प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा को सफल बनाने में जी-जान से जुटे CM योगी

हिमा अग्रवाल| पुनः संशोधित सोमवार, 13 सितम्बर 2021 (23:44 IST)
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। 2022 चुनाव से पहले सभी पार्टियों ने जमीनी हकीकत जनाने के लिए भ्रमण और प्रबुद्ध सम्मेलन शुरू कर दिए हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी भी ज्यादातर जिलों में जा चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटे हुए हैं।

भाजपा को उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से सिंहासन पर बैठाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने भी यूपी में जल्दी-जल्दी अपने दौरे शुरू कर दिए हैं।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 सितंबर 2021 को राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय और डिफेंस कॉरिडोर का शिलान्यास करने आ रहे हैं। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं।

सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ आज खुद तैयारियों का जायजा लेने के लिए अलीगढ़ पहुंच गए। उन्होंने खुद पैदल चलकर कार्यक्रम स्थल और पंडाल का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से चर्चा की। प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम स्थल और उसके ईद-गिर्द 5000 पुलिसकर्मी और अधिकारियों की तैनाती की गई है।

कार्यक्रम में कोई अप्रिय घटना न घटित हो पाए, इसके लिए अलीगढ़ के प्रशासनिक-पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र को सुपर जोन सेक्टर में बांटा है और सुरक्षा व्यवस्था की रिहर्सल भी कर रहे हैं। लोधा थाना क्षेत्र के मूसेपुर गांव में चयनित राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय की जमीन पर पीएम मोदी के होने कार्यक्रम की तैयारियां पिछले कई दिनों से चल रही हैं। तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी बीती 8 सितंबर को भी अलीगढ़ आए थे और आज फिर से अलीगढ़ पहुंचे। क्योंकि आगरा-अलीगढ़ मंडल के करीब डेढ़ लाख लोगों की इस सभा में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी के अतिरिक्त सभा में सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा सहित कई कैबिनेट मंत्री भी इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। बड़ी सभा होने के चलते अलीगढ़ प्रशासन कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता है, इसलिए इस कार्यक्रम में बिना पहचान-पत्र के कोई प्रवेश नहीं पा सकेगा।

प्रधानमंत्री के सभा स्थल से तीन किमी के दायरे वाले स्थित सभी गांवों के लाइसेंसी असलहा थाने में जमा कराए गए हैं। वहीं 10 किलोमीटर के दायरे को नो ड्रोन फ्लाइंग जोन घोषित करते हुए सुरक्षा बल तैनात किया गया है।प्रधानमंत्री के शिलान्यास कार्यक्रम और सभा को लेकर यातायात व्यवस्था को भी पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त किया गया है।
जाम की समस्या पैदा न हो इसके लिए 14 सितंबर को अलीगढ़ जिले की सीमा में भारी वाहनों का प्रवेश पर शहर के अंदर रोक लगा दी गई है। ये भारी वाहन वैकल्पिक मार्ग यानी पड़ोसी जिलों बुलंदशहर, कासगंज, हाथरस और मथुरा से होकर गुजरेंगे। वहीं रैली से जुड़े मार्गो पर सभी प्रकार के वाहन पूर्ण तरह से प्रतिबंधित रखने का अधिकारियों ने निर्णय लिया है।

देश भर के किसान कृषि कानून को लेकर विरोध कर रहे हैं। यूपी के मुजफ्फरनगर में किसानों की महापंचायत ने कहा कि अपना शक्ति प्रदर्शन करके सरकार को पहले ही चेता दिया है कि कृषि बिल वापसी तक वह घर नही जाएंगे, दिल्ली की सीमा पर डटे रहेंगे।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने तो खुले तौर पर उत्तर प्रदेश सरकार को चुनौती दी है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में वोट की चोट करेंगे। ऐसे में प्रधानमंत्री सहित दिग्गजों का अलीगढ़ पहुंचना और वोटर को समझना, कितना कारगर सिद्ध होगा ये तो आगामी चुनाव का परिणाम ही बताएगा।



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