ramcharitmanas

2 या 3 फरवरी कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी, जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और भोग

Written By WD Feature Desk
Updated: शुक्रवार, 31 जनवरी 2025 (18:27 IST)
Basant Panchami 2025 : बसंत पंचमी का त्योहार हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह त्योहार ज्ञान की देवी माँ सरस्वती को समर्पित है। इस दिन माँ सरस्वती की पूजा की जाती है और उन्हें पीले रंग के फूल और भोग अर्पित किए जाते हैं। आइए जानते हैं बसंत पंचमी 2025 की तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और भोग रेसिपी।

कब है बसंत पंचमी?
हिंदू पंचांग के अनुसार, बसंत पंचमी माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मनाई जाती है। साल 2025 में, यह तिथि 2 फरवरी को सुबह 9 बजकर 14 मिनट से शुरू होगी और 3 फरवरी को सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगी। तिथि के अनुसार, बसंत पंचमी 3 फरवरी 2025 को मनाई जाएगी।

बसंत पंचमी का महत्व

बसंत पंचमी की पूजा विधि
  1. सुबह स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें।
  2. माँ सरस्वती की प्रतिमा या चित्र को एक पीले वस्त्र पर स्थापित करें।
  3. माँ सरस्वती को पीले फूल, चंदन, अक्षत और धूप-दीप अर्पित करें।
  4. माँ सरस्वती की वंदना करें और मंत्रों का जाप करें।
  5. माँ सरस्वती को पीले रंग का भोग अर्पित करें।
  6. आरती करें और प्रसाद वितरण करें।
माँ सरस्वती के लिए भोग रेसिपी
सामग्री:
ALSO READ: बसंत पंचमी पर इन नियमों के साथ स्थापित करें मां सरस्वती की प्रतिमा, मिलेगा मां शारदा का आशीर्वाद 
विधि:
  1. चावल को धोकर 30 मिनट के लिए भिगो दें।
  2. एक पैन में घी गरम करें और उसमें सूखे मेवे भून लें।
  3. भीगे हुए चावल को पैन में डालें और धीमी आंच पर भूनें।
  4. जब चावल सुनहरा हो जाए तो उसमें चीनी और 2 कप पानी डालें।
  5. धीमी आंच पर पानी सूखने तक पकाएं।
  6. जब पानी सूख जाए तो उसमें इलायची पाउडर और केसर डालें।
  7. अच्छी तरह मिलाएं और गरमागरम परोसें।
 
बसंत पंचमी का त्योहार ज्ञान, विद्या और कला के महत्व को दर्शाता है। इस दिन माँ सरस्वती की पूजा करके हम अपने जीवन में ज्ञान और सफलता की प्राप्ति के लिए उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Shani Gochar 2026: रेवती नक्षत्र में शनि की बदली चाल, जानें 12 राशियों पर क्या होगा असर

Guru Gochar 2026: अश्लेषा नक्षत्र में गुरु का गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

Mangla Gauri Vrat 2026: तीसरा मंगला गौरी व्रत 2026: जानिए पूजन का महत्व, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण विधि

Guru Gochar 2026: गुरु का बुध के अश्लेषा नक्षत्र में गोचर, जानें 12 राशियों पर इसका प्रभाव

Kalki Jayanti 2026: कब है कल्कि जयंती? जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और भगवान विष्णु के कल्कि अवतार का महत्व

अगला लेख