Hanuman Chalisa

पाकिस्तान में यहां शिव जी के आंसू से बना था अमृत कुंड, जानिए कटासराज शिव मंदिर का अद्भुत इतिहास

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 19 मई 2025 (15:53 IST)
katas raj mandir Pakistan: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के चकवाल जिले में, एक ऐसा प्राचीन और पवित्र स्थल है जो सदियों से हिन्दू आस्था और इतिहास का साक्षी रहा है। यह है  कटास राज शिव मंदिर। यह सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि पौराणिक कथाओं, ऐतिहासिक महत्व और अटूट आस्था का प्रतीक है। हालांकि, भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के कारण भारतीय हिंदुओं के लिए यहाँ तक पहुँचना अक्सर एक कठिन यात्रा बन जाती है, फिर भी यह मंदिर पौराणिक मान्यता के कारण हिन्दू धर्म में विशेष महत्त्व रखता है ।

क्या है कटास राज शिव मंदिर का इतिहास?
कटास राज मंदिर परिसर कई छोटे मंदिरों का समूह है, जो भगवान शिव को समर्पित हैं। इसका इतिहास कई हज़ार साल पुराना माना जाता है, और यह हिंदू धर्म के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल रहा है। 'कटास' शब्द संस्कृत के 'कटाक्ष' से लिया गया है, जिसका अर्थ है 'आँखों से आँसू'। यह नाम इस मंदिर के साथ जुड़ी सबसे प्रसिद्ध पौराणिक कथा से आता है।

ALSO READ: क्यों चर्चा में है पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हिन्दुओं का पवित्र शक्तिपीठ हिंगलाज माता मंदिर, जानिए पौराणिक महत्त्व

शिव जी के आँसू से बने कटास कुंड की पवित्र कहानी
इस प्राचीन मंदिर परिसर के केंद्र में एक पवित्र झील है जिसे कटास कुंड के नाम से जाना जाता है। लोककथाओं के अनुसार, जब देवी सती ने अपने पिता दक्ष के यज्ञ कुंड में स्वयं को भस्म कर लिया था, तब भगवान शिव गहरे शोक में डूब गए थे। उनके दुख और क्रोध से निकले आँसुओं की दो बूंदें पृथ्वी पर गिरीं – एक बूंद राजस्थान के पुष्कर में गिरी, जिससे पुष्कर झील बनी, और दूसरी बूंद कटास में गिरी, जिससे यह पवित्र कटास कुंड का निर्माण हुआ। माना जाता है कि इस कुंड का जल अमृत समान पवित्र है और इसमें स्नान करने से पाप धुल जाते हैं। इसी कारण इसे अमृत कुंड भी कहा जाता है।

कटास राज का ऐतिहासिक और शैक्षिक महत्व
पौराणिक महत्व के साथ-साथ, कटास राज का एक समृद्ध ऐतिहासिक और शैक्षिक इतिहास भी है।
  भारत के विभाजन से पहले, यह मंदिर हिंदुओं के लिए एक जीवंत तीर्थ और सांस्कृतिक केंद्र था। हालांकि विभाजन के बाद भी यह पाकिस्तान में रह रहे हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है।
अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (13 सितंबर, 2026)

13 September Birthday: आपको 13 सितंबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 13 सितंबर 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

Ganesh chaturthi 2026: गणेश पूजा एवं स्थापना का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, मंत्र, नियम और उपाय

श्री गणेश जी की आरती| ganesh ji ki aarti

अगला लेख