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Sai baba controversy: साईं बाबा के खिलाफ बोलने वालों के साईं भक्तों से 12 सवाल, 9 सवाल भक्तों के भी पढ़ें

Written By WD Feature Desk
Updated: गुरुवार, 28 अगस्त 2025 (19:17 IST)
Sai baba controversy: शिरडी के साईं बाबा हिंदू हैं या मुस्लिम इसको लेकर पिछले कई सालों से विवाद चल रहा है, लेकिन यह मामला तब ज्यादा बढ़ गया जबकि शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने वर्ष 2016 में साईं बाबा को भगवान की तरह पूजने और हिंदुओं के हर मंदिर में उनकी मूर्ति स्थापित करने का कड़ा विरोध किया। इसके बाद सभी कट्टरपंथी हिंदू जाग गए और साईं बाबा एवं साईं ट्रस्ट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया। अब सभी यह मानते हैं कि एक साजिश के तहत मोहम्मद चांद मियां ने साईं बनकर हिंदुओं को छला, धर्मांतरण किया और उनके मंदिरों में घुसपैठ करके बैठ गया।
 
साईं बाबा के खिलाफ बोलने वाले लोग मानते हैं कि साईं बाबा के पिता का नाम मोहम्मद बदरुद्दीन मियां अफगानी था और वह एक पिंडारी लुटेरे समूह का सदस्य था। साईं बाबा का जन्म 1832 में हुआ और उनकी मृत्यु 1918 में हुई थी। साईं को भगवान बनाकर सभी भगवानों के साथ उनकी मूर्ति रखकर भगवानों की छवि को कमतकर दिखाया जा रहा है। कोई उन्हें शिव तो कोई राम का अवतार बनाने में लगा है। 
 
अब तो हिंदू धर्म के देवी और देवताओं में चांद मियां उर्फ साई बाबा का नाम जपा जाने लगा है। जैसे साईं राम, साईं श्याम, साईं कृष्ण आदि। लोगों ने उनके मंत्र, आरती और चालीसा बना ली है। अब साईं भक्त भगवानों की आरती, मंत्र और चालीसा छोड़कर चांद मियां की पूजा करते हैं, आरती उतारते हैं और उनकी चालीसा पढ़ते हैं।
 
सनातनी हिंदुओं का आरोप है कि यह सनातन धर्म की प्रतिष्ठा गिराने और छवि को खराब करने वाला कृत्य है। सनातनी हिंदुओं के 12 सवाल जो साईं के भक्तों से पूछे जा रहे हैं। यह सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। 
1. जो लोग साईं बाबा को न हिंदू मानते हैं और न मुसलमान तो उन लोगों ने साईं बाबा का कंपेरिजन सिर्फ हिंदू देवी और देवताओं के साथ क्यों? एक मुस्लिम को क्या शिव, राम और कृष्‍ण की तरह महान बनाया जा रहा है। क्या साईं बाबा की तुलना राम-कृष्ण से करना सनातन धर्म का अपमान नहीं है?
 
2. साईं के धार्मिक ग्रंथों में हिन्दू देवों का नकल किया गया, जैसे हनुमान चालीसा, शिव चलीसा। वैसे ही साईं चालीसा लिखा गया। किसी अन्य धर्म के पैगंबर से तुलना करके उनकी तरह की प्रेयर या नमाज क्यों नहीं लिखी गई?
 
3. हिंदुओं के सबसे पवित्र दिन और देव गुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु के वार बृहस्पतिवार को ही साईं बाबा का दिन क्यों बनाया गया? इसके चलते बृहस्पतिवार की प्रतिष्ठा गिरी। 
 
4. साईं राम, साईं श्याम और साईं भगवान ही क्यों कहते हैं जबकि यदि उन्हें सभी धर्मों का माना जाता है तो दूसरे धर्म के ईश्वर और पैगंबर के नाम के साथ उनका नाम जोड़कर क्यों नहीं प्रचार करते हो? गायत्री मंत्र भी साईं के नाम पर और राम के नाम के आगे भी साईं लगाते हैं, जब तुम्हारे साईं अकेले कल्याण करने में समर्थ हैं तो उसे 'भगवान राम' की जरूरत क्यों है?
 
5. विजयादशमी हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण दिन है। मां दुर्गा ने महिषासुर और भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी। इसी दिन को ही साईं उत्सव क्यों मनाया हिंदुओं के महत्वपूर्ण पर्व से लोगों का ध्यान डायवर्ट क्यों किया जा रहा है?  
 
6. साईं को भगवान जैसा क्यों पूजा जा रहा है जबकि न तो उन्होंने धर्म की स्थापना की, न किसी राक्षस को मारा, न ही संसार को गीता का ज्ञान दिया। न ही शिवजी जैसा विषपान किया। क्या साई ने किसी ग्रन्थ या महाकाव्य की रचना की?
 
7. वेद मंत्रों में साईं को स्थापित किए जाने के लिए क्यों हेरफेर किया जा रहा है? क्या चांद साई के नाम के आगे ॐ लगाना उचित है?
 
8. साईं भक्तों से पूछा जाना चाहिए कि क्या तुम्हारे साईं ने श्रवण कुमार की तरह अपने माता पिता की सेवा की? चैतन्य महाप्रभु, स्वामी नारायण, श्री प्रभुपाद, आदि शंकराचार्य की तरह हिंदू धर्म का उत्थान किया? क्या गुरु गोविंद सिंह, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज की तरह उन्होंने आक्रांताओं से देश की रक्षा की है जो तुम उन्हें पूज रहे हो?
 
9. क्या वे ब्रह्मांड कोटि नायक या अनंत कोटि ब्रह्मांड नायक है यानी क्यों वे अंत ब्रह्मांडों के रचनाकार और मालिक है? क्या वे राजाधिराज थे? यानी राजाओं का राजा सम्राट है? वे परब्रह्म यानी ईश्वर है? क्या आप किसी दूसरे धर्म के ईश्वर से उनकी तुलना करने की हिम्मत रखते हो? 
 
10. हिंदू मंदिरों में एक मुस्लिम फकीर साईं की मूर्ति क्यों और किसके कहने पर लगाई जा रही है। उन सभी पंडितों को शर्म नहीं आती है तो हिंदू होकर साईं मंदिरों में भगवान की आरती, वंदना, आराधना और पूजा छोड़कर एक मुस्लिम की पूजा कर रहे हो?
 
11. साईं का चित्र पहले शिव के साथ जोड़कर दिखाया जाता था, आजकल राम और हनुमान के साथ जोड़कर दिखाया जाता है क्या साईं भक्तों को साईं ट्रस्ट का यह एक षड्यंत्र नहीं लगता? पहले साई को दत्तात्रेय का अवतार बताया गया, फिर विरोध होने पर कबीर का, फिर नामदेव, पांडुरंग, अक्कलकोट का महाराज? हिम्मत क्यों नहीं होती उन्हें किसी अन्य धर्म के पैगंबर का अवतार बताने की? 
 
12. क्या सबका मालिक एक सूत्र चांद साई ने दिया था? क्या श्रद्धा और सबुरी का सूत्र चाँद साईं ने दिया था? साईं चरित्र में इसका उल्लेख मिलता नहीं। इसमें तो साईं के मुंह से हमेशा यदि निकलता रहा कि 'अल्लाह मालिक है।'
 
साईं भक्तों के भी कुछ संभावित सवाल हो सकते हैं? 
 
1. यदि साईं बाबा एक मुस्लिम थे जैसा कि किसी अज्ञात रिपोर्ट का हवाला दिया जा रहा है तो उस रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है? 
 
2. साईं बाबा का विरोध अभी यानी खासकर कुछ सालों से ही क्यों किया जा रहा है, क्या इससे पहले आपके पास कोई सबूत नहीं थे या कि स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के कहने के बाद आपकी नींद खुली। 
 
3. पुट्टपर्थी के श्री सत्य साईं बाबा को शिरडी के साईं बाबा के मुस्लिम होने के इस सवाल पर क्यों नहीं घेरे गया? उनके सामने यह ऑब्जेक्शन क्यों नहीं लिया गया?
 
4. जब बाबा को लगा कि अब जाने का समय आ गया है, तब उन्होंने श्री वझे को 'रामविजय प्रकरण' (श्री राम विजय कथासार) सुनाने की आज्ञा दी। श्री वझे ने एक सप्ताह प्रतिदिन आठों प्रहर पाठ सुनाया। साईं बाबा यदि मुस्लिम होते तो वे अपने अंत समय में राम विजय प्रकरण क्यों सुनते? क्या इसका जवाब है किसी के पास? 
 
5. साईं बाबा धूनी रमाते थे। धुनी तो सिर्फ शैव और नाथपंथी संत ही जलाते हैं। बाबा के कान बिंधे हुए थे। कान छेदन सिर्फ नाथपंथियों में ही होता है। सांई बाबा हर सप्ताह नाम कीर्तन का आयोजन करते थे जिसमें विट्ठल (कृष्ण) के भजन होते थे। क्या कोई मुसलमान ऐसा करेगा?
 
6. महाराष्ट्र के परभणी जिले के पाथरी गांव में साईं बाबा का जन्म हुआ था। साईं के पिता का नाम परशुराम भुसारी है। माता का नाम अनुसूया भुसारी है। दोनों के 5 पुत्र हुए। रघुपति, दादा, हरिभाऊ (साईं बाबा), अंबादास, बलवंत। साईं बाबा तीसरे नंबर के पुत्र थे। रघुपति का वंश आगे चले, जिनके महारुद्र और परशुराम बापू दो पुत्र हुए। महारुद्र के रघुनाथ और परशुराम के भाऊ नामक पुत्र हुए। रघुनाथ के दो पुत्र दिवाकर और शशिकांत हुए जो हैदराबाद और निजाबाबाद में रहते हैं जबकि एक पुत्री हुई जो नागपुर में रहती हैं। दूसरे जो भाऊ थे उनको प्रभाकरराव और माणिक राव नामक दो पुत्र हुए प्रभाकरराव भुसारी के प्रशात, मुकुंद और संजन नामक तीन पुत्र और लता नामक एक पुत्री हुई जो औरंगाबाद महाराष्ट्र में रहते हैं। माणिकराव भुसारी को 4 बेटियां हैं। साईं बाबा के भाइयों का परिवार आज भी हैदराबाद और औरंगाबाद में रहता है। संजय भूसारी आज भी औरंगबाद में रहते हैं। उनसे जाकर क्यों नहीं पूछते हो कि साईं हिंदू थे या मुस्लिम क्या वे आपके भाई थे या नहीं?
 
7. साईं बाबा ने कभी नमाज नहीं पढ़ी और न ही कभी रोजा रखा। उन्होंने कभी कुरआन नहीं पढ़ी। यदि वे मुसलमान होते तो ये काम जरूर करते, क्या इसका जवाब है किसी के पास? 
 
8. साईं बाबा यदि मुस्लिम थे तो उन्होंने उनके जीवन काल में कितने लोगों का धर्मांतरण करके मुस्लिम बनाया, क्या कोई साईं विरोधी इसको बता सकता है?
 
9. द्वारिका माई में साईं बाबा के रहते कोई पशु बली नहीं दी गई और तो और साईं बाबा ने गोंदिया नाम के एक बैल को कसाई के कटने से बचाया था। क्या इसका कोई जवाब है साईं विरोधियों के पास?

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