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Last Modified: आजमगढ़ , शनिवार, 13 जून 2026 (16:51 IST)

माफिया नहीं, अब विकास और बदलाव है आजमगढ़ की पहचान

दलगत राजनीति से ऊपर उठते हुए योगी सरकार ने नियोजित विकास पर दिया

CM Yogi
Yogi Azamgarh Development: विकास को समावेशी तभी बनाया जा सकता है, जब शासन-सत्ता दलगत राजनीति को महत्व न देते हुए सभी के विकास के लिए समान भाव से कार्य करे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आजमगढ़ में लगभग एक हजार करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास कर ‘सबका साथ, सबका विकास’ की अवधारणा में मील का नया पत्थर जोड़ दिया है।

पॉटरी उद्योग को मिली संजीवनी

कभी माफिया और अराजकता वाले माहौल के लिए बदनाम रहे इस जिले की सोच में आज शिक्षा, संस्कृति और अपनी विरासतों का गौरव बोध है तो इसलिए कि पिछले नौ सालों में उन्होंने जिले में अनवरत विकास के आयाम देखे, कानून व्यवस्था का शासन देखा और अपनी आर्थिक उन्नति की संभावनाएं भी देखीं। सेना और पुलिस में यहां के लोगों की बड़ी संख्या में भर्ती, लुप्त होने के कगार पर खड़े परंपरागत पॉटरी उद्योग को मिली संजीवनी ने यहां के लोगों की जिंदगी बदली है। विश्वविद्यालय, मेडिकल कालेज, एयरपोर्ट, संगीत महाविद्यालय, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे अब आजमगढ़ की पहचान हैं। 
 
एक दशक पहले की बात करें तो आजमगढ़ की पहचान तब एक ऐसे जिले के रूप में थी जहां गुंडों, अपराधियों और माफिया का आतंक था। बेटियां दिन में भी घर से निकलते हुए डरतीं थीं। ब्लैक पॉटरी से जुड़े हस्तशिल्पियों का कोई भविष्य नहीं रह गया था और वे अपने परिवार चलाने के लिए मुंबई व अन्य महानगरों की ओर साधारण नौकरी करने जाने को मजबूर थे। इस जिले का विकास तभी संभव था जब कानून व्यवस्था का राज दिखाई दे। माफिया और अपराधियों के खिलाफ उठाए गए सख्त कदमों से अराजक तत्वों में भय उत्पन्न हुआ तो विकास के रास्ते भी दिखाई देने लगे। 

ओडीओपी योजना वरदान साबित हुई

योगी सरकार की ओडीओपी योजना यहां के हस्तशिल्पियों के लिए वरदान साबित हुई। यहां के निजामाबाद कस्बे के ब्लैक पॉटरी उद्योग की अब अंतरराष्ट्रीय पहचान है। जिस काली मिट्टी के कलाकारों के लिए जीविका चलाना मुश्किल था, ओडीओपी योजना से उन्हें इतना बड़ा बाजार मिला कि आज डिमांड पूरी नहीं कर पा रहे हैं। सिंगापुर, सऊदी अरब से ब्लैक पॉटरी की डिमांड है और टर्नओवर करोड़ों तक पहुंच गया है। ब्लैक पॉटरी से जुड़े हस्तशिल्पी सोहित कुमार प्रजापति कहते हैं- ‘अब हमारा भविष्य सुरक्षित है। हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल रही है।’ विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 4,700 कारीगरों को आधुनिक टूलकिट और सामग्री वितरित किया जाना हमारी कला का सम्मान है।
 
यह विडंबना ही है कि पूर्व की सरकारों ने सत्ता में रहते हुए भी इस जिले को उपेक्षित ही रखा लेकिन योगी सरकार का विश्वास राज्य के समावेशी विकास पर है, इसलिए यहां किन-किन चीजों का अभाव है, उन्हें चिह्नित कर परियोजनाएं बढ़ाई गईं। जिले में सत्ताधारी दल का कोई विधायक और सांसद न होने के बावजूद आजमगढ़ को बराबर का महत्व मिला। पूर्वांचल एक्सप्रेस ने कनेक्टिविटी ही नहीं निश्चित की, बल्कि निवेश का मार्ग भी प्रशस्त किया। औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में सवा दो सौ से अधिक निवेश एमओयू यहां हजारों लोगों के लिए रोजगार लाएंगे। इतना बड़ा जिला होने के बावजूद यहां कोई विश्वविद्यालय नहीं था। छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता था। 

महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से यहां बना महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय 60 एकड़ से ज्यादा की जमीन पर बना है। यहां विश्वस्तरीय क्लास रूम बनाए गए हैं। इसके अलावा जिले को सैनिक स्कूल भी मिला है। हरिहरपुर में संगीत महाविद्यालय की स्थापना कर योगी सरकार ने इस घराने की शास्त्रीय परंपरा को प्रतिष्ठा दी। आजमगढ़ के सपनों को उड़ान अब यहां का एयरपोर्ट दे रहा है। 
 
इसके साथ ही सरकार की कई योजनाएं आजमगढ़ की महिलाओं में आत्मनिर्भरता लेकर आईं हैं। हुस्नआरा खातून जैसी कई मुस्लिम महिलाएं लखपति दीदी बन जिले का मान बढ़ा रहीं हैं। युवा उद्यमियों को भी नई राह मिली है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवाओं को मिले ऋण से वे अपने सपनों को मुकाम दे रहे हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
 
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