Hanuman Chalisa

महाशिवरात्रि : बिल्वपत्र की जड़ में होता है मां लक्ष्मी का साक्षात वास, ये 6 लाभ नहीं जानते होंगे आप

Updated: रविवार, 27 फ़रवरी 2022 (12:54 IST)
जिस प्रकार भगवान शि‍व के पूजन एवं शिव की कृपा प्राप्ति के लिए बिल्वपत्र और उसके वृक्ष का महात्म्य है, उसी प्रकार बिल्वपत्र के वृक्ष की जड़ का भी विशेष महत्व होता है। इसे पूजन के साथ-साथ औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है। यदि आप नहीं जानते तो जरूर पढ़ें, बिल्वपत्र के जड़ की यह 6 महत्वपूर्ण विशेषताएं - 
 
1. बिल्वपत्र के वृक्ष को श्रीवृक्ष के नाम से भी जाना जाता है, जिसकी जड़ को पूजनीय माना गया है। इसमें मां लक्ष्मी का साक्षात वास होता है। 
 
2.  बिल्व की जड़ के पास किसी शिवभक्त को घी सहित अन्न, खीर या मिष्ठान्न दान करता है, वह कभी दरिद्रता या धनाभाव से ग्रसित नहीं होता। 
 
3. बिल्वपत्र की जड़ का पूजन करने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिल जाती है, और शिव की कृपा प्राप्त होती है।
 
4. संतान सुख की प्राप्ति के लिए फूल, धतूरा, गंध और स्वयं बिल्वपत्र चढ़ाकर इस वृक्ष के जड़ का पूजन किया जाता है। इससे सभी सुखों की प्राप्ति होती है। 
 
5. बिल्वपत्र की जड़ का जल अपने माथे पर लगाने से समस्त तीर्थयात्राओं का पुण्य प्राप्त हो जाता है। 
 
6.  बिल्वपत्र की जड़ को पानी में घिसकर या उबालकर औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है। कष्टकारी रोगों में भी यह अमृत के समान लाभकारी होती है। 

Bael roots

Show comments

सभी देखें

गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद

गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें

भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

सभी देखें

23 July Birthday: आपको 23 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 23 जुलाई 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

जन आंदोलन और युद्ध का क्या है संबंध? ग्रह गोचर से समझिए देश-दुनिया में उथल-पुथल के संकेत

गुरुपूर्णिमा पर श्री श्री रविशंकर का संदेश, क्या जीवन में गुरु की आवश्यकता है?

Nag Panchami 2026: कब है नाग पंचमी? जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, मंत्र और महत्व

अगला लेख