UP : युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, परिजनों का आरोप पुलिस पिटाई से गई जान

अवनीश कुमार| Last Updated: मंगलवार, 16 नवंबर 2021 (20:46 IST)
कानपुर। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाले 25 वर्षीय जितेंद्र उर्फ कल्लू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर युवक को पीट-पीटकर मारने का गंभीर आरोप लगाए और शव रखकर हंगामा करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए मृतक को चौकी में बुलाया था और वहीं पर मृतक को पीटा जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि पुलिस इस मामले में अब गहनता से जांच कर रही है।
पूछताछ के लिए बुलाया था चौकी : कल्याणपुर के गोवा गार्डन की कच्ची मड़ैया माधवपुरम निवासी तेज नारायण के पड़ोसी वाई.एस दीक्षित के घर पर 4 तारीख को चोरी हो गई थी। उन्होंने घर से बीस लाख की चोरी होने की शिकायत कल्याणपुर थाने में की थी। वाई.एस दीक्षित ने पुलिस की पूछताछ में तेजनारायण के बेटे जितेंद्र उर्फ कल्लू पर शक जताया था। परिजनों ने बताया कि मुंबई में रहकर जितेंद्र मजदूरी करता था और दीपावली पर घर आया था। चोरी के आरोप में पुलिस 14 नवंबर को उसे पूछताछ के लिए हिरासत में ले गई थी। जितेन्द्र की बहन और मां का कहना है कि सोमवार की रात पनकी रोड चौकी प्रभारी ने भाई के पेट में दर्द होने की बात कहकर ले जाने को कहा था।
इस पर थाने पहुंचकर वह जितेंद्र को लेकर घर आ गए थे। उसने पुलिस द्वारा पिटाई करने की जानकारी दी थी। जितेंद्र के शरीर पर काले और नीले निशान भी थे। हालत बिगड़ने पर सोमवार की देर रात उसे उर्सला ले गए, जहां डॉक्टरों से मृत घोषित कर दिया। शव घर पर लेकर आने के बाद मंगलवार की सुबह रिश्तेदार व परिचित इकट्ठा हो गए। परिजनों ने पुलिस की पिटाई से जितेंद्र की मौत का आरोप लगाते हुए गुस्सा जताया। मामले के तूल पकड़ने के बाद एसीपी कल्याणपुर दिनेश कुमार शुक्ला, एडीसीपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव, डीसीपी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत करते हुए उन्हें निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन दिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पिटाई से हुई मौत : मृतक की मां गोमती ने डीसीपी पश्चिम बीबीजीटीएस मूर्ति के पैरों में बैठकर गुहार लगाते हुए कहा कि पुलिस चोरी के झूठे आरोप में लगातार परेशान कर रही थी और घर में रोज आकर किसी न किसी को पूछताछ के बहाने उठाकर ले जाती थी। उन्होंने कहा कि चोरी की पूछताछ के लिए उनके लड़के जीतेंद्र को भी ले गई थी और उसे पीट-पीटकर पुलिस वालों ने मार डाला।
मृतक भाई भी है लापता : मृतक की मां गोमती के मुताबिक जितेंद्र का भाई वीरेंद्र भी पिछले करीब 15 दिन से लापता है। घरवाले उसकी तलाश करते रहे लेकिन वह नहीं मिला। मृतक की मां गोमती का आरोप है की वीरेंद्र के लापता होने में भी पुलिस का ही हाथ है।
मृतक के भाई की क्रिमिनल हिस्ट्री : की मानें तो मृतक जितेंद्र के भाई किन्ना की ऊपर कई थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके चलते उसकी भाई किन्ना की तलाश की जा रही थी। किन्ना की जानकारी करने के लिए उसके भाई को बुलाया गया था और सही सलामत जीतेंद्र को परिजनों को सौंप दिया गया था।
बहन ने लगाया पड़ोसी पर आरोप : मृतक की बहन ने बताया कि जिन्होंने चोरी का मुकदमा लिखवाया था उनका घर ठीक बगल में बना हुआ है और वे लोग बहुत गरीब हैं जिसके चलते घर में बाथरूम नहीं है तो ऊपर से नहाते वक्त उनके घर से लोग देखते थे जिसका विरोध उसके भाइयों ने किया था।
इसे लेकर पड़ोसी वाई.एस.दीक्षित ने उनके भाई जितेंद्र और कृष्णा के पर चोरी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवा दिया। पुलिस में झूठे चोरी के आरोप में उसके भाई जितेन्द्र को पूछताछ के लिए ले गए थे और उसके साथ मारपीट की और जब उसकी हालत बिगड़ गई तो उसे हमारे हवाले कर दिया।
50 लाख रुपए और नौकरी की मांग : पूर्व विधायक सतीश निगम कल्याणपुर में हुई घटना की जानकारी होते ही समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक सतीश निगम मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने पीड़ित परिजनों को सांत्वना बताते हुए उनके मृतक बेटे को न्याय दिलाने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने की बात कहते हुए उन्हें शांत कराया और इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराए जाने के लिए कमेटी बनाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि अगर इसमें पुलिसकर्मी दोषी हैं तो उनके ऊपर भी अपराधी मुकदमा दर्ज होना चाहिए। इसी के साथ उन्होंने कहा कि में योगी सरकार इस गरीब परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक मदद करे। परिवार में एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दे।
क्या बोले अधिकारी : डीसीपी पश्चिम बीबीजीटीएस मूर्ति का कहना है कि मृतक के परिवार ने पुलिस को पर मारपीट का आरोप लगाया है जिसकी निष्पक्षता से जांच कराई जाएगी। अगर पुलिस पर दोष सिद्ध हो जाते हैं तो दोषी पुलिसकर्मियों के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।



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