sundarkand

शनि मंदिर जा रहे हैं तो यह 7 सावधानी रखें, वर्ना पछताएंगे

Updated: शनिवार, 25 सितम्बर 2021 (07:20 IST)
कई लोग भगवान शनि के मंदिर जाते हैं। परंतु परंपरा के अनुसार कुछ सावधानी रखना भी जरूरी होती है और भी कई बातें हैं जिनका ध्यान रखना होता है अन्यथा शनि महाराज कब नाराज होकर आपके लिए संकट खड़ा दे यह कहा नहीं जा सकता। तो आओ जानेत हैं शनि मंदिर जाने और उनके दर्शन करने के नियम।
 
ALSO READ: शनि की वक्र दृष्टि क्या होती है और किस पर होता ज्यादा असर, जानिए 8 उपाय
1. ऐसा कहा जाता है कि शनि मंदिर में भगवान शनिदेव की प्रतिमा की आंखों में आंखें डालकर देर तक नहीं देखना चाहिए। दर्शन कर सकते हैं परंतु उनके प्रति श्रद्धा का भाव होना चाहिए।
 
2. शनिदेव पर तेल चढ़ाना चाहिए परंतु इस बात का ध्यान रखें कि वह तेल इधर-उधर ना गिरे और खराब तेल ना हो। अच्छे तेल का उपयोग करें। यदि छायादान कर रहे हो तो उस तेल को नहीं चढ़ाते हैं उसे कटोरी सहित ही शनिदेव के चरणों में रख देते हैं।
 
3. शनिदेव की मूर्ति के एकदम सामने खड़े होकर कभी भी पूजा या प्रार्थना ना करें।
ALSO READ: Shani jayanti 2021 : शनिदेव को प्रसन्न करने के 10 तरीके
4. शनि मंदिर में यदि बाहर कोई गरीब, अपंग या भीखारी हो तो उसे दान जरूर दें। नहीं दान दे सकते हो तो कम से कम उनका तिरस्कार ना करें। वहां सभी से अच्छा व्यवहार करें।
 
5. शनि मंदिर में किसी भी प्रकार की सांसारिक वार्ता ना करें। चुपचाप अपनी पूजा या प्रार्थना करने के बाद मंदिर की सीढ़ियों पर कुछ देर के लिए बैठे और लौट आएं।
ALSO READ: Shani jayanti 2021 : शनिदेव को नाराज कर सकती हैं आपकी ये 10 बुरी आदतें
6. शनि की पूजा में दिशा का विशेष महत्व होता है। शनि को पश्चिम दिशा का स्वामी माना जाता है इसलिए शनि की पूजा करते समय इस बात का ध्यान रखना होता है कि आपका मुख पश्चिम दिशा की ओर ही होना चाहिए। इसीलिए जहां पर शिलारूप में शनिदेव हो वहीं जाएं।
 
7. माना जाता है कि शनिदेव को लाल रंग पसंद नहीं है इसलिए शनिवार को पूजा में भूलकर भी लाल रंग के फूल या कोई लाल सामाग्री का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 04 अगस्‍त 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण: 100 साल बाद इस देश में दिन में छाएगा अंधेरा, जानिए कहां-कहां दिखेगा

कामिका एकादशी 2026: व्रत कब रखा जाएगा? जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, पारण समय और महत्व

Mangala Gauri Vrat 2026: श्रावण मास 2026: मंगला गौरी व्रत का महत्व, पूजन विधि और मुहूर्त

सावन 2026: क्यों माना जाता है इसे सबसे पवित्र और आध्यात्मिक महीना?

अगला लेख