सम्बंधित जानकारी
- Analysis Report: इतिहास में डीजल पहली बार 80 रुपए के पार,एक्सपर्ट से जानें बढ़ रही कीमतों की वजह ?
- उपचुनाव से पहले ‘महाराज’ सिंधिया की मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर ताजपोशी ?
- कांग्रेस जो 55 सालों में नहीं कर सकी, मोदी सरकार ने 5 सालों में कर दिखाया : नितिन गडकरी
- क्या केंद्र सरकार ने दी स्कूल-कॉलेज खोलने की परमिशन, जानिए सच...
- Exclusive Interview : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत आंख से आंख मिलाकर करेगा बात : रवि किशन
Fact Check: क्या खेती में यूरिया के उपयोग पर लगने वाला है बैन? जानिए सच
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार खेती में यूरिया के उपयोग पर बैन करने वाली है। इस दावे के साथ अखबार की एक कटिंग भी शेयर की जा रही है। अखबार में छपी खबर का शीर्षक है- ‘खेती में अब यूरिया का उपयोग बंद करेगी सरकार’।
क्या है वायरल-
वायरल अखबार की कटिंग में लिखा गया है कि यूरिया के खतरनाक परिणामों को देखते हुए केंद्र सरकार खेती में यूरिया के उपयोग को बंद करने की तैयारी कर रही है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि केंद्र ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर यूरिया के उपयोग को कम करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है सच-
वायरल खबर की पड़ताल शुरू करते हुए हमने इंटरनेट पर सर्च किया। लेकिन हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली जिससे पुष्टि हो सके कि मोदी सरकार यूरिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने जा रही है।
भारत सरकार की प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने भी ट्वीट करते हुए खेती में यूरिया बैन होने वाले दावे को फर्जी बताया है। पीआईबी फैक्ट चेक ट्विटर हैंडल से लिखा गया है- ‘यह दावा फर्जी है! भारत सरकार ने खेती में यूरिया के उपयोग को बंद करने के संदर्भ में कोई निर्णय नहीं लिया है।’
वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत सरकार देश में यूरिया का उत्पादन बढ़ाने जा रही है जिससे चीन पर निर्भरता कम हो सके। केंद्र सरकार यूरिया के पांच बंद पड़े प्लांट्स को 37,971 करोड़ रुपए की लागत से दोबारा शुरू करने जा रही है।
वेबदुनिया ने अपनी पड़ताल में पाया कि खेती में यूरिया के उपयोग पर बैन लगाए जाने वाली वायरल खबर फर्जी है।
क्या है वायरल-
वायरल अखबार की कटिंग में लिखा गया है कि यूरिया के खतरनाक परिणामों को देखते हुए केंद्र सरकार खेती में यूरिया के उपयोग को बंद करने की तैयारी कर रही है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि केंद्र ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर यूरिया के उपयोग को कम करने के निर्देश दिए हैं।
हथौड़े पर हथोड़ा मार रही है सरकार उसकी मंशा साफ है किसी भी हालत में जमीन पूंजीपति को दिलानी है जिसके लिए कार्यरत है सरकार यूरिया बंद करेगी बिजली का रेट बढ़ा दिया बटाई पर दोगे तो 18% सरकार को जीएसटी के रूप में दोगे पराली नहीं जला सकते बिजली का रेट 5 गुना कर दिया @nstomar pic.twitter.com/Rzy6qxcgp0
— औम जाट (@jatomDhondpur) August 10, 2020
वायरल खबर की पड़ताल शुरू करते हुए हमने इंटरनेट पर सर्च किया। लेकिन हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली जिससे पुष्टि हो सके कि मोदी सरकार यूरिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने जा रही है।
भारत सरकार की प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने भी ट्वीट करते हुए खेती में यूरिया बैन होने वाले दावे को फर्जी बताया है। पीआईबी फैक्ट चेक ट्विटर हैंडल से लिखा गया है- ‘यह दावा फर्जी है! भारत सरकार ने खेती में यूरिया के उपयोग को बंद करने के संदर्भ में कोई निर्णय नहीं लिया है।’
दावा: एक अख़बार में छपी खबर में दावा किया गया है कि भारत सरकार खेती में यूरिया का उपयोग बंद करने वाली है।#PIBFactCheck : यह दावा फर्जी है! भारत सरकार ने खेती में यूरिया के उपयोग को बंद करने के संदर्भ में कोई निर्णय नहीं लिया है। pic.twitter.com/0BLFXsAD0I
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) August 12, 2020
वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत सरकार देश में यूरिया का उत्पादन बढ़ाने जा रही है जिससे चीन पर निर्भरता कम हो सके। केंद्र सरकार यूरिया के पांच बंद पड़े प्लांट्स को 37,971 करोड़ रुपए की लागत से दोबारा शुरू करने जा रही है।
वेबदुनिया ने अपनी पड़ताल में पाया कि खेती में यूरिया के उपयोग पर बैन लगाए जाने वाली वायरल खबर फर्जी है।
