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Last Modified: शाहजहांपुर (उप्र) , रविवार, 30 मार्च 2025 (23:16 IST)

आसाराम की जमानत अवधि बढ़ाई, दुष्कर्म पीड़िता के परिवार ने जताई यह चिंता

Asaram
Asaram's bail Case : दुष्कर्म के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम बापू की जमानत अवधि 3 महीने के लिए बढ़ाए जाने के बाद पीड़िता के पिता ने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने कहा है कि अब उनके परिवार के सामने खतरा बढ़ गया है क्योंकि आसाराम कभी भी उनके साथ कुछ भी कर सकता है। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के निवासी पीड़िता के पिता ने आसाराम को बार-बार जमानत दिए जाने पर आश्चर्य व्यक्त किया और दावा किया कि वह हर किसी को अपने हिसाब से चला रहा है।
 
पीड़िता के साथ 2013 में आसाराम के जोधपुर स्थित आश्रम में दुष्कर्म किया गया था, उस दौरान वह नाबालिग (16) थी। गुजरात उच्च न्यायालय ने आसाराम को हृदय रोग एवं वृद्धावस्था संबंधी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए शुक्रवार को अंतरिम जमानत प्रदान की।
आसाराम का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता शालीन मेहता ने दलील दी कि 86 वर्षीय आसाराम हृदय और गुर्दे की बीमारी से पीड़ित हैं और उनके लिए उपलब्ध एकमात्र उपचार आयुर्वेदिक ‘पंचकर्म’ है। वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि जोधपुर स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में उपचार अभी शुरू ही हुआ है और इसमें तीन महीने और लगेंगे।
 
दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने कहा, जब आसाराम जेल में था, तो यह हमारी जीत थी। अब वह हर किसी को अपने हिसाब से चला रहा है। मुझे आश्चर्य है कि अदालत बार-बार आसाराम को अंतरिम जमानत दे रही है, पहले सात दिन के लिए, फिर 12 दिन के लिए, फिर ढाई महीने के लिए और अब तीन महीने के लिए। गुजरात पुलिस द्वारा दर्ज इस मामले में उच्चतम न्यायालय ने सात जनवरी को आसाराम को 31 मार्च तक अंतरिम जमानत दे दी थी।
 
तीन महीने की अवधि सोमवार को समाप्त हो रही थी, जिसके बाद उनके वकीलों ने उच्च न्यायालय में एक अप्रैल से अगले तीन महीने के लिए जमानत की मांग की। पीड़िता के पिता ने दावा किया, हमने वकील से आपत्ति दर्ज कराने को कहा, हमने सारे कागजात तैयार करके उन्हें दे दिए थे, लेकिन उन्होंने आपत्ति दर्ज नहीं कराई और हमें चक्कर कटवाते रहे। उन्होंने हमारे साथ धोखा किया है।
उन्होंने कहा, बार-बार अनुरोध के बाद भी हमारे वकील ने अदालत में आपत्ति दर्ज नहीं कराई। इसके परिणामस्वरूप अदालत ने आसाराम को फिर से तीन महीने के लिए जमानत दे दी। दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने दावा किया कि जब से आसाराम जेल से बाहर आया है, उसके समर्थक कह रहे हैं कि वह वापस नहीं जाएगा, अब उनकी बातें सच साबित हो रही हैं।
 
उन्होंने कहा कि स्वयंभू बाबा जोधपुर से इंदौर, उज्जैन और सूरत तक यात्रा कर रहा है और अपने अनुयायियों से मिल रहा है। उन्होंने कहा, उसे कैसी बीमारी है? अब हमारे परिवार पर खतरा बढ़ गया है। वह कभी भी हमारे साथ कुछ भी कर सकता है। अब हम सिर्फ भगवान पर ही निर्भर हैं।
 
इस बीच, पीड़िता के पिता द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके अधिवक्ता पीसी सोलंकी ने बेबुनियाद करार देते हुए कहा, आसाराम को गुजरात वाले प्रकरण में उच्चतम न्यायालय द्वारा इस साल सात जनवरी को चिकित्सीय आधार पर 31 मार्च तक अंतरिम जमानत प्रदान की गई थी। इसी तरह राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर द्वारा जोधपुर वाले प्रकरण में 31 मार्च तक चिकित्सीय आधार पर अंतरिम जमानत पर रिहा किया था जिसकी जानकारी तत्काल पीड़िता के पिता को दे दी थी।
अपने लिखित बयान में उन्होंने कहा, पीड़िता के पिता ने जमानत प्रपत्र पर हस्ताक्षर कर कर जो पत्रावली भेजी थी उसे मैंने उच्च न्यायालय राजस्थान जोधपुर में फाइल करवाया जो 27 मार्च को न्यायालय में सूचीबद्ध हो गई लेकिन गुजरात न्यायालय में आसाराम की अंतरिम जमानत पर अगले दिन फैसला दिए जाने के कारण उनके द्वारा दायर जमानत प्रार्थना पत्र को आगे की तारीख दे दी गई।
 
सोलंकी ने बताया कि इसी बीच आसाराम द्वारा अपनी सजा स्थगन करने का सातवां आवेदन राजस्थान उच्च न्यायालय में दिया गया जिसे चार मार्च को निरस्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे में पीड़िता के पिता द्वारा जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। सोलंकी ने कहा कि जब आसाराम को तीन माह की अंतरिम जमानत दी गई थी तो पीड़िता के पिता को सलाह भी दी थी कि वह इसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती दें।
 
सोलंकी ने अपने प्रयासों और विधिक प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा, मेरे द्वारा न केवल आसाराम के प्रकरण बल्कि सभी मामलों की पैरवी ईमानदारी से की गई है और आगे भी की जाती रहेगी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश द्विवेदी ने कहा कि दुष्कर्म पीड़िता के घर पर एक सुरक्षाकर्मी तैनात किया गया है और उसे दो बंदूकधारी भी दिए गए हैं।
एसपी ने बताया कि इसके अलावा पीड़िता के घर के सामने सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है, जिससे पीड़िता के पूरे घर की निगरानी की जा सके। स्थानीय कोतवाली पुलिस को रात में गश्त के दौरान पीड़िता के घर पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा, हमारे अधिकारी पीड़िता के परिवार की सुरक्षा पर लगातार नजर रख रहे हैं। (भाषा)
Edited By : Chetan Gour
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