गंगा-यमुना का रौद्र रूप, वाराणसी में सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में

Last Updated: बुधवार, 18 सितम्बर 2019 (10:06 IST)
प्रयागराज। के में गंगा नदी का रौद्र रूप सामने आया है। बाढ़ के कारण शहरी इलाकों और कई गांवों में पानी घुस रहा है। बाढ़ के कारण हजारों घर डूब गए हैं। घरों में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
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प्रयागराज के अलावा बलिया और वाराणसी में भी गंगा नदी उफान पर है और सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। गंगा और यमुना नदियां उफान पर हैं तथा इन नदियों का जलस्तर तेजी से खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। खबरों के अनुसार दोनों नदियां अब खतरे के निशान से 1 मीटर से भी कम नीचे बह रही हैं।
की टीमें राहत और बचाव में जुटी हुई हैं। गंगा और यमुना नदियों की बाढ़ से अब तक 106 परिवार बेघर हो गए हैं। 106 परिवारों के 600 लोगों ने 5 बाढ़ शिविरों में शरण ली।

ये गांव हुए प्रभावित : दारागंज, छोटा बघाड़ा, चांदपुर सलोरी, सलोरी, शिवकुटी, तेलियरगंज, मेहंदौरी, रसूलाबाद, बेली गांव, बेली कछार, राजापुर, नेवादा, गौसनगर, करैलाबाग, नैनी, झूंसी और फाफामऊ के कछारी इलाकों में बाढ़ से परेशानी हो रही है। बाढ़ से कई मोहल्ले और तटीय इलाके हुए जलमग्न हैं। गंगा नदी के फाफामऊ में जलस्तर 84.28 मीटर तक पहुंच गया है, वहीं नैनी में यमुना नदी का जलस्तर 84.12 मीटर है जबकि दोनों नदियों का डेंजर लेवल 84.734 मीटर है।

 

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