नीरज-अभिनव बिंद्रा एक साथ, निशानेबाज ने दिया भाला फेंक खिलाड़ी को गिफ्ट
टोक्यो ओलंपिक में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने वाले देश के पहले एथलीट नीरज चोपड़ा ने अभिनव ब्रिंदा से मुलाकात की। अभिनव ब्रिंदा ने साल 2008 में बीजिंग में हुए ओलिंपिक खेलों में देश के लिए व्यक्तिगत इवेंट में पहला गोल्ड मेडल हासिल किया था। दोनों गोल्ड मेडलिस्ट के बीच शानदार मुलाकात हुई। नीरज ने जब गोल्ड मेडल जीता था जब अभिनव ने ट्वीट कर उन्हें बधाई दी थी। पहली बार दो गोल्ड मेडलिस्ट एक साथ दिखाई दिए। इस दौरान अभिनव ने नीरज को एक गोल्डन रिट्रीवर पप गिफ्ट में दिया और उसका नाम टोक्यो रखा।गोल्ड जीतने के बाद नीरज ने क्या कहा था।(फोटो सौजन्य- ट्विटर)
टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने के बाद नीरज चोपड़ा ने एशियानेट से बातचीत के दौरान अभिनव बिंद्रा क्लब में शामिल होने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि, 'अभिनव बिंद्रा एक ऐसे एथलीट थे, जिन्होंने एकल प्रतियोगिता में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता था, उन्हें ज्वाइन करना एक सपने की तरह लग रहा है। उन्होंने भारत की एक सोच बदली है, कि हमारा देश भी ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत सकता है।
Took my Olympic medal to meet its elder sibling from Beijing today
— Neeraj Chopra (@Neeraj_chopra1) September 22, 2021
Thank you @Abhinav_Bindra sir for your family's warm hospitality and for 'Tokyo' who I will cherish forever!
pic.twitter.com/XYqsKcW1IN
नीरज ने कहा था मिलती है अभिनव बिंद्रा से प्रेरणा
हाल ही में टोक्यो खेलों के स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने कहा था कि ओलंपिक में व्यक्तिगत स्पर्धा में शीर्ष पदक जीतने के लिये देश के एथलीट अभिनव बिंद्रा से प्रेरणा लेते हैं।
चोपड़ा ने कहा, हमेशा यह शानदार लगता कि वह भारत के लिये व्यक्तिगत खेलों में एकमात्र स्वर्ण पदकधारी थे। हर कोई उनसे प्रेरित होता। इसलिये आज उनके साथ (इस क्लब) में जुड़ना मेरे लिये सपना सच होने जैसा है। हम सोचते थे कि अभिनव बिंद्रा इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।
उन्होंने कहा, उनके साथ इस उपलब्धि के लिये जुड़ना बहुत शानदार अहसास है। उन्होंने ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता और हमें प्रेरित किया। इसलिये उनका बहुत बड़ा योगदान है।
बिंद्रा ने ओलंपिक में एथलेटिक्स में देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाने के लिये बधाई दी थी।उन्होंने लिखा, प्रिय नीरज चोपड़ा, इन शब्दों के लिये शुक्रिया लेकिन आपकी जीत सिर्फ आपकी कड़ी मेहनत और दृढ़संकल्प का नतीजा है। यह क्षण आपका है, इसका लुत्फ उठाईये।

