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संकष्टी चतुर्थी : इस चतुर्थी की 4 पौराणिक कथाएं

गुरुवार,मई 19, 2022
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17 मई 2022 को नारद जयंती है। हिन्‍दू मान्‍यताओं के अनुसार नारद मुनि का जन्‍म सृष्टि के रचयिता ब्रह्माजी की गोद से हुआ था। ब्रह्मवैवर्तपुराण के मतानुसार ये ब्रह्मा के कंठ से उत्पन्न हुए थे। जोभी हो नारद को ब्रह्मा के मानस पुत्रों में से एक माना गया ...
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हिरण्यकश्यप ने प्रभु भक्तों पर अत्याचार करना शुरू कर दिया, लेकिन भक्त प्रहलाद के जन्म के बाद हिरण्यकश्यप उसकी भक्ति से भयभीत हो जाता है, उसे मृत्युलोक पहुंचाने के लिए प्रयास करता है।
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पौराणिक ग्रंथों में देवी यशोदा (Yashoda) को नंद की पत्नी कहा गया है। भागवत पुराण में यह कहा गया है देवकी के पुत्र भगवान श्री कृष्ण का जन्म देवकी के गर्भ से मथुरा के राजा कंस के कारागार में हुआ।
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वर्ष 2022 में 9 मई, दिन सोमवार को मां बगलामुखी जयंती मनाई जा रही है। यहां पढ़ें पौराणिक और प्रामाणिक कथा एवं माहात्म्य-
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Ganga Saptami Janhvi Katha धार्मिक शास्त्रों के अनुसार गंगा सप्‍तमी के विषय में एक प्रचलित कथा है। इसके अनुसार एक बार गंगा जी तीव्र गति से बह रही थी। Ganga Saptami Story
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Parashuram Jayanti 2022: भगवान परशुराम का आज जन्मोत्वस है। वे भी हनुमानजी की तरह चिरंजीवी हैं। उन्हें अपने पिता से अमरता का वरदान मिला था। उनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने 21 या 36 बार धरती को छत्रियों से विहिन कर दिया था, लेकिन इस बात में ...
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Parashuram Jayanti 2022 : परशुराम की जयंती वैशाख शुक्ल तृतीया को आती है। इस बार यह जयंती 3 मई 2022 को मनाई जाएगी। परशुरामजी के बारे में दो कथाएं ज्यादा प्रचलित है। पहली तो यह कि उन्होंने धरती पर से 36 बार छत्रियों का नाश कर दिया था। दूसरी यह कि ...
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सुदामा ने देखा कि उनके टूटे-फूटे झोपड़े के स्थान पर एक भव्य महल खड़ा था और उनकी गरीब पत्नी और बच्चे अच्‍छे वस्‍त्रों में मिले थे। यह देखकर सुदामा समझ गए कि ये सब श्रीकृष्‍ण की ही कृपा से हुआ है। यही वजह है कि अक्षय तृतीया पर आज भी साफ मन से दान और ...
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World Earth Day 2022: जिस तरह शनिदेव को हमने शनि ग्रह से जोड़कर देखा उसी तरह पृथ्‍वीदेवी को हमने पृथ्‍वी से जोड़कर देखा। आओ जानते हैं कि पुराणों के अनुसार कौन हैं धरती माता।
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10 Maha Avatars of Vishnu : यूं तो श्रीहरि भगवान विष्णु 24 अवतारों की कथा का उल्लेख मिलता है। उनके सबसे पहले अवतार श्री सनकादि मुनि थे और अंतिम अवतार कल्कि होंगे। आओ जानते हैं 24 में से 10 महावतारों यानी कि दशावतार की पौराणिक एवं प्रामाणिक कथाएं।
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केसरी नंदन का जन्म कैसे हुआ?

मंगलवार,अप्रैल 19, 2022
Hanuman janmotsav 2022: 16 अप्रैल शनिवार को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। जन्म कथा (Hanuman janam katha) हमें पुराणों में भिन्न-भिन्न रूप में मिलती है। उनकी माता का नाम अंजनी और पिता का नाम केसरी था।
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Kachhap avatar jayanti 2022 : भगवान विष्णु के 24 अवतारों में से एक है कच्छप अवतार। कच्छप यानी कछुआ। उन्होंने कछुए के रूप में अवतार लिया था। कहते हैं कि वैशाख माह की पूर्णिमा को उन्होंने ये अवतार लिया था। श्रीहरि विष्णु के इस अवतार को कूर्म अवतार भी ...
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हनुमान जी का जन्म कहां और कैसे हुआ?केसरी नंदन का जन्म कैसे हुआ? कहां और कैसे हुआ बजरंगबली का जन्म....सभी सवालों का जवाब मिलेगा इस लेख में....hanuman birth story in hindi ...Hanuman Janam Katha in Hindi : हनुमान जी की जन्म कथा
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गणेश पुराण के उपासना खंड के 60वें अध्याय में 'अंगारक चतुर्थी' माहात्म्य की कथा (angarika chaturthi katha) वर्णित है। कथा इस प्रकार है- पृथ्वीदेवी ने महामुनि भरद्वाज के जपापुष्प तुल्य अरुण पुत्र का पालन किया। 7 वर्ष के बाद उन्होंने उसे महर्षि के पास ...
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कथा- शीतला पर्व पर पढ़ी और सुनाई जाने वाली इस कथा के अनुसार, इंद्र द्युम्न नामक एक राजा था। वह एक उदार और गुणी राजा था। उसकी एक पत्नी थी जिसका नाम प्रमिला और पुत्री का नाम शुभकारी (raajakumaaree shubhakaaree) था।
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Mythology And Astrological Significance of Holashtak: होली और अष्टक अर्थात होलाष्टक। होली के 8 दिन पहले के दिनों को होलाष्‍टक कहते हैं जो कि अशुभ माने जाते हैं। इस बार 10 मार्च 2022 गुरुवार से 17 मार्च रात्रि तक होलाष्‍टक रहेगा। आओ जानते हैं ...
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होली 2022: होली का त्योहार हम कई कारणों से मनाते हैं जिसमें एक कारण है विष्णु भक्त प्रहलाद की कथा। कहते हैं कि जिस दिन हरिण्यकश्यप की बहन होलिका भक्त प्रहलाद को गोदी में लेकर अग्नि कुंड में बैठने वाली थी, उस दिन नगर के सभी लोगों ने अपने घर-घर में ...
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Holashtak 2022: 10 मार्च 2022 से प्रारंभ हो रहा है होलाष्टक। फाल्गुन माह में शुक्ल अष्टमी से लेकर पूर्णिमा तक यानी होलिका दहन के दिन तक 8 अशुभ दिन माने गए हैं, जिसे होली अष्टक यानी होलाष्‍टक कहते हैं। मान्यता है कि होलाष्टक में कुछ विशेष उपाय करने ...
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holashtak ki pauranik katha in hindi होलिका दहन से पहले के 8 दिनों को होलाष्टक कहा जाता है। प्रतिवर्ष फाल्गुन शुक्ल अष्टमी तिथि से लेकर फाल्गुन पूर्णिमा ​तक होलाष्टक पर्व माना जाता है। इस वर्ष 10 मार्च से होलाष्टक (Holashtak 2022) लग रहा है, जो कि ...
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