Daily Horoscope
✕

कच्छपावतार : भगवान विष्णु ने क्यों लिया था कछुए का अवतार

Updated: शनिवार, 16 अप्रैल 2022 (17:05 IST)
Kachhap avatar jayanti 2022 : भगवान विष्णु के 24 अवतारों में से एक है कच्छप अवतार। कच्छप यानी कछुआ। उन्होंने कछुए के रूप में अवतार लिया था। कहते हैं कि वैशाख माह की पूर्णिमा को उन्होंने ये अवतार लिया था। श्रीहरि विष्णु के इस अवतार को कूर्म अवतार भी कहते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 17 अप्रैल 2022 को उनका प्रकटोत्सव मनाया जाएगा। आओ जानते हैं कि उन्होंने क्यों लिया था यह कूर्मावतार।
 
 
कच्छप अवतार की पौराणिक कथा (Legend of Kachhap Avatar) : दुर्वासा ऋषि ने अपना अपमान होने के कारण देवराज इन्द्र को ‘श्री’ (लक्ष्मी) से हीन हो जाने का शाप दे दिया। भगवान विष्णु ने इंद्र को शाप मुक्ति के लिए असुरों के साथ 'समुद्र मंथन' के लिए कहा और दैत्यों को अमृत का लालच दिया। तब देवों और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया।
 
देवताओं की ओर से इंद्र और असुरों की ओर से विरोचन प्रमुख ते। समुद्र मंथन के लिए सभी ने मिलकर मदरांचल पर्वत को मथानी एवं नागराज वासुकि को नेती बनाया। परंतु नीचे कोई आधार नहीं होने के कारण पर्वत समुद्र में डूबने लगा। यह देखकर भगवान विष्णु ने विशाल कछुए का रूप धारण करके समुद्र में उतरे और उन्होंने अपनी पीठ पर में मंदराचल पर्वत को रख लिया। इस तरह वे आधार बन गए। 
 
भगवान कच्‍छप की विशाल पीठ पर मंदराचल तेजी से घूमने लगा और इस प्रकार समुद्र मंथन संपन्न हुआ। समुद्र मंथन करने से एक-एक करके रत्न निकलने लगे। कुल 14 रत्न निकले। 14वां रत्न अमृत से भरा सोने का घड़ा था जिसके लिए देवता और असुरों में युद्ध प्रारंभ हो गया तब इन्हीं भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण करके देवता और असुरों को अमृत बांटने का कार्य किया था।

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

वक्री शनि के चलते 4 राशियों को मिलेगा 11 दिसंबर तक फायदा, जल्दी से निपटा लें काम

शुक्र का चित्रा नक्षत्र में प्रवेश: सूर्य-शुक्र युति से 12 राशियों के जीवन में आएंगे बड़े बदलाव

सूर्य गोचर 2026: तुला राशि में प्रवेश से दिवाली पर इन राशियों को मिलेगा बड़ा सरप्राइज

Vijayadashami 2026: दशहरा पर अपराजिता देवी पूजा, शस्त्र पूजा, रावण दहन और वाहन खरीदी के शुभ मुहूर्त व संपूर्ण विधि

Diwali Lakshmi puja 2026: दिवाली कब है, कब करें लक्ष्मी पूजा?

अगला लेख