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Sawan somwar 2024: कावड़ यात्रा में हो रहे हैं शामिल तो जानें क्या हैं नियम

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 22 जुलाई 2024 (11:44 IST)
Kavad Yatra 2024: 22 जुलाई 2024 सोमवार से श्रावण मास प्रारंभ होने के साथ ही कावड़िये जलभर का निकल पड़े हैं। 19 अगस्त को सावन का अंतिम सोमवार रहेगा। कहते हैं कि कावड़ में रखी मटकी, लोटा या कलश को भूमि पर तब तक नहीं रखते जब तक कि उसके जल को शिवलिंग पर नहीं चढ़ा दिया जाता। आइये जानते हैं कावड़ यात्रा के लिए इसी तरह के 10 नियम।ALSO READ: कावड़ यात्रा से भगवान शिव होते हैं प्रसन्न, जानिए क्यों होती है सावन में कावड़ यात्रा
 
1. भूमि पर न रखें कावड़ : कावड़ यात्रा के दौरान यदि कहीं पर रुकना हो तो कावड़ को भूमि पर या किसी चबूतरे पर नहीं रखते हैं। उसे किसी स्टैंड या पेड़ की डाली पर लटका कर रखते हैं। लकड़ी के पाट पर भी रख सकते हैं। यदि भूलवश भी भूमि पर रख दिया तो फिर से कांवड़ में जल भरना होता है।
 
2. भोजन और जल : कावड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह का मांसाहारी भोजन करने की मनाही है। यदि आप उपवास पर हैं तो रास्ते में मिलने वाले फलाहार को शुद्ध जानकर ही ग्रहण करें और शुद्ध जल ही ग्रहण करें।
 
3. कावड़ में हो नदी का ही जल : कावड़ में बहती हुई पवित्र नदी का जल ही भरा जाता है। यदि कोई कुआं या कुंड शुद्ध जल का हो तो उससे भी जल लिया जा सकता है। तालाब का जल मान्य इसलिए नहीं है क्योंकि उसकी शुद्धता की गारंटी नहीं। आप बारिश का जल भी ले सकते हैं।
 
4. नशा न करें : कावड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह का नशा करना वर्जित माना गया है। जैसे चरस, गांजा, शराब, सिगरेट, तंबाकू आदि। ALSO READ: कावड़ यात्रा को लेकर UP के बाद हरिद्वार में भी फरमान, दुकानों पर मुस्लिमों को बतानी होगी पहचान
 
5. पैदल ही करें यात्रा : कावड़ यात्रा पैदल ही पूरी करना होती है। यात्रा प्रारंभ करने से पूर्ण होने तक का सफर पैदल ही तय किया जाता है। इसके पूर्व व पश्चात का सफर वाहन आदि से किया जा सकता है।
 
6. लंबी दूरी की यात्रा न करें : पहली बार यात्रा कर रहे हैं तो पहले वर्ष छोटी दूरी की यात्रा करते हैं फिर क्षमता अनुसार बड़ी दूरी की। यात्रा की शुरुआत अपने शहर के करीब की किसी नदी से जल लेकर शहर या आसपास के प्रमुख शिव मंदिर तक की जाती है। 
 
7. जत्थे के साथ ही रहें : कांवरियों को एक दूसरे की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए लाइन बनाकर ही चलना चाहिए और जत्थे के साथ ही रहना चाहिए।
 
8. भक्ति वश ही करें यात्रा : यदि आप कावड़ यात्रा में शामिल हो रहे हैं तो आपको यह जाना चाहिए कि क्यों शामिल हो रहे हैं? जिज्ञासावश, रोमांच के लिए या सच में ही आप शिवजी की भक्ति करना चाहते हैं? शिवभक्ती को छोड़कर और किसी कारण से आप कावड़ यात्रा कर रहे हैं तो महादेव का आशीर्वाद शायद ही आपको प्राप्त हो।
 
9. कावड़ यात्रा के नियम जानकर तैयारी करें : कावड़ यात्रा के सख्त नियम होते हैं जिनका पालन करना जरूरी है। अन्यथा यात्रा मान्य नहीं होती है। यात्रा में कई तरह की परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है अत: इसके लिए कांवड़ियों को तैयार रहना चाहिए।
 
10. सेहत का रखें ध्यान : यात्रा के दौरान सेहत का ध्यान रखना जरूरी होता है अत: अपनी क्षमता अनुसार ही यात्रा में शामिल हों और खानपान पर विशेष ध्‍यान रखें। पीने के लिए शुद्ध जल का ही उपयोग करें। उचित जगह रुक कर आराम भी करें।ALSO READ: शिवभक्त कावड़ियों का दिल्ली-देहरादून हाईवे पर उत्पात, ढाबे, कार में तोड़फोड़
 
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