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कितने संडे तक रखें रविवार का व्रत और क्यों रखना चाहिए, जानिए

Updated: शनिवार, 30 जनवरी 2021 (16:29 IST)
हिन्दू धर्म में गुरुवार के बाद रविवार के सबसे उत्तम दिन माना जाता है। रविवार को लगभग सभी लोगों की छुट्टी रहती है। इस दिन लोग शॉपिंग करते हैं और घुमने-फिरने जाते हैं। कई लोग इस दिन सोते रहते हैं और अपनी थकान भी मिटाते हैं। परंतु रविवार का खासा महत्व होता है जिसे कम ही लोग जानते हैं और रविवार को यूं ही जाया कर देते हैं। हिन्दू धर्म के अनुसार रविवार भगवान विष्णु और सूर्यदेव का दिन भी है। इस दिन उन्हीं की आराधना करना चाहिए। हिन्दू धर्म में इसे सर्वश्रेष्ठ वार माना गया है।
 
 
कितने रविवार रखें व्रत :  सूर्य का व्रत रविवार एक वर्ष या 30 रविवारों तक अथवा 12 रविवारों तक करना चाहिए। रविवार को एक समय व्रत रखकर उत्तम भोजन या पकवान बनाकर खाना चाहिए जिससे शरीर को भरपुर ऊर्जा मिलती है। भोजन में नमक का उपयोग उपर से ना करें और सूर्यास्त के बाद नमक ना खाएं। इससे स्वास्थ्य पर असर पड़ता है और हर कार्य में बाधा आती है। खासकर लोग इस दिन चावल में दूध और गुड़ मिलाकर खाते हैं जिससे सूर्य के बुरे प्रभाव दूर होते हैं।

 
क्यों रखना चाहिए : अच्छा स्वास्थ्य व तेजस्विता पाने के लिए रविवार के दिन उपवास रखना चाहिए। रविवार का व्रत करने व कथा सुनने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मान-सम्मान, धन-यश तथा उत्तम स्वास्थ्य मिलता है। जीवन में सुख-समृद्धि, धन-संपत्ति और शत्रुओं से सुरक्षा के लिए रविवार का व्रत सर्वश्रेष्ठ है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जातक की कुंडली में सूर्य की स्थिति ठीक न हो तो उसे समाज में मान-सम्मान नहीं मिलता है। उसे जीवनभर कष्ट रहता है। उसके जीवन में खुशहाली नहीं आ पाती। इसीलिए रविवार के दिन व्रत करने का महत्व बढ़ जाता है।
 

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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