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Mahashivratri 2020 : शिव का परिवार और रिश्तेदार जानिए गुप्त रहस्य

अनिरुद्ध जोशी
मंगलवार, 18 फ़रवरी 2020 (11:46 IST)
कौन है शिव के माता-पिता, पत्नि-पुत्र, भाई-बहन, सास-ससुर आदि। आओ जानते हैं संक्षिप्त में हमे शिव परिवार के बार में। इससे पहले यह जान लें कि भगवान शंकर को शिव भी कहा जाता जबकि शिव शब्द का उपयोग निराकार ईश्‍वर के लिए प्रयुक्त किया जाता है जिनकी शिवलिंग के रूप में पूजा होती है।
 
 
माता पिता : शिवपुराण के अनुसार भगवान सदाशिव और पराशक्ति अम्बिका (पार्वती या सती नहीं) से ही भगवान शंकर की उत्पत्ति काशी क्षेत्र में मानी गई है। वह शक्ति की देवी कालरूप सदाशिव की अर्धांगिनी दुर्गा हैं। एक अन्य कथा के अनुसार भगवान शंकर के पिता ब्रह्मा, दादा विष्णु और परदादा सदाशिव माने जाते हैं। चूंकि वे अपने परदादा के समान है इसीलिए उन्हें भी शिव कहा गया।
 
 
पत्नियां : शिव की पहली पत्नी सती ने ही अगले जन्म में पार्वती के रूप में जन्म लिया। इसके अलावा उमा, उर्मि, काली, गंगा भी उनकी पत्नियां हैं। स्कंद पुराण के अनुसार, देवी गंगा कार्तिकेय (मुरुगन) की सौतेली माता हैं। भगवान शिव वैसे तो एक पत्नीव्रता हैं और अन्य देवियों से उनका कोई विधिवत विवाह नहीं हुआ लेकिन पुराण कथाओं के के अनुसार उक्त सभी देवियां उन्हें पतिरूप में मानती थीं। यह भी कहा जाता हैं कि यह सभी पार्वती के ही रूप हैं।

 
शिव के प्रमुख 8 पुत्र हैं- गणेश, कार्तिकेय, सुकेश, जलंधर, अयप्पा, भूमा, अंधक, खूजा (मंगलदेव)। सभी के जन्म की कथा रोचक है।
 
 
शिव की पुत्री : भगवान शिव की एक पुत्री का नाम अशोक सुंदरी था। हालांकि महादेव की और भी पुत्रियां थीं जिन्हें नागकन्या माना गया- जया, विषहर, शामिलबारी, देव और दोतलि। अशोक सुंदरी को भगवान शिव और पार्वती की पुत्री बताया गया इसीलिए वही गणेशजी की बहन है। इनका विवाह राजा नहुष से हुआ था।

 
अन्य रिश्ते : ब्रह्मा के एक पुत्र का नाम दक्ष प्रजापति था। इनकी कई पुत्रियां थीं। इनकी एक पुत्री सती का विवाह भगवान शंकर से हुआ और दूसरी पुत्री ख्याति का विवाह ऋषि भृगु से हुआ। मतलब यह कि भगवान शंकर और ऋषि भृगु आपस में साढ़ू भाई हुए। ख्याति से भृगु को दो पुत्र दाता और विधाता मिले और एक बेटी श्री लक्ष्मी का जन्म हुआ। श्री लक्ष्मी का विवाह उन्होंने भगवान श्री हरि विष्णु से कर दिया था। अब आप सोच लें कि सदाशिव से ब्रह्मा, विष्णु और शिव की उत्पत्ति हुई तो यह तीनों ही आपस में भाई भी हुए।
 
 
पौराणिक मान्यता अनुसार ब्रह्मा की पुत्री सरस्वती का विवाह भगवान विष्णु से हुआ था, जबकि ब्रह्मा की पत्नी सरस्वती अपरा विद्या की देवी थीं जिनकी माता का नाम महालक्ष्मी था और जिनके भाई का नाम विष्णु था। विष्णु ने जिस 'श्री लक्ष्मी' नाम की देवी से विवाह किया था, वह भृगु ऋषि की पुत्री थीं। देवी भागवत के चतुर्थ स्कंध विष्णु पुराण, अग्नि पुराण, श्रीमद् भागवत में खंडों में बिखरे वर्णन के अनुसार महर्षि भृगु प्रचेता-ब्रह्मा के पुत्र हैं।
 

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