जबरन धर्मांतरण की शिकायत, जांच में जुटी पुलिस

बागपत| पुनः संशोधित सोमवार, 5 जनवरी 2015 (17:33 IST)
बागपत। एक व्यक्ति ने अपना तथा अपने परिवार के सदस्यों का जबरन कराए जाने का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है। अलबत्ता पुलिस मामले को प्रथम दृष्ट्या संदिग्ध मान रही है। मामला उत्तरप्रदेश के बागपत जिले का है।
बड़ौत के थानाध्यक्ष राजेश वर्मा ने सोमवार को यहां बताया कि दोघट क्षेत्र के गढ़ी कांगरान गांव निवासी शीशपाल ने रविवार को थाने में दी गई तहरीर में बागपत निवासी अबुल हसन तथा शामली जिले के रहने वाले असगर के खिलाफ 5 साल पहले उसका तथा उसके परिवार का जबरन धर्मांतरण कराए जाने का मुकदमा दर्ज कराया है।

उन्होंने बताया कि दर्ज रिपोर्ट के अनुसार करीब 5 साल पहले अबुल हसन तथा शामली निवासी चिकित्सक असगर ने उसे तथा उसके परिवार को बंधक बनाकर जबरन धर्म परिवर्तन करा दिया और उसका नाम अब्दुल्ला, जबकि उसकी बेटी तनु (10) का नाम आयशा, बड़े बेटे मुकुल (15) का नाम सलमान और शिवम (13) का नाम समीर रख दिया था।
वर्मा ने बताया कि पाल का आरोप है कि धर्मांतरण के बाद आरोपियों ने उसे बेटी तनु के साथ खतौली के एक मदरसे में जबकि बेटे मुकुल को अजमेर और शिवम को पंचकुला के मदरसे में भेज दिया।

उन्होंने बताया कि पाल ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उसका निकाह बिहार की रहने वाली रूबी नामक महिला से करा दिया, जो अब भी उसके साथ रह रही है। उसके अनुसार कुछ दिन पहले वह मौका पाकर खतौली के मदरसे से अपनी बेटी के साथ भाग आया और अपने बेटों को भी उनके मदरसों से निकालकर बड़ौत लेकर आ गया।
थानाध्यक्ष के अनुसार तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है। हालांकि प्रथम दृष्ट्या मामला फर्जी लग रहा है। अगर 5 साल पहले जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया था तो अब तक कथित घटना के शिकार व्यक्ति के परिवार के किसी सदस्य या फिर किसी जानने वाले व्यक्ति ने पुलिस को इसकी सूचना क्यों नहीं दी? (भाषा)



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