श्राद्ध पक्ष में ना करें ये 9 काम तो मिलेगा पितरों का आशीर्वाद


पितृ पक्ष के दौरान यमराज सभी पितरों को 15 दिन के लिए आजाद कर देते हैं ताकि वो का अन्न और जल ग्रहण कर सकें।

इस दौरान हर व्यक्ति को श्राद्ध करना चाहिए, लेकिन गलती से भी सूर्यास्त के बाद श्राद्ध नहीं करना चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है।

पितृ पक्ष के दौरान बुरी आदतों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

इस दौरान नशे और तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए।

इन 16 दिनों में गलती से भी शराब-नॉनवेज, लहसुन-प्‍याज, लौकी, खीरा, सरसों का साग और जीरा नहीं खाना चाहिए।
पितृ पक्ष में अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान प्रदर्शित किया जाता है। इस समय सादा जीवन जीना चाहिए और कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए।

पिंडदान, तर्पण करने वाले व्यक्ति को बाल और नाखून नहीं काटने चाहिए। साथ ही ब्रह्मचर्य का भी पालन करना चाहिए।
पितृ पक्ष में किसी पशु-पक्षी को परेशान नहीं करना चाहिए। ऐसा करने पर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इस दौरान घर आए पशु-पक्षी को भोजन दें। ऐसा माना जाता है कि पितृ पक्ष में पूर्वज पशु-पक्षी का रूप धारण करके अपने परिजनों से मिलने आते हैं।

पितृ पक्ष में ब्राह्राणों को पत्तल में भोजन कराना और खुद भी पत्तल में ही भोजन करना चाहिए।

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