Fact Check: क्या पूरे देश में सरकारी स्कूलों का निजीकरण करने जा रही मोदी सरकार? जानिए सच
सोशल मीडिया पर एक खबर बड़ी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार पूरे देश में सरकारी स्कूलों का निजीकरण करने जा रही है। सोशल मीडिया यूजर्स एक अखबार की कटिंग शेयर कर दावा कर रहे हैं कि पूरे देश में सरकारी स्कूलों का निजीकरण होगा।
क्या है सच-
भारत सरकार की प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने वायरल खबर का खंडन करते हुए इसे फर्जी बताया है। पीआईबी फैक्ट चेक के ट्विटर हैंडल से लिखा गया है- 'दावा: कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दावा किया जा रहा है कि पूरे देश में सरकारी स्कूलों का निजीकरण होगा। PIBfactcheck: यह दावा फर्जी है, सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के निजीकरण को लेकर ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है।'
बताते चलें, देश में 34 साल के बाद नई शिक्षा नीति लागू हुई है। इसके तहत सरकार ने कई तरह के बदलाव किए हैं। हालांकि केंद्र के फैसले का विरोध भी शुरू है। विरोध करने वालों का आरोप है कि यह नीति शिक्षा के व्यापारीकरण व निजीकरण को बढ़ावा देने वाली है।
भारत सरकार की प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने वायरल खबर का खंडन करते हुए इसे फर्जी बताया है। पीआईबी फैक्ट चेक के ट्विटर हैंडल से लिखा गया है- 'दावा: कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दावा किया जा रहा है कि पूरे देश में सरकारी स्कूलों का निजीकरण होगा। PIBfactcheck: यह दावा फर्जी है, सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के निजीकरण को लेकर ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है।'
दावा:- कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दावा किया जा रहा है कि पूरे देश में सरकारी स्कूलों का निजीकरण होगा.#PIBfactcheck:- यह दावा फर्जी है, सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के निजीकरण को लेकर ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है.#FakeNews pic.twitter.com/2sqAImRSyQ
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) August 20, 2020
बताते चलें, देश में 34 साल के बाद नई शिक्षा नीति लागू हुई है। इसके तहत सरकार ने कई तरह के बदलाव किए हैं। हालांकि केंद्र के फैसले का विरोध भी शुरू है। विरोध करने वालों का आरोप है कि यह नीति शिक्षा के व्यापारीकरण व निजीकरण को बढ़ावा देने वाली है।

