छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का विरोधी सप्ताह
Publish Date: Sat, 6 May 2017 (18:56 IST)
Updated Date: Sat, 6 May 2017 (19:03 IST)
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सली 6 मई से 12 मई तक दमन विरोधी सप्ताह मना रहे हैं। नक्सलियों ने बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों में पर्चें भी फेंके हैं।
नक्सलियों द्वारा फेंके गए पर्चों में सशस्त्र क्रांति का समर्थन किया गया है। उसमें लिखा गया है कि सशस्त्र क्रांति जिंदाबाद। जमीन जोतने वालों की, सत्ता क्रांतिकारी जनकमेटियों की। इसमें यह भी लिखा गया है कि नक्सलबाड़ी की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में युवक-युवतियों को भर्ती करें।
पुलिस ने ऐहतियात के तौर पर अंदरूनी क्षेत्रों में हाईअलर्ट जारी किया है। सुरक्षा की दृष्टि से विशाखापट्टनम से किरंदुल चलने वाली पैसेंजर ट्रेन को 13 मई तक किरंदुल तक न भेजकर जगदलपुर में ही रोकने का फैसला किया गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों सुकमा जिले के बुर्कापाल में नक्सली हमले में 25 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे।
सहायक जेलर निलम्बित : बस्तर के हालात के बारे में विवादित टिप्पणी करने वाली रायपुर केन्द्रीय जेल की सहायक जेलर वर्षा डोंगरे को राज्य सरकार ने शनिवार को निलंबित कर दिया। सुश्री डोंगरे द्वारा सुकमा जिले के बुर्कापाल नक्सल हमले में सीआरपीएफ के 25 जवानों की शहादत के बाद इस घटना को लेकर देशभर में आक्रोश के बीच फेसबुक पर बस्तर के हालात के बारे में एक विस्तृत टिप्पणी की थी और सुरक्षा बलों के तौर तरीकों पर भी गंभीर सवाल उठाए थे। उनकी इस टिप्पणी को सरकारी सेवक के कार्य आचरण के विरूद्ध मानते हुए कार्रवाई की शिकायत उसी दिन ही मुख्य सचिव विवेक ढांड से की गई थी।