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सोलह सोमवार के 16 नियम : पढ़ें 16 सोमवार की 16 बातें ....

सोमवार,अगस्त 24, 2020
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श्रावण मास में सोमवार को व्रत रखने का बहुत महत्व है। सावन का अंतिम सोमवार 3 अगस्त को हो। इस दिन लगभग सभी लोग उपवास रखेंगे। आओ जानते हैं कि इस बार का अंतिम सोमवार क्यों है महत्वपूर्ण।
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श्रावण में भगवान शिव अर्थात् भोलेनाथ भगवान की आराधना की जाती है। इसी के साथ ही श्रावण से भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि तक भगवान श्रीकृष्ण की आराधना कोटि यज्ञ का फल का फल देने वाली होती है।
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श्रावण मास में पांच सोमवार को शिवजी के 5 मुख का प्रतीक माना जाता है। आओ जानते हैं इस संबंद में रोचक जानकारी। महादेव के 5 मुख पंच महाभूतों के सूचक हैं। दस हाथ 10 दिशाओं के सूचक हैं। हाथों में विद्यमान अस्‍‍त्र-शस्त्र जगतरक्षक शक्तियों के सूचक हैं।
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भगवान शिव का निराकार स्वरूप शिवलिंग है। शिवलिंग की पूजा करना कब से प्रारंभ हुआ यह बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न है, क्योंकि प्रारंभ में हिन्दू धर्म में मूर्ति पूजा का प्रचलन था या नहीं था यह बात इसे भी सिद्ध होती है कि भगवान शिव के इस स्वरूप की पूजा के ...
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शिव महापुराण में भगवान शिव के अनेक अवतारों का वर्णन मिलता है। कहीं कहीं उनके 24 तो कहीं उन्नीस अवतारों के बारे में उल्लेख मिलता है। वैसे शिव के अंशावतार भी बहुत हुए हैं। हालांकि शिव के कुछ अवतार तंत्रमार्गी है तो कुछ दक्षिणमार्गी। आओ इस बार जानते है ...
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साबूदाने की खिचड़ी बनाने से 3-4 घंटे पूर्व साबूदाने को भिगो कर रख दें। लौकी को कद्दूकस करें। एक कड़ाही में घी गरम करके उसमें जीरा, मीठा नीम व हरी मिर्च का छौक लगाएं।
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हिन्दू धर्म के अनुसार आनंद की अनुभूति दिलाने वाले भगवान भोलेनाथ का शिव चालीसा पढ़ने का अलग ही महत्व है। शिव चालीसा के माध्यम से अपने सारे दुखों को भूला कर शिव की अपार कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
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शिव चालीसा की 40 शुभ पंक्तियां चमत्कारी हैं। शिव चालीसा सरल है लेकिन अत्यंत प्रभावशाली है। चालीसा का निरंतर 40 बार पाठ करने से वह सिद्ध हो जाता है...इसी तरह मनोकामना और समस्या के अनुसार चालीसा की पंक्ति याद कर 40 बार पाठ करने से वह भी आश्चर्यजनक ...
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भगवान शिव अपने शरीर पर भस्म धारण करते हैं। यह भस्म कई प्रकार से बनती है, लेकिन कहते हैं कि खासकर मुर्दे की भस्म ही महाकाल में चढ़ाई जाती है। हालांकि वर्तमान में मुर्दे की भस्म का उपयोग नहीं होता है। आओ जानते हैं शिव की भस्म और भस्मारती के रहस्य।
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अविवाहिताएं श्रावण 16 सोमवार व्रत से मनचाहा वर पा सकती हैं। वैसे यह व्रत हर उम्र और हर वर्ग के व्यक्ति कर सकते हैं लेकिन नियम की पाबंदी के चलते वही लोग इसे करें जो क्षमता रखते हैं। आइए पढ़ें 16 सोमवार की 16 बातें...
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अपार धन-संपदा की अभिलाषा हो तो श्रावण मास में भगवान गणेश का इन विशेष मंत्रों से अभिषेक किया जाना चाहिए। प्रस्तुत है भगवान श्री गणेश के 7 चमत्कारिक धन मंत्र -
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भगवान शिव को रुद्र कहा गया है और उनका रूप शिवलिंग में देखा जाता है। इसका अर्थ हुआ शिवलिंग पर रुद्र के मंत्रों के द्वारा अभिषेक करना। अभिषेक के कई रूप तथा प्रकार होते हैं।
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प्रभु आशुतोष के पूजन में अभिषेक व बिल्वपत्र का प्रथम स्थान है। ऋषियों ने कहा है कि बिल्वपत्र भोले-भंडारी को चढ़ाना एवं 1 करोड़ कन्याओं के कन्यादान का फल एक समान है।
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हमेशा से महिलाओं के वाचाल होने की प्रवृति, और वाक चातुर्य की सारी दुनिया कायल रही है। ऐसा ही एक मनोहारी वर्णन इस श्लोक में किया गया है जो बड़ा आनंददायक है। शिव-पार्वती का ये संवाद मन को गुदगुदाता है-
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श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ की अर्चना के कई मंत्र और स्तोत्र हैं लेकिन पवित्र बिल्वाष्टकम् उन सबमें सबसे ज्यादा प्रभावशाली है... महादेव शंकर को बिल्व पत्र अर्पित करते हुए इसका पाठ करना चाहिए...अगर बिल्वपत्र उपलब्ध न हो तो चांदी के छोटे बिल्वपत्र ...
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श्रावण मास में भोलेनाथ शिव की पूजा आराधना की जाती है। सुख, शांति, धन, समृद्धि, सफलता, प्रगति, संतान, प्रमोशन, नौकरी, विवाह, प्रेम और बीमारी सभी के लिए श्रावण में इन मंत्रों को अवश्य जपें।
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27 जुलाई को चौथे श्रावण सोमवार को सप्तमी तिथि है तथा अष्टमी तिथि का क्षय रहेगा। इसी दिन चित्रा नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है।
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श्रावण मास महादेव का सबसे प्रिय महीना है क्योंकि श्रावण मास में सबसे अधिक वर्षा होने के आसार रहते हैं, यह माह देवों के देव महादेव के गर्म शरीर को ठंडक प्रदान करता है।
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श्रावण शब्द श्रवण से बना है जिसका अर्थ है सुनना। अर्थात सुनकर धर्म को समझना। वेदों को श्रुति कहा जाता है अर्थात उस ज्ञान को ईश्वर से सुनकर ऋषियों ने लोगों को सुनाया था। यह महीना भक्तिभाव और संत्संग के लिए होता है। श्रावण सोमवार या श्रावण माह के ...
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