पानीपत में चले 5 घंटे के भव्य स्वागत के दौरान नीरज चोपड़ा को आ गए चक्कर (वीडियो)

पुनः संशोधित मंगलवार, 17 अगस्त 2021 (22:01 IST)
पानीपत: विजेता नीरज चोपडा का मंगलवार को पहुंचने पर जिले की सीमा से लेकर उनके गांव तक अनेक स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया और सिलसिला करीब पांच घंटे तक चला।

टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज का काफिला सुबह करीब आठ बजे पानीपत के हल्दाना बार्डर पर पहुंचा। यहां पर उनके प्रशंसकों ने नीरज का जोरदार स्वागत किया। भारी संख्या में महिलाएं भी नीरज को आशीर्वाद देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंची थी। नीरज ने जहां युवाओं का हाथ मिला कर अभिवादन स्वीकार किया, वहीं महिला एवं बुजुर्गों के आगे हाथ जोड़ कर और सिर झुका कर उनका आशीर्वाद लिया।

नीरज चोपडा का समालखा शहर में जोरदार स्वागत किया। भारी संख्या में लोग पहले से ही नीरज के स्वागत के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे डटे हुए थे। समालखा में स्वागत कार्यक्रम में एक घंटे से अधिक समय लग गया जबकि पानीपत में दो घंटों तक नीरज चोपडा अपने स्वागत में खडे प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार करते रहे। पानीपत में राजमार्ग और अंसध रोड पर दोनों ओर खड़े हजारों लोगों ने नीरज का स्वागत किया। स्वागत में उमडी भीड का आलम यह था कि राजमार्ग और असंध रोड पर यातायात जाम जैसे हालात पैदा हो गए। पुलिस को यातायात सुचारू कराने में कडी मशक्कत करनी पडी।
पानीपत थर्मल के पास स्थित गांव खुखराना के ग्रामीणों ने नीरज चोपड़ा को चांदी का भाला भेंट किया जबकि बाल निकेतन के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने पुष्प वर्षा का नीरज का स्वागत किया। स्मरणीय है कि नीरज ने इसी स्कूल में शुरूआती शिक्षा ग्रहण की थी। जबकि भालसी चौक पर चौ. प्रेम सिंह भालसी एवं नवीन नैन भालसी के नेतृत्व में हजारों ग्रामीणों ने नीरज पर पुष्प वर्षा कर उसका जोरदार स्वागत किया।

नीरज चोपड़ा को बधाई, सम्मान, आशीर्वाद और तोहफे देने के लिए हरियाणा के अलावा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान से बड़ी संख्या में लोग बसों और अपने निजी वाहनों में सवार होकर आज सुबह ही गांव खंडरा पहुंच गए थे। दूसरे राज्यों से आए लोगों का नीरज के परिजनों ने जोरदार स्वागत किया।

गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपडा दिल्ली से लेकर अपने गांव खंडरा आने तक कडी सुरक्षा के बीच रहे। नीरज को थ्री लेयर सुरक्षा दी गई। स्वागत के दौरान नीरज को दी गई खाने की वस्तु का सेवन नहीं करने दिया और जनता से मिले तोहफे भी सुरक्षा कर्मियों की देखरेख में ही वाहनों में रखे गए। नीरज की सुरक्षा में जहां दिल्ली से ही सुरक्षा कर्मी आए थे, वहीं व्यवस्था बनाए रखने को भी समालखा, पानीपत, मतलौडा में डीएसपी रैंक के अधिकारी सक्रिय रहे।

नीरज चोपडा के स्वागत को पहुंचे करीब 20 हजार लोगों के लिए उनके परिजनों ने भोजन का प्रबंध किया था। नीरज के घर से लगती तीन गलियों में टैंट लगा कर आगमन करने वाले लोगों के लिए भोजन का जबरदस्त प्रबंध किया था। जबकि स्वागत समारोह देखने के लिए सात बडे एलईडी लगाए गए थे। नीरज के परिवार के सदस्य भोजन प्रबंध की देखरेख करते रहे और हाथ जोड कर आगमन करने वालों से भोजन का सेवन करने की प्रार्थना करते रहे।
नीरज चोपड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि मेरे द्वारा जीता गया मेडल, भारत का है। देश के हर नागरिक का है। भारत के हर नागरिक से मिले प्रेम के बल पर ही मैं, गोल्ड मेडल जीत सका। भारत के हर नागरिक के दिल से मेरे लिए निकली दुआओं के कारण ही मैं, गोल्ड मेडल जीत सका। उन्होंने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में मेरे से भी अधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मेरे मुकाबले में थे मगर आप लोगों की दुआओं से बाजी मारने में कामयाब रहा। दूसरी ओर, नीरज चोपडा अपने स्वागत समारोह में और भी बातें कहना चाहते थे, लेकिन तबीयत ढ़ीली होने के चलते वे अधिक समय तक नहीं बोल पाए।

अपने पैतृक गांव खंडरा में चल रहे स्वागत समारोह के दौरान नीरज को चक्कर आ गए। उन्हें उपायुक्त सुशील एवं वहां मौजूद सुरक्षा कर्मी अपने वाहन में बैठा कर पानीपत के उपायुक्त कैंप कार्यालय ले गए। यहां पर डॉक्टरों की टीम ने नीरज चोपड़ा के स्वास्थ्य की गहन जांच की। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उमस भरी गर्मी, सात-आठ घंटों तक लगातार सक्रिय रहने के चलते नीरज को थकान के कारण चक्कर आए थे। वहीं नीरज को तत्काल उपचार देकर शारीरिक रूप से फिट करार दिया।(वार्ता)



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