Paris Paralympic में मनीष नरवाल ने दिलाया भारत को चौथा मेडल (Video)
तोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता मनीष नरवाल ने पेरिस पैरालम्पिक में शुक्रवार को पुरूषों की 10 मीटर एयर पिस्टल (एसएच 1) स्पर्धा में रजत पदक जीता।बाईस वर्ष के नरवाल ने तोक्यो पैरालम्पिक में मिश्रित 50 मीटर पिस्टल एसएच 1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।
वह कुछ समय तक आगे चल रहे थे लेकिन कुछ खराब शॉट के कारण वह दक्षिण कोरिया के जो जियोंगडू से पिछड़ गए। भारत के निशानेबाज शिवा नरवाल के बड़े भाई मनीष ने 234 . 9 स्कोर किया जबकि जियोंगडू ने 237 . 4 स्कोर करके स्वर्ण पदक जीता।
खेल रत्न पुरस्कार प्राप्त नरवाल क्वालीफिकेशन दौर में 565 स्कोर करके पांचवें स्थान पर रहे थे।फरीदाबाद के रहने वाले नरवाल ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में कई पदक जीते हैं।
मनीष के पिता दिलबाग ने कहा , उसने तोक्यो में 50 मीटर पिस्टल में स्वर्ण जीता था लेकिन उसका लक्ष्य 10 मीटर एयर पिस्टल में भी पदक जीतने का था। वह तोक्यो में क्वालीफिकेशन में शीर्ष रहा लेकिन फाइनल में सातवें स्थान पर रहा था।
उन्होंने कहा , उसने कुछ समय पहले ही फोन करके कहा कि उसे स्वर्ण नहीं जीत पाने का दुख है। हमने उससे कहा कि तोक्यो में मिली निराशा के बाद यह बड़ी उपलब्धि है। (भाषा)
वह कुछ समय तक आगे चल रहे थे लेकिन कुछ खराब शॉट के कारण वह दक्षिण कोरिया के जो जियोंगडू से पिछड़ गए। भारत के निशानेबाज शिवा नरवाल के बड़े भाई मनीष ने 234 . 9 स्कोर किया जबकि जियोंगडू ने 237 . 4 स्कोर करके स्वर्ण पदक जीता।
खेल रत्न पुरस्कार प्राप्त नरवाल क्वालीफिकेशन दौर में 565 स्कोर करके पांचवें स्थान पर रहे थे।फरीदाबाद के रहने वाले नरवाल ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में कई पदक जीते हैं।
भारत के रूद्रांक्ष खंडेलवाल फाइनल में जगह नहीं बना सके और 561 स्कोर करके नौवे स्थान पर रहे।एसएच 1 वर्ग में खिलाड़ी बिना किसी दिक्कत के पिस्टल उठा सकते हैं और व्हीलचेयर या चेयर पर से खड़े होकर या बैठकर निशाना लगाते हैं।SILVER For INDIA
— Doordarshan Sports (@ddsportschannel) August 30, 2024
Manish Narwal wins silver medal in the Men's 10m Air Pistol SH1 Final with a score of 234.9 #Paris2024 #Cheer4Bharat #Paralympics2024 #ParaShooting@mansukhmandviya @MIB_India @PIB_India @IndiaSports @ParalympicIndia @PCI_IN_Official @Media_SAI… pic.twitter.com/tdWTGStMpA
मनीष के पिता दिलबाग ने कहा , उसने तोक्यो में 50 मीटर पिस्टल में स्वर्ण जीता था लेकिन उसका लक्ष्य 10 मीटर एयर पिस्टल में भी पदक जीतने का था। वह तोक्यो में क्वालीफिकेशन में शीर्ष रहा लेकिन फाइनल में सातवें स्थान पर रहा था।
उन्होंने कहा , उसने कुछ समय पहले ही फोन करके कहा कि उसे स्वर्ण नहीं जीत पाने का दुख है। हमने उससे कहा कि तोक्यो में मिली निराशा के बाद यह बड़ी उपलब्धि है। (भाषा)
