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Sarvapitri Amavasya 2025: सर्वपितृ अमावस्या पर शिवलिंग पर चढ़ाएं ये सामग्री, भोलेनाथ की कृपा से पितृदोष से मिलेगी मुक्ति

Written By WD Feature Desk
Updated: शनिवार, 20 सितम्बर 2025 (16:00 IST)
Sarvapitri amavasya par pitra dosh ke upay: हिंदू धर्म में सर्वपितृ अमावस्या का दिन अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पितृपक्ष का आखिरी दिन होता है, जब हम उन सभी पूर्वजों को याद करते हैं जिनकी मृत्यु तिथि हमें ज्ञात नहीं होती। मान्यता है कि इस दिन किए गए श्राद्ध, तर्पण और दान से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और वे अपने वंशजों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा करने से पितृदोष से भी मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं सर्वपितृ अमावस्या पर शिवलिंग पर कौन सी सामग्री चढ़ाने से आपको पितरों का आशीर्वाद मिल सकता है।

1. गंगाजल और दूध का अभिषेक: शिवलिंग का अभिषेक गंगाजल और दूध से करना सबसे शुभ माना जाता है। गंगाजल पवित्रता का प्रतीक है और माना जाता है कि इसमें सभी पापों को धोने की शक्ति है। वहीं, दूध अभिषेक से घर में सुख-समृद्धि आती है। पितृपक्ष में गंगाजल और दूध से शिवलिंग का अभिषेक करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और पितृदोष दूर होता है।

2. तिल और जौ: तिल और जौ को पितरों का प्रिय माना जाता है। श्राद्ध और तर्पण में इनका विशेष उपयोग होता है। सर्वपितृ अमावस्या पर शिवलिंग पर काले तिल और जौ अर्पित करने से पितर तृप्त होते हैं और वे अपने वंशजों के प्रति प्रसन्न होते हैं।

3. बिल्व पत्र और दूर्वा घास: बिल्व पत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। तीन पत्तियों वाला बिल्व पत्र सृष्टि, स्थिति और संहार का प्रतीक माना जाता है। शिवलिंग पर बिल्व पत्र चढ़ाने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। इसी तरह, दूर्वा घास भी पवित्र मानी जाती है और इसे चढ़ाने से भगवान शिव और पितर दोनों की कृपा प्राप्त होती है।

4. शमी के पत्ते: शमी के पत्ते शनि देव को समर्पित होते हैं। ज्योतिष के अनुसार, शनि देव पितृदोष के कारण होने वाली समस्याओं को दूर करने में सहायक होते हैं। सर्वपितृ अमावस्या के दिन शमी के पत्ते शिवलिंग पर चढ़ाने से न केवल शनि देव की कृपा मिलती है, बल्कि पितृदोष के दुष्प्रभाव भी कम होते हैं।

5. पुष्प और दीपक: शिवलिंग की पूजा में पुष्प और दीपक का विशेष महत्व है। सफेद और पीले पुष्प जैसे चमेली, कनेर या कमल के फूल भगवान शिव को अर्पित करें। पूजा के बाद शिवलिंग के पास एक दीपक जलाएं। दीपक ज्ञान और प्रकाश का प्रतीक है। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर घर में सकारात्मकता लाता है।

सर्वपितृ अमावस्या का दिन पितरों को विदा करने और उनका आशीर्वाद पाने का एक सुनहरा मौका है। इस दिन श्रद्धा और भक्ति भाव से शिवलिंग पर ये विशेष सामग्री चढ़ाने से भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है। यह उपाय न केवल पितृदोष से मुक्ति दिलाता है, बल्कि परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली भी लाता है। इन उपायों को अपनाने से आपके जीवन के सभी कष्ट दूर होंगे और पितरों का आशीर्वाद हमेशा आपके साथ रहेगा।
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