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अमलनेर के श्री मंगल ग्रह मंदिर में अंग्रेजी वर्ष के अंत में श्रद्धालुओं ने की अनूठी मिसाल पेश

Updated: गुरुवार, 5 जनवरी 2023 (14:28 IST)
अमलनेर: Amalner। जलगांव के पास अमलनेर में स्थित श्री मंगल ग्रह मंदिर विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों और शैक्षिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए भी प्रसिद्ध है। इसी पृष्ठभूमि में मंगल ग्रह सेवा संस्था ने 31 दिसंबर को अंग्रेजी वर्ष के अंत में पश्चिमीकरण का प्रभाव दूर करने की अनूठी पहल की जो कि बहुत ही सराहनीय मानी जा रही है।
 
मंदिर में शाम से ही सुंदरकांड व भजन व कीर्तन का दौर चल रहा था। जब अनेक जगहों पर डीजे की तीखी आवाज पर लाखों लोग नशे में चूर होकर थिरक रहे थे तभी यहां कई पुरुष और महिलाएं भक्तिमय ताल पर मंदिर में भक्ति रस में डूबकर नृत्य कर रहे थे। तालियां बजाकर एक दूसरे का हौसला बढ़ा रहे थे। फुगडी खेल रहे थे। 31 दिसंबर को जहां कई जगहों पर जमकर शराब पी गई, वहीं मंदिर में श्रद्धालु मसालेदार दूध का पारंपरिक आनंद ले रहे थे। सोशल मीडिया पर एक छोटी सी अपील के बाद भी न केवल स्थानीय बल्कि दूसरे गांवों से भी कई भक्तों ने मंदिर में हाजिरी लगाई।
सामाजिक कार्यकर्ता नीलेश महाजन सपत्निक श्री हनुमान महापूजा के मानकरी थे। मंदिर के पुजारी प्रसाद भंडारी, तुषार दीक्षित, जयेंद्र वैद्य, गणेश जोशी, अक्षय जोशी, मंदार कुलकर्णी ने सुंदरकांड का पाठ किया। उनका सहयोग सारंग पाठक, शुभम वैष्णव, वैभव जोशी (पाचोरा), दिवेश जोशी (धुले) ने किया। साथ ही शहर के जूना जाणता और प्रसिद्ध संगीत समूह के किशोर देशपांडे ने हारमोनियम, देवांशु गुरव ने ढोल और गंगाधर कढरे ने ऑक्टोपैड पर संगत देकर कई भक्ति गीत, भजन और कीर्तन प्रस्तुत किए। इस मौके पर विशेष सजावट की गई।
 
मंगल ग्रह सेवा संस्था के अध्यक्ष दिगंबर महाले, उपाध्यक्ष एस. एन. पाटिल, सचिव एस. बी. बाविस्कर, सहसचिव दिलीप बहिरम, ट्रस्टी जयश्री साबे, सेवक आशीष चौधरी, उमाकांत हिरे, राहुल पाटिल, आर. जे. पाटिल, एम. जी. पाटिल, जी.एस. चौधरी सहित कई भक्तगण उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन महाआरती के साथ हुआ।

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