suvichar

वसंत पंचमी पर कविता : ऋतुओं का राजा है 'वसंत'

Updated: मंगलवार, 28 जनवरी 2020 (15:20 IST)
गाओ सखी होकर मगन आया है वसंत
राजा है ये ऋतुओं का आनंद है अनंत।
 
पीत सोन वस्त्रों से सजी है आज धरती
आंचल में अपने सौंधी-सौंधी गंध भरती।
 
तुम भी सखी पीत परिधानों में लजाना,
नृत्य करके होकर मगन प्रियतम को रिझाना।
 
सीख लो इस ऋतु में क्या है प्रेम मंत्र
गाओ सखी होकर मगन आया है वसंत।
 
राजा है ऋतुओं का आनंद है अनंत
गाओ सखी होकर मगन आया है वसंत।
 
नील पीत वातायन में तेजस प्रखर भास्कर
स्वर्ण अमर गंगा से बागों और खेतों को रंगकर।
 
स्वर्ग सा गजब अद्भुत नजारा बिखेरकर
लौट रहे सप्त अश्वों के रथ में बैठकर।
 
हो न कभी इस मोहक मौसम का अंत
गाओ सखी होकर मगन आया है वसंत।
 
राजा है ऋतुओं का आनंद है अनंत
गाओ सखी होकर मगन आया है वसंत।

- विवेक हिरदे

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 20 अगस्‍त 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

कर्क राशि में बुध और गुरु की युति से बना पाण्डित्य योग, 5 राशियों के लिए बेहतरीन समय शुरू

रक्षा बंधन पर चंद्र ग्रहण का साया, इन 5 राशियों के लिए बेहद शुभ रहेगा दिन

Rakhi 2026: रक्षा बंधन पर बहन को दें ये प्यारा सा गिफ्ट, देखते ही खिल उठेगा चेहरा

राखी का बाजार सजा, भाई के लिए कौनसी राखी रहेगी सबसे शुभ? जानिए राखी चुनने का सही तरीका

अगला लेख