sundarkand

18 सितंबर 2020 से अधिकमास शुरू, जानिए महत्व,15 दिन शुभ संयोग

Updated: गुरुवार, 17 सितम्बर 2020 (14:42 IST)
सर्वार्थसिद्धि से अमृतसिद्धि योग तक, इस साल अधिक मास में बन रहे कई शुभ संयोग
 
17 सितंबर को श्राद्ध खत्म होने के बाद 18 सितंबर से अधिकमास शुरू होंगे। अधिकमास 16 अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद 17 अक्टूबर से नवरात्रि मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल आश्विन मास में अधिकमास है। जिसका अर्थ है कि इस साल दो आश्विन मास होंगे। आश्विन मास में नवरात्रि, दशहरा जैसे त्योहारों को मनाया जाता है। इस साल अधिकमास में कई शुभ संयोग बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, अधिकमास में 15 दिन शुभ संयोग बन रहे हैं।
 
शुभ  योग :  अधिकमास के दौरान सर्वार्थसिद्धि योग 9 दिन, द्विपुष्कर योग 2 दिन, अमृतसिद्धि योग एक दिन और दो दिन पुष्य नक्षत्र का योग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, अधिकमास में सर्वार्थसिद्धि योग बनने से लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। जबकि द्विपुष्कर योग में किए गए कार्यों का फल दोगुना मिलता है। इसके अलावा पुष्य नक्षत्र खरीदारी के लिए शुभ साबित होगा।
 
अधिकमास को कुछ जगहों पर मलमास के नाम से भी जानते हैं। इसके अलावा इस महीने को पुरुषोत्तम के नाम से भी जानते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, मालिनमास होने के कारण कोई भी देवता इस माह में पूजा नहीं करवाना चाहता था। इस माह का देवता कोई भी नहीं बनना चाहता था। तब मलमास ने स्वयं भगवान विष्णु से निवेदन किया था। तब भगवान विष्णु ने मलमास को अपना नाम पुरुषोत्तम दिया था। तभी से इस माह को पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जानते हैं।
 
जानिए क्यों दिया गया अधिकमास नाम-
 
सूर्य साल 365 दिन और करीब 6 घंटे का होता है। जबकि चंद्र वर्ष 354 दिनों का होता है। दोनों सालों के बीच करीब 11 दिनों का अंतर होता है। ये अंतर हर तीन साल में करीब एक माह के बराबर हो जाता है। इसी अंतर को दूर करने के लिए तीन साल में एक चंद्र मास अतिरिक्त आता है। इस अतिरिक्त होने की वजह से अधिकमास का नाम दिया गया।
ALSO READ: Adhik maas 2020: अधिक/ पुरुषोत्तम मास, जानें कब व कैसे होता है?

ALSO READ: Adhik maas : क्या है अधिकमास, कब आता है, जानिए इसका पौराणिक आधार

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

नाग पंचमी पर इन 5 उपायों से दूर होंगे कालसर्प और पितृदोष के दोष, जानें विधि

भारत में सूर्य ग्रहण का नजारा नहीं दिखेगा, लेकिन इन राशियों पर पड़ेगा असर, रहें सावधान

क्या सूर्य और चंद्र ग्रहण से आते हैं भूकंप? पुराने रिकॉर्ड से समझिए सच और क्या है आने वाली तबाही का दावा

अंक-दर्शन : रसोई के मसाले और ग्रहों का रहस्य (भाग–7 दालचीनी)

11 August Birthday: आपको 11 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

अगला लेख