चक्रवाती तूफान ताउते के असर से उत्तराखंड में बारिश से 4 लोगों की मौत, 2 लापता

निष्ठा पांडे| Last Updated: गुरुवार, 20 मई 2021 (15:21 IST)
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देहरादून। चक्रवाती ताउते का असर में बारिश से नुकसान में भी सामने आने लगा है। सड़कें जलमग्न हो रही हैं। के दौरान उत्तराखंड में 4 लोगों की हो गई, 2 लापता हैं और 2 लोग घायल हो गए।
नैनीताल जिले में भवाली में भीमताल रोड स्थित नगारी गांव में एक निर्माणाधीन मकान की सुरक्षा दीवार टूटकर नीचे घर में घुस गई, जिससे घर में सो रहे दो लोग मलबे में दब गए। जानकारी के अनुसार बीती रात से हो रही मूसलधार बारिश से नगारी गांव निवासी प्रीति भल्ला पत्नी जनरल अमरजीत सिंह भल्ला के घर में गुरुवार सुबह निर्माणाधीन मकान की सुरक्षा दीवार गिर गई।

आनन-फानन में

प्रीति भल्ला और उनके साथ घर में मौजूद रिश्तेदार ने बाथरूम में जाकर अपनी जान बचाई। सुबह रेस्क्यू कर दोनों को सीएचसी भेजा गया। प्रीति भल्ला को ज्यादा चोटें लगने से हल्दवानी स्थित खुराना हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है।

उधमसिंह नगर जिले के बाजपुर में केलाखेड़ा के निकट गांव रम्पुरा काजी स्थित कच्चे मकान की दीवार धराशायी हो गई। अंदर सो रहे दो लोगों की दबकर मौत हो गई। गुरुवार सुबह पांच बजे तेज हवा और बारिश के चलते गांव रम्पुरा काजी में एक कच्चे मकान की दीवार अचानक धराशायी हो गई। कच्चे मकान के अंदर सो रहे शंकर (28) निवासी ट्रांजिट कैंप रुद्रपुर और मुकेश (40) निवासी खेड़ा रुद्रपुर की दबकर मौत हो गई।

सूचना पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। एसडीएम विवेक प्रकाश, सीओ वंदना वर्मा, एसओ बीसी जोशी ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचायत नामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हल्दवानी में गौला का जलस्तर अत्यधिक बढ़ने से गौला बैराज से भी पानी छोड़ा गया। उप जिलाधिकारी विवेक राय ने सुबह ही लोगों से गौला नदी से दूर रहने का आह्वान कर दिया था।

देहरादून जिले के चकराता क्षेत्र में बादल फटने से दो लोगों की मौत हो गई और दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। चकराता तहसील के अंतर्गत क्वांसी के पास खेड़ा बिजनाड़ में कोल्हा निवासी कुछ ग्रामीण किसानों की छानियां है। गुरुवार सुबह अतिवृष्टि के कारण बादल फटने से बिजनाड़ में रह रहे स्थानीय ग्रामीण कालिया, फंकियारु व गुंता नामक तीन ग्रामीण परिवारों की छानी पर पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा आ गया, जिसकी चपेट में आने से मुन्ना दास और एक बच्ची की मौत हो गई।

एक बच्ची सहित दो लोग और लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीणों के पशु और मवेशी भी मलबे के नीचे दब गए। घटना की सूचना के तुरंत बाद एसडीएम संगीता कनौजिया के निर्देशन में तहसीलदार पूरण सिंह तोमर के नेतृत्व में चकराता से एसडीआरएफ की टीम मौके के लिए रवाना की गई है। घटनास्थल सड़क मार्ग से 2 किमी दूर पैदल है।

आसपास के लोग राहत और बचाव कार्य में जुट गए हैं।मसूरी-देहरादून मार्ग गलोगी पावर हाउस के पास मलबा गिरने से बाधित हो गया है, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग ने आज रेड अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। कल (21 मई) से बारिश में कमी होने लगेगी।

पर्वतीय क्षेत्रों में ही कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना है।चमोली जिले में बद्रीनाथ हाइवे पर लामबगड़ के पास गदेरा (बरसाती नाला) उफान पर आ गया। इसका पानी हाइवे पर गुजरने लगा। ऐसे में एक ट्रक फंस गया। चालक ने किसी तरह भागकर जान बचाई। लगातार बारिश के चमोली जिले में पड़गासी, पटुडी और लामबगड़ के ग्रामीण दहशत में हैं।

बद्रीनाथ और केदारनाथ की चोटियों पर हिमपात की भी सूचना है। केदारनाथ समेत पूरे रुद्रप्रयाग जिले में बारिश हो रही है। देहरादून और मसूरी समेत नैनीताल में लगातार बारिश से मौसम ठंडा हो गया है।पिथौरागढ़ में तवाघाट-लिपुलेख मार्ग गर्बाधार के पास मलबा आने से बंद हो गया है। जिले के अन्य सभी मार्ग यातायात के लिए खुले हैं।भारी बारिश से कच्चे मार्गों पर पानी भरने के चलते पिथौरागढ़ जिले के कई कच्चे मार्ग दलदल बन चुके हैं।

मुनस्यारी सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बारिश हुई है। मुनस्यारी में तेज बारिश तथा हिमालय की चोटियों सहित छिपलाकेदार एवं अन्य चोटियों पर हिमपात होने से फरवरी जैसी ठंड पड़ रही है। उधर धारचूला के निचले इलाकों में बारिश हो रही है। उच्च हिमालयी व्यास और दारमा की चोटियों पर हिमपात की भी सूचना है।



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