sundarkand
✕

द्वादशी श्राद्ध किन पितरों के लिए किया जाता है, जानिए खास बातें

Updated: रविवार, 3 अक्टूबर 2021 (12:07 IST)
इस बार पितृ पक्ष ( Pitru Paksha 2021 Start Date) 20 सितंबर 2021, सोमवार को भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से आरंभ हो गए हैं। पितृ पक्ष का समापन 6 अक्टूबर 2021, बुधवार को आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि अर्थात सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या ( sarva pitru moksha amavasya 2021 ) को होगा। आओ जानते हैं द्वादशी का श्राद्ध क्यों और किसके लिए किया जाता है।
 
 
1. जिन लोगों का देहांत इस दिन अर्थात तिथि अनुसार दोनों पक्षों (कृष्ण या शुक्ल) द्वादशी तिथि हो हुआ है उनका श्राद्ध इस दिन किया जाता है। 3 अक्टूबर को द्वादशी श्राद्ध रहेगा।
 
2. द्वादशी तिथि को उन लोगों का श्राद्ध भी किया जाता है जिन्होंने स्वर्गवास के पहले संन्यास ले लिया था। उनका देहांत किसी भी तिथि को हुआ हो परंतु श्राद्ध पक्ष की द्वादशी तिथि को उनका श्राद्ध जरूर करना चाहिए। इस तिथि को 'संन्यासी श्राद्ध' के नाम से भी जाना जाता है।
 
3. एकादशी और द्वादशी में वैष्णव संन्यासी का श्राद्ध करते हैं। अर्थात् इस तिथि को उन लोगों का श्राद्ध किए जाने का विधान है, जिन्होंने संन्यास लिया हो।
 
खास बातें
1. इस दिन पितरगणों के अलावा साधुओं और देवताओं का भी आह्‍वान किया जाता है।
 
2. इस दिन संन्यासियों को भोजन कराया जाता है या भंडारा रखा जाता है।
 
3. इस तिथि में 7 ब्राह्मणों को भोजन कराने का विधान है।
 
4. इस श्राद्ध में तर्पण और पिंडदान के बाद पंचबलि कर्म भी करना चाहिए।

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

वक्री शनि के चलते 4 राशियों को मिलेगा 11 दिसंबर तक फायदा, जल्दी से निपटा लें काम

शुक्र का चित्रा नक्षत्र में प्रवेश: सूर्य-शुक्र युति से 12 राशियों के जीवन में आएंगे बड़े बदलाव

सूर्य गोचर 2026: तुला राशि में प्रवेश से दिवाली पर इन राशियों को मिलेगा बड़ा सरप्राइज

Vijayadashami 2026: दशहरा पर अपराजिता देवी पूजा, शस्त्र पूजा, रावण दहन और वाहन खरीदी के शुभ मुहूर्त व संपूर्ण विधि

Diwali Lakshmi puja 2026: दिवाली कब है, कब करें लक्ष्मी पूजा?

अगला लेख