sundarkand

UP में सौर क्रांति! 4 लाख से अधिक घरों की छतों पर लगे सोलर पैनल, ऐसे मिल रही है 'मुफ्त बिजली

Updated: सोमवार, 23 मार्च 2026 (20:43 IST)
उत्तर प्रदेश ने बीते 9 वर्षों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए खुद को देश के अग्रणी हरित ऊर्जा राज्यों में स्थापित कर लिया है। जहां वर्ष 2017 से पहले सौर क्षमता लगभग 400 मेगावाट तक सीमित थी, वहीं आज यह बढ़कर 5000 मेगावाट से अधिक हो चुकी है। प्रभावी नीतियों, बड़े सोलर प्रोजेक्ट्स और जनभागीदारी के चलते 4 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे स्वच्छ और किफायती ऊर्जा का प्रसार हुआ है।

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी पहलों ने इस बदलाव को गति देते हुए सौर ऊर्जा को आम लोगों तक पहुंचाया है। साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन जैसे उभरते क्षेत्रों में कदम रखते हुए प्रदेश अब ऊर्जा आत्मनिर्भरता और ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
 
2017 से पहले सीमित क्षमता और धीमी रफ्तार
वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा का विकास सीमित स्तर पर था। उस समय प्रदेश की कुल स्थापित सौर क्षमता लगभग 400 मेगावाट के आसपास थी। नीतिगत स्पष्टता, निवेश आकर्षण और बड़े प्रोजेक्ट्स की कमी के कारण यह क्षेत्र अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रहा था। रूफटॉप सोलर कार्यक्रम भी शुरुआती चरण में था और आम लोगों में इसके प्रति जागरूकता कम थी। परिणामस्वरूप स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश की भागीदारी सीमित बनी हुई थी।
 
9 वर्षों में सौर क्रांति से बदली तस्वीर
वर्ष 2017 के बाद लागू की गई सौर ऊर्जा नीतियों ने प्रदेश की ऊर्जा तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया। उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति-2017 और 2022 के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में सौर क्षमता बढ़कर 5000 मेगावाट से अधिक हो गई है। बड़े सोलर पार्क, ग्राउंड-माउंटेड परियोजनाएं और विशेष रूप से रूफटॉप सोलर कार्यक्रम इस बदलाव के प्रमुख आधार बने हैं। प्रदेश में 4 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं, जिससे उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने इस क्षेत्र को जन आंदोलन का रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस योजना के तहत आकर्षक सब्सिडी के कारण लाखों उपभोक्ताओं ने अपने घरों की छतों पर सोलर संयंत्र लगाए हैं। इन संयंत्रों से उपभोक्ताओं को हर महीने औसतन ₹1500 से ₹3000 तक की बचत हो रही है। साथ ही नेट मीटरिंग के माध्यम से अतिरिक्त बिजली बेचकर आय का अतिरिक्त स्रोत भी मिल रहा है।
 
22,000 मेगावाट का लक्ष्य और ग्रीन एनर्जी विजन
प्रदेश सरकार ने सौर ऊर्जा नीति-2022 के तहत 22,000 मेगावाट सौर क्षमता विकसित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए बड़े सोलर पार्क, अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स और सरकारी भवनों के सौरकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही, ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देते हुए ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं पर भी कार्य शुरू किया गया है।
 
टोरेंट पावर द्वारा गोरखपुर में 0.5 मेगावाट का ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है, जिसकी उत्पादन क्षमता लगभग 9 किलोग्राम प्रति घंटा है। वहीं जीरो फुटप्रिंट इंडस्ट्रीज प्रा लि द्वारा रामपुर में 22.5 किलोग्राम प्रति घंटा क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।
 
पर्यावरण संरक्षण से लेकर आर्थिक बचत तक
सौर ऊर्जा के विस्तार से प्रदेश में कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिला है। इसके साथ ही हजारों युवाओं को सोलर इंस्टॉलेशन, संचालन और रखरखाव के क्षेत्र में रोजगार प्राप्त हुआ है। घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा ने जीवनशैली में भी बदलाव लाया है। अब सोलर बिजली का उपयोग केवल लाइट और उपकरणों तक सीमित नहीं, बल्कि इंडक्शन कुकटॉप पर खाना बनाने, इलेक्ट्रिक स्कूटर और कार चार्ज करने तक हो रहा है। इससे पेट्रोल-डीजल और गैस पर निर्भरता कम हो रही है। ग्रीन हाइड्रोजन जैसी नई तकनीकों के माध्यम से उत्तर प्रदेश भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रहा है। Edited by : Sudhir Sharma
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

AI Child की अनोखी कहानी वायरल, महिला ने इंटरनेट पर कराया ‘AI बेटे’ Lumen से परिचय; 17 घंटे की मेहनत के बाद ‘जन्म’ का दावा

रॉयल एनफील्ड Classic 350 Gorkha Edition लॉन्च, कीमत ₹2.11 लाख; गोरखा रेजिमेंट को समर्पित

जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिसा, मोदी सरकार ने इसे सेफ बनाया, अब्दुल्ला से मिलकर बोले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

बेजुबान, मासूम Laika Dog की वो दर्दनाक कहानी जिसे बनाया अंतरिक्ष की पहली यात्री… जो वापस धरती पर लौट न सकी

तमिलनाडु की विजय सरकार का यू-टर्न, CJP और लेफ्ट के प्रदर्शन में जाने से छात्रों को रोकने वाला आदेश वापस

सभी देखें

इंसानी गलती से होते हैं 90% रोड एक्सीडेंट, जानिए क्या है ADAS टेक्नोलॉजी और यह कैसे बचाती है आपकी जान?

महाकाल मंदिर में 1000 से ज्यादा जूतों के ढेर में खो गया जूता, ChatGPT ने चुटकियों में खोज निकाला

Belonging: राजनीति, प्‍यार और निजी जिंदगी तक, गांधी परिवार में हुईं हत्‍याओं के बाद कैसे बदल गई सोनिया गांधी की जिंदगी

लखनऊ में खौफनाक वारदात, बैंक के बाहर पति ने पत्नी की हत्या की, फिर खुद को भी गोली मारी, घर में बहन का शव मिला

शिलांग में KSU की बाइक रैली के दौरान भारी हिंसा : वाहनों में आगजनी, स्वामी विवेकानंद और नेताजी की प्रतिमाएं खंडित

अगला लेख