suvichar

अध्ययन कक्ष में अपनाएं ये 10 वास्तु टिप्स, परीक्षार्थी होंगे सफल...

Updated: मंगलवार, 20 फ़रवरी 2018 (11:36 IST)
* वास्तु अनुरूप बनाएं अपना अध्ययन कक्ष, मिलेगी सकारात्मक ऊर्जा
 
वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्द्धा के चलते सभी विद्यार्थी/परीक्षार्थी तनाव में जी रहे हैं। ऐसे समय में धैर्य व सूझबूझ के साथ यदि प्रत्येक अभिभावक व विद्यार्थी संबंधित अध्ययन कक्ष में कुछ बारीकियों के साथ वास्तु नियमों का प्रयोग कर ऐसा वातावरण निर्मित करें, तो संबंधित परीक्षार्थियों का आत्मविश्वास व संबंधित विषय में रूचि बढ़ाने के साथ-साथ उनकी उलझनें व चिंताएं समाप्त कर देगा। 
 
वास्तु अनुरूप चीजें रखने से जहां आपकी स्मरण शक्ति व बुद्धि में भी वृद्धि होगी, वहीं मन में उल्लास व जज्बा बना रहेगा, नकारात्मक विचार व आत्मग्लानि भी दूर हो जाएगी, अर्थात्‌ कुछ बातों को ध्यान में रख कर हम वास्तु निर्मित अध्ययन कक्ष में सकारात्मक ऊर्जा की बयार बहा सकते है जिससे हर क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्चतम सफलता मिलेगी। तो फिर देर किस बात की, अध्ययन कक्ष में अपनाएं ये टिप्स... 
 
- चौकोर टेबल का प्रयोग करें जो चारों पांवों में समानता रखती हो।
 
- टेबल को दक्षिण-पश्चिम या दरवाजे के सामने न लगाएं। इससे बुद्धि का पतन होता है।
 
- टेबल को दरवाजे या दीवार से न सटाएं। जिससे विषय याद रहेगा, रूचि बढ़ेगी।
 
- लाइट के नीचे या उसकी छाया में टेबल सेट न करें। इससे अध्ययन प्रभावित होगा।

 
- उत्तर-पूर्व या पूर्व वाले कमरे में अध्ययन कक्ष की व्यवस्था करें यह शुभ, प्रेरणाप्रद रहेगा।
 
- अध्ययन कक्ष को पूजा कक्ष से सटा कर और दरवाजे की स्थिति उत्तर-पूर्व या पश्चिम में रखें। किन्तु दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम में न रखें इससे भ्रम उत्पन्न होते हैं।
 
- दक्षिण व दक्षिण-पूर्व दिशा वाले कमरे में अध्ययन कक्ष की व्यवस्था से बचें, यह अशुभ व तनावयुक्त स्थिति दे सकता है।

 
- कोशिश करें कि नार्थ-वेस्ट में बैठकर भी अध्ययन न करें। इससे पढ़ाई में मन नहीं लगेगा, एकाग्रता भंग होगी।
 
- जो परीक्षार्थी घर से बाहर या हॉस्टल आदि में रहते हैं। जिनके लिए यह संभव नहीं हो वह पूर्व दिशा की ओर मां सरस्वती या नृत्य करते या लिखते हुए गणेश जी का चित्र स्थापित करें और उन्हें अध्ययन के पहले और बाद में प्रणाम करें तो उनका भी एनर्जी लेवल बढ़ेगा।

 
- उत्तर-पूर्व में मां सरस्वती, गणेश की प्रतिमा और हरे रंग की चित्राकृतियां लगाएं।
 

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Guru Gochar 2026: गुरु का बुध के अश्लेषा नक्षत्र में गोचर, जानें 12 राशियों पर इसका प्रभाव

Surya Gochar 2026: नाग पंचमी पर स्वराशि सिंह में सूर्य देव का प्रवेश, 12 राशियों का राशिफल

सूर्य का सिंह राशि में प्रवेश: इन 2 राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, रहें सतर्क

सूर्य संक्रांति का धार्मिक महत्व: इस दिन करें ये अचूक उपाय, सूर्यदेव की कृपा से दूर होंगे संकट

17 August Birthday: आपको 17 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

अगला लेख