Hanuman Chalisa

How to Please Shani Dev : ये 8 बातें खुश करती हैं शनिदेव को, शनि जयंती पर पढ़ें

Updated: मंगलवार, 8 जून 2021 (12:44 IST)
क्या आप भी सारी योग्यता को बावजूद सफलता के लिए संघर्ष कर रहे हैं? क्या आपको भी खुशियां मिलते-मिलते रह जाती हैं? अपनी कुंडली किसी योग्य ज्योतिषी को दिखाएं हो सकता है आपको शनि ग्रह की पीड़ा हो...अगर ऐसा है तो यह 8 बातें आपके काम की है, जिनको जीवन में अपना कर आप शनिदेव को खुश कर सकते हैं।


आइए जानें- 
 
* शनि पीड़ा से ग्रस्त व्यक्ति को रात्रि के समय दूध का सेवन नहीं करना चाहिए।
 
* शनिवार की संध्या को काले कुत्तों को चुपड़ी हुई रोटी खिलाएं। यदि काला कुत्ता रोटी खा ले तो अवश्य शनि ग्रह द्वारा मिल रही पीड़ा शांति होती है। काले कुत्तों को द्वार पर नहीं लाना चाहिए। अपितु पास जाकर सड़क पर ही रोटी खिलानी चाहिए।
 
* काला हकीक सुनसान जगह में शनिवार के दिन दबाएं।

 
* शनिवार के कारण कर्ज से मुक्ति ना हो रही हो, तो काले गुलाब जामुन नेत्रहीनों को खिलाएं।
 
* शनि शांति के लिए ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः या ॐ शनैश्चराय नमः का जप करें।
 
* शनि शांति के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
 
* सात मुखी रुद्राक्ष भी शनि शांति के लिए धारण कर सकते हैं।
 
* किसी कुशल विशेषज्ञ से पूछकर नीलम रत्न धारण करें अथवा नीली या लाजवर्त, पंच धातु में धारण करें।

ALSO READ: शनि जयंती कब है : श्री शनिदेव की पूजा क्यों और कब करें? मुहूर्त सहित 12 काम की बातें

ALSO READ: शनि जयंती 2021 : भगवान शनिदेव के संबंध में 10 रोचक बातें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 06 अगस्‍त 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

सावन का दूसरा सोमवार 2026: कब है, क्या रहेगा शिव पूजा का शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजन विधि?

ओणम 2026: केरल में शुरू हुई तैयारियां, जानिए कब है यह पर्व और क्या है इसका धार्मिक महत्व

अंक-दर्शन : रसोई के मसाले और ग्रहों का रहस्य (भाग- 4 : इलायची)

हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन! जानिए पहले कौन-सी पूजा करें और कब करें गणेश स्थापना

अगला लेख