पाकिस्तान के महान ड्रैग फ्लिकर और मलेशियाई पुरूष हॉकी टीम के ड्रैग फ्लिक कोच सोहेल अब्बास अगले सप्ताह बिहार के राजगीर में होने वाले एशिया कप में टीम के साथ नहीं आयेंगे हालांकि उन्होंने कहा कि इसका पाकिस्तानी टीम के भारत में नहीं खेलने से कोई सरोकार नहीं है।
एशिया कप पुरूष हॉकी टूर्नामेंट राजगीर में 29 अगस्त से सात सितंबर तक खेला जायेगा जो अगले साल नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले विश्व कप के लिये सीधे क्वालीफाई करने का मौका भी होगा।
पिछले साल मलेशियाई टीम से बतौर सहायक कोच जुड़े ड्रैग फ्लिक किंग के नाम से मशहूर अब्बास ने कराची से भाषा से कहा , मैं एशिया कप के लिये नहीं आ रहा हूं लेकिन इसके पीछे मेरे कुछ और निजी कारण हैं।
यह पूछने पर कि क्या पाकिस्तान के नहीं खेलने की वजह से उन्होंने यह फैसला लिया है , चार विश्व कप (उट्रेच 1998, कुआलालम्पुर 2002, मोंशेंग्लाबाख 2006 और दिल्ली 2010) और तीन ओलंपिक (एथेंस 2000, सिडनी 2004 और लंदन 2012) खेल चुके 48 वर्ष के इस दिग्गज ने कहा , नहीं, ऐसा कुछ नहीं है। इससे पहले भी मैं टीम के साथ आस्ट्रेलिया और चीन दौरे पर नहीं गया था।
अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के साथ सैन्य टकराव के कारण पाकिस्तान के एशिया कप में प्रतिनिधित्व को लेकर अनिश्चितता थी। भारत सरकार ने कहा था कि वह टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को वीजा मुहैया कराएगी लेकिन पाकिस्तान हॉकी महासंघ (पीएचएफ) ने सुरक्षा कारणों से यात्रा करने से इनकार कर दिया। पाकिस्तान की जगह बांग्लादेश आठ टीमों के इस टूर्नामेंट में खेल रहा है।
पाकिस्तान के लिये 311 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर रिकॉर्ड 21 हैट्रिक लगा चुके अब्बास ने फरवरी 1998 में भारत के खिलाफ पेशावर में ही अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पदार्पण किया था। उन्होंने भारत में आखिरी बार 2010 दिल्ली विश्व कप में खेला।
पिछले दो ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुकी भारतीय हॉकी टीम के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा , टीम अच्छा कर रही है और ड्रैग फ्लिकर भी अच्छे हैं।
भारतीय कप्तान और अनुभवी ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह को क्या सलाह देना चाहेंगे, यह पूछने पर उन्होंने कहा , वह बहुत अच्छा खेल रहा है और उसका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता देखकर अच्छा लग रहा है । मैं उसे यही सलाह दूंगा कि इसी तरह मेहनत करता रहे।
भारत और पाकिस्तान हॉकी प्रतिद्वंद्विता के बारे में पूछने पर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी में सर्वाधिक गोल का रिकार्ड मेजर ध्यानचंद के नाम है जिन्होंने 185 मैचों में 570 गोल किये थे लेकिन कृत्रिम टर्फ पर अब्बास के नाम विश्व रिकॉर्ड है जिन्होंने 311 मैचों में 348 गोल दागे। उन्होंने अमृतसर में अक्टूबर 2004 चैम्पियंस ट्रॉफी में ही नीदरलैंड के पॉल लिटेंस का 267 गोल का रिकॉर्ड तोड़ा था।
भारत में बेहद लोकप्रिय रहे अब्बास 2005 में इंडियन प्रीमियर हॉकी लीग में हैदराबाद सुल्तांस के कप्तान थे जिसने खिताब जीता था।
(भाषा)