटिंग रोकी गई

PM सूर्य घर योजना में यूपी बना देश का नंबर-1 राज्य, 8.76 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए

37000 से सीधे 9000 फुट पर आया, 7700 इमरजेंसी कोड, 1 घंटे बाद आई परेशानी, Flydubai Flight Incident के बाद British Airways के साथ क्या हुआ

Pakistan की सड़कों पर क्यों शुरू हुआ संग्राम, मुनीर-शरीफ फिर परेशान, इमरान की रिहाई को लेकर क्या है PTI का प्लान

अगला लेख