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Written By Author विकास सिंह
Last Updated : सोमवार, 1 फ़रवरी 2021 (09:21 IST)

एक्सप्लेनर: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की 'बजट वैक्सीन' से मिलेगी राहत या बढ़ेगी महंगाई ?

बजट में कोविड-19 सेस का एलान संभव,इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव की भी उम्मीद

एक्सप्लेनर: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की 'बजट वैक्सीन' से मिलेगी राहत या बढ़ेगी महंगाई ? - Finance Minister Nirmala Sitharaman will present the Union Budget today
कोरोना महामारी के चलते बुरी तरह लड़खड़ाई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार बजट में क्या बड़ी घोषणा करने जा रही है इसके लिए आज पूरे देश की नजर वित्तमंत्री के बजट पर लगी हुई है। अपना तीसरा बजट पेश करने जा रही वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण क्या महंगाई से जूझ रही जनता को राहत देती है इस पर भी सबकी नजर टिकी है।
बजट में कोविड-19 सेस का एलान संभव- इस बार आम बजट पर कोरोना महामारी का साया साफ नजर आने की संभावना है। अर्थशास्त्री आदित्य मनियां जैन कहते हैं कि सरकार इस बार बजट में कोरोना महामारी के समय खाली हुए खजाने और अब वैक्सीनेशन के खर्च को पूरा करने के लिए अमीर वर्ग पर कोविड-19 सेस लगा सकती है,जिससे कि टैक्‍सपेयर्स की जेब पर बोझ पड़ेगा। वह कहते हैं कि इस बार बजट में सरकार से कोई बड़ी राहत की उम्मीद कम ही दिखाई दे रही है।
 
इनकम टैक्स स्लैब में हो सकता है बदलाव-अर्थशास्त्री आदित्य मनियां कहते हैं कि सरकार को इनकम टैक्स का वर्तमान में जो 3 स्लैब है उसको बढ़ाकार 5 करना चाहिए। ऐसे में सरकार को 5 और 15 फीसदी के दो नए स्लैब भी बजट में जोड़ना चाहिए। वह कहते हैं कि अगर सरकार को लोगों को राहत देने के साथ अपना खजाना भी भरना है तो इनकम टैक्स का एक नया स्लैब भी लाना चाहिए।
 
टैक्स छूट की सीमा बढ़ने की संभावना- कोरोना महामारी के चलते जिस तरह वर्क फ्राम होम का कल्चर बढ़ा है इसके चलते नौकरीपेशा लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा 50 हजार रुपए से बढ़ाई जा सकती है। वर्क फ्राम होम कल्चर अपनाने वाली कंपनियों को भी सरकार को राहत देनी चाहिए। इसके साथ लोगों के स्वास्थ्य से बढ़ते खर्च को देखते हुए सरकार को 80 D (मेडिक्लेम) का दायरा भी बढ़ाना चाहिए। सरकार को चाहिए कि वह ऐसे उपाय करेंगे कि वह ऐसे उपाय करें जिससे लोगों के पास खर्च करने के लिए पैसा आए।
 
रियल इस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर को मिलेगी राहत ?-अर्थशास्त्री आदित्य मानियां जैन कहते है कि कोरोना के चलते पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए सरकार को रियल इस्टेट सेक्टर के लिए कुछ बड़ी घोषणा करनी चाहिए। वह कहते है कि सरकार को ऐसे लोगों को टैक्स में और छूट देने चाहिए जो छोटे मकान (2-3BHK) मकान लेना चाहते है। इसके साथ ऑटोबाइल सेक्टर में बिक्री बढ़ाने लिए टैक्स में कुछ राहत देनी चाहिए।
 
हेल्थकेयर सेक्टर पर रहेगा फोकस- इस बार बजट में सरकार हेल्थकेयर सेक्टर पर खासा फोकस कर सकती है इसके लिए 2-3 टियर श्रेणी वाले शहरों में अस्पताल खोलने के लिए सरकार को राहत देनी चहिए। इसे बड़े अस्पताल छोटे शहरों में अपने अस्पताल की चैन खोलने के लिए आगे आएंगे। वह कहते हैं कि मोदी सरकार का इस बार का बजट कृषि पर खासा फोकस दिखाई दे सकता है औऱ सरकार इस क्षेत्र के लिए कोई बड़ा एलान कर सकती है। 
 
इकोनॉमिक सर्वे में बढ़ी उम्मीद- इससे पहले संसद में शुक्रवार को पेश हुए इकोनॉमिक सर्वे ने देश की अर्थव्यवस्था के दोबारा पटरी पर लौटने की उम्मीद जगाई हई है। हालांकि कोरोना की वजह से इस साल जीडीपी में 7.7% की गिरावट रह सकती है,लेकिन इसके बाद तेज रिकवरी की भी उम्मीद है। साल 2021-22 में GDP में 11% ग्रोथ रहेगी। सर्वे में हेल्थकेयर पर सरकारी खर्च को भी जीडीपी के 2.5 से 3% तक ले जाने की बात कही गई है। अभी यह 1% के आसपास ही है। 
 
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