ramcharitmanas

गणतंत्र दिवस पर विशेष निबंध: ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय सेना के बढ़ते कदम

Written By WD Feature Desk
Updated: गुरुवार, 22 जनवरी 2026 (16:05 IST)
Republic Day 2026: भारत का गणतंत्र दिवस एक ऐतिहासिक दिन है, जब देश ने 26 जनवरी 1950 को संविधान को अपनाया और एक स्वतंत्र गणराज्य के रूप में अपनी पहचान बनाई। इस दिन जहां सेना के शौर्य, पराक्रम और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाता है वहीं भारत की संस्कृति, विज्ञान और वैभव के साथ ही भारतीय उपलब्धियों के देश के सामने रखने का दिन भी होता है। यह हमारे इतिहास के गौरव और संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य का एक प्रतीक है। वर्ष  2025 में ऑपरेशन सिंदूर की स्पेशल झांकियां रहेगी। चलिए पढ़ते हैं इस पर एक निबंध।
 

प्रस्तावना

 
26 जनवरी का दिन हर भारतीय के लिए गर्व और आत्मसम्मान का प्रतीक है। यह वह दिन है जब भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बना। नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर जब सेना की टुकड़ियाँ कदमताल करती हैं, तो वह केवल एक शक्ति प्रदर्शन नहीं होता, बल्कि दुनिया को यह संदेश होता है कि भारत की संप्रभुता अभेद्य है। इस वर्ष के गणतंत्र दिवस में एक विशेष चमक है, जिसका श्रेय 'ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से भारतीय सेना द्वारा दिखाए गए अदम्य साहस और आधुनिक तकनीक के अद्भुत तालमेल को जाता है।
 

ऑपरेशन सिंदूर: शौर्य की नई गाथा

मई 2025 में भारतीय सेना ने सीमा पार आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया। यह ऑपरेशन पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब था। इस मिशन की विशेषता यह थी कि भारतीय सेना ने बिना युद्ध की घोषणा किए, अत्यंत सटीक और लक्षित (Targeted) प्रहार के जरिए नौ प्रमुख आतंकी लॉन्च पैड्स को नेस्तनाबूद कर दिया।
 
इस ऑपरेशन ने दुनिया को दिखा दिया कि 'नया भारत' अब केवल रक्षात्मक नहीं है, बल्कि वह अपनी शर्तों पर और अपने समय पर जवाब देना जानता है। इसमें स्वदेशी मिसाइलों, 'लोइटरिंग म्यूनिशन' (आत्मघाती ड्रोन) और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों का इस्तेमाल किया गया, जिसने दुश्मन के रडार को पूरी तरह जाम कर दिया था।
 

गणतंत्र दिवस 2026: बदलता स्वरूप

इस वर्ष गणतंत्र दिवस की परेड में पहली बार सेना ने 'बैटल एरे' (Battle Array) का प्रदर्शन किया है। इसका अर्थ यह है कि अब हम केवल औपचारिक मार्च ही नहीं कर रहे, बल्कि युद्ध के मैदान में सेना कैसे तैनात होती है—निगरानी से लेकर स्ट्राइक तक—उसकी पूरी झलक कर्तव्य पथ पर दिखाई गई।
 
भैरव बटालियन का उदय: ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली नई भैरव लाइट कमांडो बटालियन ने इस बार पहली बार परेड में हिस्सा लिया।
 
स्वदेशी शक्ति: आकाश मिसाइल प्रणाली, ब्रह्मोस और धनुष जैसी स्वदेशी तोपों का प्रदर्शन 'आत्मनिर्भर भारत' और सेना के पराक्रम को एक साथ जोड़ता है।
 

सैन्य शक्ति और राष्ट्रीय अखंडता

भारतीय सेना का पराक्रम केवल युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं है। गणतंत्र दिवस हमें याद दिलाता है कि हमारा संविधान और हमारे अधिकार तभी सुरक्षित हैं जब सीमा पर जवान जाग रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एनसीसी (NCC) के 75,000 कैडेटों का नागरिक रक्षा और सहायता में योगदान यह दर्शाता है कि सेना और समाज एक साथ खड़े हैं। "खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते" जैसे कड़े फैसलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत की शांति की इच्छा उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि उसके चरित्र की गहराई है।
 
निष्कर्ष
गणतंत्र दिवस 2026 केवल उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय सेना के संकल्प का उत्सव है। ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल आतंकवाद की कमर तोड़ी, बल्कि भारतीय सैन्य रणनीति को एक नई ऊँचाई पर पहुँचाया। आज जब हम तिरंगा फहराते हैं, तो हमारा मस्तक गर्व से ऊँचा होता है क्योंकि हमें पता है कि हमारे वीर जवानों का साहस हिमालय से भी ऊँचा है। भारतीय सेना का यह पराक्रम ही हमारे गणतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

SCO Summit : पाकिस्तान ने PM मोदी की फोटो की क्रॉप, वीडियो भी काटा, भारत ने दिखाया पूरा सच

Bristy Mukherjee Death : ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव, शिक्षक भर्ती मामले में गई थी नौकरी, जांच शुरू

NEET प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, दिल्ली समेत 5 राज्यों में FIR रद्द; CJP नहीं करेगी प्रोटेस्ट

Redmi Note 17 Pro Max 5G India Launch: भारत में जल्द दस्तक देगा Xiaomi का नया स्मार्टफोन, 10,000mAh बैटरी समेत मिलेंगे ये दमदार फीचर्स

नेपाल बाढ़ की तबाही का खौफनाक मंजर: एक घर के मलबे से मिले 23 शव, 4000 से ज्यादा लोग अब भी लापता

सभी देखें

Air Marshal Jeetendra Mishra : कौन हैं जितेंद्र मिश्रा, जो होंगे राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO

Vivo T5 Price: ₹34,999 में लॉन्च हुआ Vivo का धांसू फोन, 7050mAh बैटरी और 144Hz कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले ने मचाई हलचल

क्या और भड़केगी US-Iran जंग? रूस ने किया ईरान का समर्थन

LIVE: राम मंदिर ट्रस्ट में 3 नए सदस्य शामिल, कुछ ही देर में नए CEO का एलान

यूपी चुनाव से पहले AIMIM को बड़ा झटका, सैयद असीम वकार कांग्रेस में शामिल

अगला लेख