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सदी का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण 6 मिनट से ज्यादा, आधी धरती पर छा जाएगा अंधेरा

Written By WD Feature Desk
Updated: शनिवार, 2 अगस्त 2025 (11:48 IST)
surya grahan 2027: 21वीं सदी का सबसे लंबा पूर्ण सूर्यग्रहण 2 अगस्त, 2027 को घटित होगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। इस दौरान दोपहर के समय ही आसमान में अंधेरा छा जाएगा। कहा जा रहा है कि हाल के इतिहास में ऐसा पूर्ण सूर्य ग्रहण कभी नहीं देखा गया और अब इसके बाद 100 वर्ष के बाद ऐसा सूर्य ग्रहण होगा। यह दुर्लभ खगोलीय घटना कुछ क्षेत्रों में 6 मिनट और 23 सेकंड तक चलेगी - यह अवधि इसे 1991 और 2114 के बीच भूमि से दिखाई देने वाला सबसे लंबा ग्रहण बनाती है।ALSO READ: सूर्य ग्रहण का किन 2 राशियों पर होगा नकारात्मक प्रभाव?
 
खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वालों के लिए बेहद अहम खबर सामने आई है। दरअसल, साल 2027 में दुनिया ऐतिहासिक पूर्ण सूर्य ग्रहण देखेगी। इस दौरान दोपहर के समय ही आसमान में अंधेरा छा जाएगा। हाल के इतिहास में ऐसा सूर्य ग्रहण कभी नहीं दिखा है और आने वाले करीब 100 वर्ष तक भी नहीं दिखेगा। यह सूर्य ग्रहण अटलांटिक महासागर से शुरू होगा। इसके बाद जिब्राल्टर जलडमरूमध्य, दक्षिणी स्पेन, उत्तरी अफ्रीका से अरब प्रायद्वीप तक नजर आएगा। हालांकि, हिंद महासागर के ऊपर यह धुंधला हो जाएगा।
 
हालांकि भारत के कुछ ही क्षेत्रों में यह ग्रहर नजर आएगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण नहीं होगा, लेकिन मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु सहित कई शहरों में मौसम अनुकूल रहने पर दोपहर 3:34 बजे से शाम 5:53 बजे के बीच आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। पूर्ण सूर्य ग्रहण का मार्ग उत्तरी अफ्रीका, दक्षिणी यूरोप और मध्य पूर्व से होकर गुजरेगा। कुछ वायरल पोस्ट में दावा किया गया था कि पूर्ण अंधकार होगा, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह दावा झूठा है।ALSO READ: साल 2025 के पहले सूर्य ग्रहण से मची तबाही और अब लगने वाला है दूसरा सूर्य ग्रहण
 
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण 21 और 22 सितंबर 2025 के दौरान रहेगा। भारतीय ज्योतिष मान्यता के अनुसार खंडग्रास सूर्यग्रहण होगा जो दिनांक 21 सितंबर 2025, दिन रविवार, संवत 2082 की आश्विन कृष्ण पक्ष की अमावस्या को होगा। यह खग्रास सूर्यग्रहण भारतवर्ष में दृश्य नहीं होने से इससे संबंधित समस्त यम, नियम, सूतक, आदि भारतवर्ष में मान्य नहीं होंगे।
 
अंतिम सूर्य ग्रहण का समापन 22 सितंबर दिन सोमवार को तड़के 3 बजकर 24 मिनट पर होगा। यह सूर्य ग्रहण कुल 4 घंटे 24 मिनट तक रहेगा। उसके बाद सूर्य ग्रहण का मोक्ष हो जाएगा। सूर्य ग्रहण के दिन आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र है। उस दिन शुक्ल योग और सर्वार्थ सिद्धि योग भी बनेंगे। यह सूर्य ग्रहण कन्या राशि में लगने वाला है. यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा।
 
कहां नजर आएगा सूर्य ग्रहण: इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका, फिजी, समोआ, अटलांटिक महासागर आदि क्षेत्रों में दिखाई देगा। जब पृथ्वी और सूर्य के बीच में चंद्रमा आ जाता है और सूर्य का प्रकाश धरती तक नहीं पहुंचता है तो उस समय सूर्य ग्रहण होता है। ALSO READ: solar eclipse story: सूर्य ग्रहण क्या है? पढ़ें प्राचीन कथा

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