Hanuman Chalisa

योगी सरकार का डिजिटल शिक्षा पर बड़ा जोर, PM e-VIDYA पर एक जगह मिलेंगे पढ़ाई के जरूरी संसाधन

Updated: शुक्रवार, 11 सितम्बर 2026 (09:36 IST)
योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल को लगातार विस्तार दे रही है। सरकार का जोर है कि डिजिटल संसाधन विद्यार्थियों की पहुंच से दूर रहने वाली सुविधा न होकर सीखने का सहज, सुलभ और प्रभावी माध्यम बनें। इसी दिशा में पीएम ई-विद्या डिजिटल प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों और शिक्षकों को पढ़ाई से जुड़े आवश्यक संसाधन एक ही मंच पर निःशुल्क उपलब्ध करा रहा है।
 
एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान के मुताबिक, पीएम ई-विद्या के माध्यम से डिजिटल लर्निंग को व्यापक स्तर पर विद्यार्थियों तक पहुंचाने और उपलब्ध शैक्षिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। डिजिटल संसाधनों की आसान उपलब्धता विद्यार्थियों के सीखने के अवसरों को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। एक ही मंच पर सामग्री उपलब्ध होने से डिजिटल शिक्षा को अधिक समावेशी, सुलभ और प्रभावशाली बनाने में मदद मिलेगी। सोशल मीडिया के माध्यम से भी पीएम ई-विद्या ऐप के बारे में जानकारी साझा की जा रही है, जिससे विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक इससे जुड़ सकें। 
 
ज्ञात हो कि योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा नीति का लक्ष्य तकनीक को शिक्षा का विकल्प बनाने के साथ-साथ उसे सीखने की प्रक्रिया का प्रभावी सहयोगी बनाना है। पीएम ई-विद्या इसी सोच को व्यापक डिजिटल पहुंच में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
 

एक मंच पर पढ़ाई के जरूरी संसाधन

पीएम ई-विद्या को विद्यार्थियों के लिए डिजिटल शिक्षा के एक उपयोगी मंच के रूप में देखा जा रहा है। इसमें पढ़ाई से जुड़े आवश्यक डिजिटल संसाधनों तक एक ही स्थान से पहुंच बनाने की सुविधा है। इससे विद्यार्थियों को सीखने के लिए अलग-अलग माध्यमों पर निर्भरता कम होगी और डिजिटल सामग्री तक पहुंच अधिक सहज होगी।
 

निशुल्क उपलब्ध डिजिटल संसाधन

पीएम ई-विद्या की महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि डिजिटल लर्निंग से जुड़े संसाधन निशुल्क उपलब्ध हैं। इससे विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार डिजिटल माध्यम का उपयोग कर अध्ययन कर सकते हैं। शिक्षक भी उपलब्ध डिजिटल संसाधनों को अपनी कक्षा शिक्षण प्रक्रिया के सहयोगी माध्यम के रूप में उपयोग कर सकते हैं।
 

एंड्रॉयड और आईओएस पर ऐप उपलब्ध

पीएम ई-विद्या ऐप एंड्रॉयड और आईओएस, दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। एंड्रॉयड उपयोगकर्ता इसे गूगल प्ले स्टोर तथा आईओएस उपयोगकर्ता एप्पल ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इससे विभिन्न डिजिटल उपकरणों का उपयोग करने वाले विद्यार्थी और शिक्षक इस मंच से जुड़ सकते हैं।
 
संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा ने कहा कि योगी सरकार प्रदेश के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल संसाधनों के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है। पीएम ई-विद्या जैसे प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर पढ़ाई से जुड़े आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज और प्रभावी बनाते हैं। हमारा प्रयास है कि तकनीक का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचे और डिजिटल शिक्षा उनके सीखने का मजबूत माध्यम बने।
 
मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक ने कहा कि डिजिटल संसाधनों की आसान और निशुल्क उपलब्धता विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए सीखने और सिखाने के नए अवसर खोलती है। पीएम ई-विद्या के माध्यम से एक ही मंच पर शैक्षिक संसाधनों की उपलब्धता से डिजिटल लर्निंग को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। एससीईआरटी एवं विभागीय स्तर पर हमारा प्रयास है कि इन संसाधनों का विद्यालयी शिक्षण में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो।

Show comments

ChatGPT का 80s Photo Trend वायरल, ऐसे बनाएं अपनी तस्वीर को 1980 के दशक की रेट्रो फोटो

इंदौर नगर निगम की हरकत, अपोलो टॉवर सील किया तो बेजुबान कुत्‍तों को भी अंदर कैद कर दिया, लोगों ने दी गालियां

FAS की रिपोर्ट देख सो नहीं पाएगा पाकिस्तान, भारत के पास करीब 190 Nuclear Warheads होने का अनुमान, नए मिसाइल सिस्टम से बढ़ सकता है जखीरा

iPhone Duo यहां मिल रहा सबसे सस्ता, भारत से करीब 1 लाख रुपए कम है कीमत, iPhone 18 Pro और Pro Max की कीमत भी जानिए

इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी ने मांगी छात्रों से राय, कहा एजुकेशन सिस्टम में उम्मीद खो चुके स्टूडेंट

सभी देखें

ब्रिक्स समिट से पहले पीएम मोदी का बड़ा संदेश, विश्व कल्याण की कामना करते हुए क्या बोले?

LIVE: भारत में पुतिन का जोरदार स्वागत, पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात

नेपाल बाढ़: सबसे कम जिम्मेदार, सबसे ज्यादा नुकसान

Top News 11 September: भारत पहुंचे पुतिन, बैंकों में हड़ताल, राम मंदिर में फर्जी VVIP पास

इंडोनेशिया में 24 घंटे में फटे 6 ज्वालामुखी का गुबार 15 km ऊपर पहुँचा; जानें क्या भारत के बैरन आइलैंड को भी है खतरा?

अगला लेख