Ground Report : बुजुर्गों में Vaccine लगवाने की होड़, UP में समय से पहले पहुंचे अस्पताल

Vaccination
Author हिमा अग्रवाल| पुनः संशोधित सोमवार, 1 मार्च 2021 (18:35 IST)
(Coronavirus) पर जीत हासिल करनी है तो टीकाकरण जरूरी है। इसलिए सोमवार से पूरे देश में सीनियर सिटीजन और 45 साल से 59 की उम्र में गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों का टीकाकरण शुरू हो गया है। के विभिन्न जिलों में जिन लोगों का टीकाकरण हुआ, वे काफी प्रसन्न दिखाई दिए।

वेबदुनिया से बातचीत में उन्होंने सरकार के इस प्रभावी कदम का स्वागत करते हुए धन्यवाद कहा है।
पंजीकरण करा चुके लोग निर्धारित समय पर आज टीकाकरण केंद्रों पर समय से पूर्व ही पहुंचने लगे। टीका लगवाने के लिए को-विन 2.0 पोर्टल www.cowin.gov.in पर रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं। रजिस्ट्रेशन के आधार पर पंजीकृत व्यक्तियों को टाइम स्लॉट आवंटित किए जा रहे हैं, लेकिन यदि कोई व्यक्ति टीकाकरण केंद्र पर सीधा भी पहुंचता है तो टाइम स्लॉट खाली होने पर उसका भी कर दिया जाएगा।

मेरठ जिले में कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण का तीसरा चरण सोमवार से शुरू हो गया। लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज मेरठ में टीकाकरण का शुभारंभ सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने किया। शुभारंभ के बाद सांसद व उनकी धर्मपत्नी उमा अग्रवाल को टीका लगाया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अखिलेश मोहन ने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए आज सुबह से एक लिंक दिया गया था, जिसमें लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। मेरठ में आज तीन स्थानों पर टीकाकरण हुआ, जिनमें मेरठ मेडिकल कॉलेज, पीएल शर्मा जिला अस्पताल और प्राइवेट अस्पतालों में संतोष हॉस्पिटल शामिल है।

जिला अस्पताल में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर और नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष अम्बरेश पंवार ने वैक्सीनेशन के तीसरे चरण का शुभारंभ किया। स्वस्थयकर्मी और फ्रंट लाइन वर्कर्स भले ही शुरुआत में वैक्सिनेश से दूरी बनाए रहे हों, लेकिन बुजुर्गों में काफी उत्साह नजर आ रहा है।

पूर्व घोषणा के मुताबिक आज वरिष्ठ नागरिकों का टीकाकरण किया गया। मेरठ में तीन बूथ पर 100-100 लोगों को वैक्सीन लगाई है जिसमें फ्रंट लाइन वर्कर्स के बाद आज आमजन के लिए वैक्सिनेशन अभियान शुरू हुआ। डॉक्टर दम्पत्ति भी वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। टीकाकरण के बाद लोग काफी प्रसन्न नजर आए।
टीका लगवाने के बाद एक वरिष्ठ महिला नागरिक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ नागरिकों एवं देशवासियों के लिए बहुत अच्छा कार्य किया है। सभी उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री का धन्यवाद दिया।

मेरठ जिला अस्पताल में सुबह से ही बुजुर्ग वैक्सीनेशन के लिए कतारों में लगे हुए थे। कई बुजुर्ग तो ऐसे थे, जिन्हें उनके परिजन सहारा देकर ला रहे थे। सभी को इस पल का बेसब्री से इंतजार था कि आखिर कोरोना से लड़ने के लिए उन्हें कब बचाव की वैक्सीन लगाई जाएगी।
पल्लवपुरम के डॉ. दम्पत्ति सुबह साढ़े 8 बजे ही जिला अस्पताल के बूथ पर पहुंच गए थे, जो बुजुर्ग वैक्सीनेशन कराने आए हैं उनका कहना है कि वैक्सीन सुरक्षित है जरूर लगवाएं। बता दें कि जिला अस्पताल और मेडिकल में निशुल्क वैक्सीन लग रही है, जबकि संतोष मेडिकल कॉलेज में 250 रुपए में वैक्सिनेशन किया जा रहा है।

आज सुबह से हापुड़, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, बागपत, मुरादाबाद और शामली के जिला अस्पताल में कोरोना का टीकाकरण कराने पहुंचे बुजुर्गों में किसी की उम्र 70 साल थी तो कोई 75 या उससे अधिक उम्र का था। वैक्सीनेशन कराने आए बुजुर्गों ने कहा कि टीका लगवाने और लगवाने के बाद उन्हें कोई तकलीफ नहीं हुई। अधिकांश बुजुर्ग यही कहते सुने गए कि सभी आकर टीका जरूर लगवाएं। सभी केंद्रों पर अपना रजिस्ट्रेसन कराने और टीका लगवाने के लिए काउंटरों पर बुजुर्गों की भीड़ दिखी, लेकिन टीकाकरण के लिए अपने क्रम का इंतजार पूरे अनुशासन और धैर्य के साथ किया।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में भी अन्य जिलों की तरह बुजुर्ग वैक्सीनेशन के लिए उत्साहित दिखाई दिए। देवरिया में टीकाकरण के नोडल अफसर के मुताबिक आज वरिष्ठ नागरिकों और 45 साल की उम्र से ऊपर उन व्यक्तियों को टीका लग रहा है जो किसी बीमारी से ग्रसित हैं। टीकाकरण शुरू होने के बाद पहले घंटे में 5 बुजुर्ग व्यक्तियों को टीका लगा और किसी को भी कोई परेशानी नही हुई।

कानपुर शहर में हेल्थ केयर वर्कर एवं फ्रंटलाइन वर्कर में वेक्सीनेशन को लेकर उदासीनता दिखी थी, लेकिन उसे आज सोमवार को वरिष्ठ नागरिकों ने तोड़ दिया। बुजुर्गों में वेक्सीनेशन के लिए गजब का उत्साह दिखाई दिया। उनके जोश-जुनून का आलम यह रहा कि दोपहर तक सेंटरों पर 100 फीसदी वैक्सीनेशन हो चुका था। स्वास्थ्य महकमे ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल, उर्सला अस्पताल एवं निजी क्षेत्र के नाराणा मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पीटल में आमजन के वैक्सीनेशन के लिए सीवीएस बनाए थे। इसी तरह समूचे उत्तर प्रदेश ने कोरोना वैक्सीन को लेकर पनप रहे संदेह और मिथकों को ध्वस्त कर दिया।




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