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सम्राट विक्रमादित्य
सम्राट विक्रमादित्य का विजय अभियान: क्या समुद्रगुप्त से भी बड़ा था उज्जैन के राजा का साम्राज्य?
Wednesday,June 3, 2026
सम्राट विक्रमादित्य के सम्मान में स्थापित होगा देश का सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय अलंकरण सम्मान : मोहन यादव
उज्जैन के इस शक्तिपीठ पर राजा विक्रमादित्य ने 11 बार देवी को अर्पित किया था अपना शीश, जानिए मंदिर से जुड़े रहस्य
उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य की 10 रोचक बातें
सम्राट विक्रमादित्य की 5 अनसुनी बातें आपको हैरान कर देंगी
राजा विक्रमादित्य को माता हरसिद्धि और मां बगलामुखी ने दिए थे दर्शन, जानिए कथा
Thursday, April 27, 2023
क्या कुतुब मीनार राजा विक्रमादित्य का सूर्य स्तम्भ है?
Thursday, May 19, 2022
Devi Baglamukhhi Katha : राजा विक्रमादित्य को दिए थे दर्शन मां बगलामुखी देवी ने, पढ़ें कहां और कैसे
Thursday, May 20, 2021
उज्जैन का प्रसिद्ध हरसिद्धि मंदिर जहां राजा विक्रमादित्य ने 11 बार दी थी अपने सिर की बलि
Wednesday, October 14, 2020
खेत में दबा था राजा विक्रमादित्य का सिंहासन, दुनिया हैरान रह गई कहानी जानकर
Friday, July 27, 2018
क्या अरब तक फैला था विक्रमादित्य का शासन?
Friday, January 31, 2014
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मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान
वृषभ राशि के मंगल का 24 जुलाई 2026 को रोहिणी नक्षत्र से मृगशिरा नक्षत्र में गोचर होगा, जहां वे 12 अगस्त तक रहेंगे। मंगल के इस नक्षत्र परिवर्तन के चलते 3 राशि के लोगों को 12 अगस्त तक रहना होगा सावधान। चलिए जानते हैं कि किन राशि 3 राशियों को रहना होगा सावधान।
Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म
देकार्त के जीवन का सबसे बड़ा ध्येय यह था कि दर्शनशास्त्र को भी गणित (Mathematics) की तरह सटीक, अकाट्य और संदेह से परे बनाया जाए। वे एक ऐसा सार्वभौमिक सत्य खोजना चाहते थे, जिस पर कोई भी प्रश्नचिह्न न लगा सके। इसी विचार ने बुद्धिवाद (Rationalism) की नींव रखी। आइए, देकार्त के इस अद्भुत दार्शनिक चिंतन के 4 प्रमुख स्तंभों को गहराई से समझते हैं।
मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव
वृषभ राशि के मंगल का 24 जुलाई 2026 को रोहिणी नक्षत्र से मृगशिरा नक्षत्र में गोचर होगा, जहां वे 12 अगस्त तक रहेंगे। ज्योतिष की दुनिया में एक बड़ा हलचल भरा मोड़ आ चुका है- बुध ग्रह अपनी ही प्रिय राशि मिथुन में सीधे (मार्गी) चलने लगे हैं। अब जब बुद्धि और संवाद का कारक ग्रह सीधी चाल चलेगा, तो जाहिर है आपकी सोच, बातचीत और फैसलों की रफ्तार भी बदल जाएगी।
Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?
Raksha Bandhan 2026: हिन्दू पंचांग के अनुसार, रक्षा बंधन का पर्व प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति में इसे मिठास और खुशियों का उत्सव माना गया है। यह भाई-बहन के प्रेम का पावन पर्व है। यहां जानें रक्षा बंधन 2026 कब है? जानें रक्षा बंधन 2026 की तारीख...
चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय
Chaturmas Astrology Remedies: हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार चातुर्मास यह चार महीनों का पवित्र काल भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने से प्रारंभ होकर देवउठनी एकादशी पर समाप्त होता है। यदि आप अपनी राशि के अनुसार चातुर्मास में कुछ विशेष उपाय करते हैं, तो जीवन में आ रही और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। यहां जानें 12 राशियों के लिए चातुर्मास के अचूक उपाय...
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Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 27 अगस्त 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय
27 August 2026 Today Shubh Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 27 अगस्त, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
सूर्य ग्रहण से भूकंप के बाद क्या चंद्र ग्रहण से पहले नेपाल में आई भीषण बाढ़? क्या ग्रहण से है इसका कनेक्शन?
भूकंप आने के कई कारण होते हैं, जिनमें से एक मुख्य कारण पृथ्वी की आंतरिक हलचलों के साथ-साथ सूर्य और चंद्र ग्रहण के दौरान ग्रहों का गोचर माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि पूर्णिमा और अमावस्या के दिन समुद्र में ज्वार-भाटा (High Tide) बढ़ जाता है और जलस्तर में वृद्धि होती है। इसका मुख्य कारण चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच का गुरुत्वाकर्षण खिंचाव है। यह गुरुत्वाकर्षण खिंचाव पृथ्वी के भीतर स्थित टेक्टोनिक प्लेटों पर भी दबाव डालता है, जो भूकंप का कारण बन सकता है।
रक्षा बंधन पर नारली पूर्णिमा क्यों मनाया जाता है, जानिए परंपरा और पूजा विधि
समुद्र की लहरों और आस्था का पावन संगम है 'नारली पूर्णिमा'। महाराष्ट्र, कोंकण और संपूर्ण दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में श्रावण पूर्णिमा के दिन इस पर्व को बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसी दिन रक्षा बंधन का पर्व भी रहता है। चलिए जानते हैं शुभ तिथि मुहूर्त, पूजा की अनूठी विधि और परंपराएं।
श्रावण पूर्णिमा पर क्यों किया जाता है श्रावणी उपाकर्म? जानें इसका महत्व और धार्मिक मान्यता
Shravani Upakarma 2026: वैदिक परंपरा का एक अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक पर्व है 'श्रावणी उपाकर्म'। यह अनुष्ठान केवल जनेऊ बदलने की रस्म नहीं, बल्कि ज्ञान की साधना, प्रायश्चित और वेदों के अध्ययन के पुनरारंभ का पावन संकल्प है।
हयग्रीव जयंती 2026: भगवान विष्णु के इस अवतार की 5 खास बातें और 2 कथाएं
Hayagriva Jayanti 2026: भगवान विष्णु जी के 24 अवतारों में से ही 16वां अवतार है हयग्रीव। हयग्रीव अवतार की पूजा का प्रचलन दक्षिण भारत में अधिक है। यहां पर श्रावण पूर्णिमा के दिन भगवान हयग्रीव जी की जयंती मनाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि भगवान हयग्रीव ने सभी वेदों को ब्रह्मा को पुनः प्रदान किया था। इस बार 27 अगस्त 2026 को यह जयंती मनाई जाएगी। इस अवतार के संबंध में दो कथाएं मिलती है। भगवान विष्णु के 'हयग्रीव' रूप का वर्णन वेदों और पुराणों में अत्यंत दिव्य माना गया है। हयग्रीव अवतार से जुड़ी 5 मुख्य और खास बातें इस प्रकार हैं।
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