विजयन के नेतृत्व ने केरल में एलडीएफ को यूडीएफ पर शानदार जीत दिलाई

Last Updated: सोमवार, 3 मई 2021 (13:04 IST)
कोच्चि। मुख्यमंत्री का दशकों का राजनीतिक कौशल उनके नेतृत्व वाले को रविवार को घोषित विधानसभा चुनाव परिणाम में मिली का एक प्रमुख कारण है। राज्य में करीब 4 दशक से एलडीएफ और 1-1 कार्यकाल के लिए सत्ता में आते थे, ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी गठबंधन ने लगातार 2 बार चुनाव जीता है। राज्य विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 6 अप्रैल को हुए थे।
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वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की इस ऐतिहासिक जीत के लिए कई कारक जिम्मेदार हैं जिनमें सरकार की ओर से मुफ्त में चावल बांटने, कोविड-19 का बेहतर प्रबंधन जैसी तमाम चीजें शामिल हैं। कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी और भाजपा की परंपरागत वाम विरोधी नीतियों ने भी एलडीएफ को आसानी से जीतने में मदद की है। एलडीएफ ने 140 में से 87 सीटें जीती हैं।
चुनाव के अंतिम परिणाम देर से आने की आशा है। वहीं चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। भाजपा नीत राजग ने केरल में कम से कम 35 सीटें जीतने का दावा किया था लेकिन रविवार को आए परिणामों में पार्टी का पत्ता पूरी तरह साफ दिख रहा है। यहां तक कि पार्टी के लोकप्रिय उम्मीदवार ई. श्रीधरन और पार्टी के राज्य प्रमुख के. सुरेन्द्रन भी जीत नहीं सके हैं। (भाषा)



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