Friday, 30 October 2026
हिन्दी
English
தமிழ்
मराठी
తెలుగు
മലയാളം
ಕನ್ನಡ
ગુજરાતી
Newsletter
Samrat Vikramaditya
समाचार
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
संपादकीय
इंदौर
काम की बात
ऑटो मोबाइल
क्राइम
फैक्ट चेक
व्यापार
मोबाइल मेनिया
राज्य
उत्तर प्रदेश
मध्यप्रदेश
गुजरात
राजस्थान
छत्तीसगढ़
महाराष्ट्र
योगी आदित्यनाथ
डॉ. मोहन यादव
भूपेन्द्र भाई
देवेन्द्र फडणवीस
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
वेब स्टोरी
मूवी रिव्यू
आलेख
पर्यटन
खुल जा सिम सिम
आने वाली फिल्म
बॉलीवुड फोकस
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
दीपावली
एकादशी
भविष्यवाणी
सनातन धर्म
रामायण
श्री कृष्णा
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
श्रीरामचरितमानस
क्रिकेट
अन्य खेल
लाइफ स्टाइल
वीमेन कॉर्नर
योग
सेहत
मोटिवेशनल
रेसिपी
नन्ही दुनिया
साहित्य
रोमांस
NRI
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
राशियां
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
रामशलाका
चौघड़िया
आलेख
नवग्रह
रत्न विज्ञान
श्रीरामचरितमानस
महाभारत
एक्सप्लेनर
श्रीमद्भगवद्गीता
रामायण
धर्म संग्रह
खाटू श्याम
Fri, 30 Oct 2026
Choose your language
हिन्दी
English
தமிழ்
मराठी
తెలుగు
മലയാളം
ಕನ್ನಡ
ગુજરાતી
समाचार
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
संपादकीय
इंदौर
काम की बात
ऑटो मोबाइल
क्राइम
फैक्ट चेक
व्यापार
मोबाइल मेनिया
राज्य
उत्तर प्रदेश
मध्यप्रदेश
गुजरात
राजस्थान
छत्तीसगढ़
महाराष्ट्र
योगी आदित्यनाथ
डॉ. मोहन यादव
भूपेन्द्र भाई
देवेन्द्र फडणवीस
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
वेब स्टोरी
मूवी रिव्यू
आलेख
पर्यटन
खुल जा सिम सिम
आने वाली फिल्म
बॉलीवुड फोकस
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
दीपावली
एकादशी
भविष्यवाणी
सनातन धर्म
रामायण
श्री कृष्णा
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
श्रीरामचरितमानस
क्रिकेट
अन्य खेल
लाइफ स्टाइल
वीमेन कॉर्नर
योग
सेहत
मोटिवेशनल
रेसिपी
नन्ही दुनिया
साहित्य
रोमांस
NRI
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
राशियां
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
रामशलाका
चौघड़िया
आलेख
नवग्रह
रत्न विज्ञान
श्रीरामचरितमानस
महाभारत
एक्सप्लेनर
श्रीमद्भगवद्गीता
रामायण
धर्म संग्रह
खाटू श्याम
Notifications
×
Close
धर्म-संसार
/
उज्जैन दर्शन
/
सम्राट विक्रमादित्य
सम्राट विक्रमादित्य का विजय अभियान: क्या समुद्रगुप्त से भी बड़ा था उज्जैन के राजा का साम्राज्य?
Wednesday,June 3, 2026
सम्राट विक्रमादित्य के सम्मान में स्थापित होगा देश का सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय अलंकरण सम्मान : मोहन यादव
उज्जैन के इस शक्तिपीठ पर राजा विक्रमादित्य ने 11 बार देवी को अर्पित किया था अपना शीश, जानिए मंदिर से जुड़े रहस्य
उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य की 10 रोचक बातें
सम्राट विक्रमादित्य की 5 अनसुनी बातें आपको हैरान कर देंगी
राजा विक्रमादित्य को माता हरसिद्धि और मां बगलामुखी ने दिए थे दर्शन, जानिए कथा
Thursday, April 27, 2023
क्या कुतुब मीनार राजा विक्रमादित्य का सूर्य स्तम्भ है?
Thursday, May 19, 2022
Devi Baglamukhhi Katha : राजा विक्रमादित्य को दिए थे दर्शन मां बगलामुखी देवी ने, पढ़ें कहां और कैसे
Thursday, May 20, 2021
उज्जैन का प्रसिद्ध हरसिद्धि मंदिर जहां राजा विक्रमादित्य ने 11 बार दी थी अपने सिर की बलि
Wednesday, October 14, 2020
खेत में दबा था राजा विक्रमादित्य का सिंहासन, दुनिया हैरान रह गई कहानी जानकर
Friday, July 27, 2018
क्या अरब तक फैला था विक्रमादित्य का शासन?
Friday, January 31, 2014
next news
ज़रूर पढ़ें
Dev diwali 2026 date: दीपावली के बाद देव दिवाली कब है, क्या करते हैं इस दिन, क्या है इसका महत्व
Dev diwali 2026: देव दिवाली का पर्व परंपरा से लोग देवउठनी एकादशी के दिन मनाते हैं लेकिन असल में यह कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि के दिन रहता है, क्योंकि देवताओं ने तारकासुर के वध के बाद इसी दिन गंगा के तट पर दीपावली का पर्व मनाकर खुशियों मनाई थी। इस दिन नदी के तट पर दीपदान करने से कभी अकाल मृत्यु नहीं होती है और सभी तरह के संकट कट जाते हैं। इस पर यह पर्व 24 नवंबर 2026 मंगलवार के दिन मनाया जाएगा।
12 साल बाद गुरु का सिंह राशि में महागोचर बदलेगा 12 राशियों की किस्मत? जानिए अपना राशिफल
Jupiter Transit 2026: 31 अक्टूबर 2026 को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। वे इस राशि में 25 जनवरी 2027 तक विराजमान रहेंगे और इसके बाद पुनः वक्री गति के कारण कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इस समयावधि के दौरान गुरु ग्रह 13 दिसंबर 2026 से 13 अप्रैल 2027 तक वक्री अवस्था में रहेंगे। 25 जनवरी को कर्क राशि में लौटने के बाद, वे 13 अप्रैल 2027 को मार्गी होंगे और 26 जून को एक बार फिर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जहाँ वे 26 नवंबर 2027 तक बने रहेंगे।
नासिक में 31 अक्टूबर से कुंभ मेले सिंहस्थ का होगा शुभारंभ, जानिए क्या रहेगा खास, कर लें होटल की अभी से बुकिंग
kumbh mela nashik in 2027: बृहस्पति जब कर्क से निकलकर सिंह नक्षत्र में गोचर करता है तो नासिक में सिंहस्थ का आयोजन होता है। 12 वर्षों के बाद यह संयोग बनता है। 31 अक्टूबर 2026 को बृहस्पति ग्रह सिंह राशि में गोचर करेंगे। इसलिए नासिक में कुंभ का शुभारंभ तो कर दिया जाएगा लेकिन विधिवत रूप से कुंभ मेले का आयोजन बृहस्पति पुन: सिंह राशि में 26 जून को गोचर करेंगे इस बीच 25 जनवरी को बृहस्पति वक्री होकर पुन: कर्क में गोचर करेगा जहां वह 26 जून तक रहेगा। नासिक में पिछला सिंहस्थ कुंभ मेला वर्ष 2015-16 में आयोजित किया गया था।
Annual Numerology 2027 : मूलांक 2 के लिए खास रहेगा नया साल, जानें पूरे वर्ष का भविष्यफल
अंकशास्त्र में मूलांक 2 का संबंध चंद्रमा से माना जाता है, जो संवेदनशीलता, कल्पनाशीलता, अंतर्ज्ञान, भावनात्मक समझ और पारस्परिक संबंधों का प्रतीक है। वर्ष 2027 की 11/2 प्रवृत्ति मूलांक 2 के स्वभाव से सामंजस्य रखती है। ऐसे में यह वर्ष आत्ममंथन, संबंधों की गहराई समझने और अपनी क्षमताओं को सही दिशा देने का अवसर बन सकता है। भावनात्मक संवेदनशीलता आपकी विशेषता रहेगी, लेकिन निर्णय लेते समय व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना भी आवश्यक होगा। आर्थिक मामलों में नियमितता और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए तैयारी महत्वपूर्ण रहेगी। आय के अवसर मिल सकते हैं, लेकिन भावनात्मक दबाव में खरीदारी करना या परिचितों की बातों पर बिना जांच निवेश करना उचित नहीं होगा।
30 October Birthday: आपको 30 अक्टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!
30 October Janmdin: जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ आपका स्वागत है वेबदुनिया की विशेष प्रस्तुति में। यह कॉलम नियमित रूप से उन पाठकों के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका उस दिनांक को जन्मदिन होगा। पेश है दिनांक 30 को जन्मे व्यक्तियों के बारे में जानकारी :
वीडियो
और भी वीडियो देखें
धर्म संसार
Aaj Ka Rashifal: आज 30 अक्टूबर, 2026 का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का भविष्यफल
Today 30 October horoscope in Hindi : आज 30 अक्टूबर, 2026, शुक्रवार का दिन क्या लाया है मेष से लेकर मीन राशि के लिए, यहां जानें डेली होरोस्कोप के अनुसार वेबदुनिया पर दैनिक राशिफल के बारे में एकदम सटीक जानकारी...
अंक भविष्यफल 2027 : मूलांक 1 वालों के लिए कैसा रहेगा नया साल? जानें करियर, धन और रिश्तों का हाल
अंकशास्त्रीय दृष्टि से मूलांक 1 का प्रतिनिधित्व सूर्य करता है, जो नेतृत्व, आत्मविश्वास, महत्वाकांक्षा, मौलिकता और निर्णय क्षमता का प्रतीक है। वर्ष 2027 का योग 11/2 बनता है, जिसे अंकशास्त्र की अनेक पद्धतियों में मास्टर अंक के रूप में देखा जाता है। इसका एकल अंक 2 है, जो सहयोग, संवेदनशीलता, कूटनीति, धैर्य और पारस्परिक संबंधों से जुड़ा है। सूर्य प्रधान मूलांक 1 और वर्ष की 11/2 की संयुक्त प्रवृत्ति यह संकेत देती है कि इस वर्ष सफलता के लिए व्यक्तिगत क्षमता के साथ सामूहिक सहयोग को भी समान महत्व देना होगा। वर्ष 2027 में कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, जिम्मेदारियों का विस्तार करने और नेतृत्वकारी भूमिका में आगे बढ़ने के अवसर बन सकते हैं।
धनतेरस पर क्या खरीदना माना जाता है शुभ? जानें 8 चीजों का धार्मिक महत्व
Dhanteras 2026: दीपावली से पहले आने वाला धनतेरस का त्योहार हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने की परंपरा है। मान्यता है कि धनतेरस पर शुभ वस्तुओं की खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि, आरोग्य और खुशहाली का वातावरण बनता है। यही वजह है कि इस दिन लोग सोना-चांदी, बर्तन, झाड़ू और अन्य घरेलू वस्तुएं खरीदना शुभ मानते हैं। आइए जानते हैं धनतेरस पर कौनसी 8 चीजें खरीदना शुभ माना जाता है और इनके पीछे क्या है धार्मिक महत्व...
01 नवंबर को महासंयोग: दिवाली से पहले रवि पुष्य योग, जानें खरीदारी का शुभ मुहूर्त और क्या खरीदना दिलाएगा धन-समृद्धि?
Pushya Nakshatra 2026: वर्ष 2026 में 06 नवंबर को त्रयोदशी तिथि, प्रदोष काल और स्थिर वृषभ लग्न का अद्भुत संयोग बनने से धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। हालांकि, धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले पुष्य नक्षत्र का अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है। इस बार 01 नवंबर 2026 (रविवार) को पुष्य नक्षत्र पड़ने के कारण अति दुर्लभ और महाफलदायी 'रवि पुष्य योग' का निर्माण हो रहा है। इस दिन खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत करना अक्षय फल प्रदान करता है।
शुक्र का स्वयं की राशि में उदय, इन 7 राशियों को मिलेगा माता लक्ष्मी का आशीर्वाद, हो जाएंगे मालामाल
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से शुक्र देव का अपनी ही राशि तुला में उदित होना एक अत्यंत शुभ और बड़ा ग्रह परिवर्तन है। तुला राशि में शुक्र का गोचर 'मालव्य राजयोग' और शक्तिशाली 'धन योग' का निर्माण करता है, जो जातकों को सुख, संपत्ति, ऐश्वर्य और अपार समृद्धि प्रदान करता है। 29 अक्टूबर 2026 की सुबह 09:41 बजे शुक्र देव अपनी स्वराशि तुला में उदित हो चुके हैं। इस उदित अवस्था से विशेष रूप से 7 राशियों के जातकों पर मां लक्ष्मी की असीम कृपा बरसने वाली है और वे आर्थिक रूप से मजबूत होकर मालामाल हो सकते हैं। आइए जानते हैं वे भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं।
होम
धर्म संग्रह
Shorts
फोटो
Reels