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Thu, 20 Aug 2026

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पत्थरबाजों ने आतंकी कमांडर जाकिर मूसा को बचाया

Stonemaker
श्रीनगर। हिजबुल मुजाहिद्दीन का पूर्व कमांडर जाकिर मूसा सुरक्षा बलों को चकमा देकर भागने में कामयाब हो गया है। सुरक्षाबलों को खबर मिली थी वह शुक्रवार शाम को अपने त्राल के नूरपोरा के अपने पैतृक इलाके के एक घर में छुपा हुआ है। सुरक्षा बलों को खबर मिली थी कि मूसा अपने सहयोगी के साथ एक घर में मौजूद है। जब सुरक्षा बल वहां पहुंचे तो पत्थरबाजों ने उन्हें रोकने की पूरी कोशिश की। स्थानीय पत्थरबाज मूसा और उसके सहयोगी को वहां से भागने में मदद करने की कोशिश करने लगे। कुछ घंटों बाद पत्थरबाजी रुक गई।
 
खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ऐसा इसलिए हुआ होगा कि शायद आतंकवादियों ने पत्थरबाजों को यह संदेश दे दिया होगा कि वे भागने में कामयाब हो गए हैं। जिस घर में मूसा के होने का संदेह था वहां से कोई गोलीबारी नहीं हुई। 
 
सुरक्षाबलों ने हालांकि अपनी ओर से पुख्ता तैयारी कर रखी थी। अगर आतंकवादी घर से भागकर निकलने में कामयाब हो जाते तो उन्हें रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने चार गांवों की घेराबंदी कर रखी थी। इसमें पीर मोहल्ला, शाह मोहल्ला, डागरपोरा और नूरापोरा शामिल थे।
 
पुलिस ने कहा कि नूरपोरा में घेराबंदी जारी रहनी चाहिए। हालांकि इस बीच रिपोर्ट्स हैं कि मूसा सुरक्षाबलों को चकमा देकर भागने में कामयाब हो गया है लेकिन इसकी आधिकारिक सूचना अभी नहीं मिली है। 
 
शीर्ष खुफिया सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि जब सुरक्षा बलों ने उस इलाके की घेराबंदी की तब मूसा अपने सहयोगी के साथ उस घर में ही मौजूद था। मूसा ने हिजबुल मुजाहिद्दीन से अलग होने के बाद अल-कायदा के सहयोग के अंसार गजवा-उल-हिंद नाम का अपना खुद का आतंकी संगठन बनाया है।
 
दूसरी ओर पैरा कमांडोज की मदद से सेना ने कुपवाड़ा में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। नार्थ कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के कालारूस में शुक्रवार रात को 41 आरआर के मुख्यालय पर आतंकियों के हमले के बाद सेना ने जंगलों का चप्पा-चप्पा छान मारा।
 
इसमें सेना ने पैरा कमांडोज की मदद भी ली। मुख्यालय पर हमले के दौरान सेना और आतंकियों के बीच करीब दस मिनट तक गोलीबारी हुई। इस हमले में 1 जैक राइफल का एक जवान भी घायल हो गया है। घायल जवान को श्रीनगर के द्रगमुला आर्मी अस्पताल भर्ती किया गया है। हमले के फौरन बाद सेना ने कालारूस के कुनाड, कन्नी बहक, मनीगाह और चाट जंगल क्षेत्र को घेर कर तलाशी अभियान चलाया।
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