हथिनी जो कैनवास पर करती है पेंट...

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित सोमवार, 25 अगस्त 2014 (17:49 IST)
हमें फॉलो करें
FILE
नई दिल्ली। अत्याचार करने वाले मालिक के कब्जे से छुड़ाई गई और मथुरा में एक पशु आश्रय गृह में रखी गई एक हथिनी फूलकली अब बहुत खुश है और अपनी खुशी का इजहार वह पेंट करके करती है।


फूलकली द्वारा अपने पैरों से कैनवास पर बनाए गए प्रिंट शहर में शुरू होने वाली एक कला प्रदर्शनी में बेचने के लिए रखे गए हैं। इन प्रिंटों की कीमत 9,000 रुपए से लेकर 1.5 लाख रुपए रखी गई है।

‘गणपति से गज’ नामक इस कार्यक्रम से प्राप्त राशि को भारत में हाथी संरक्षण के लिए खर्च किया जाएगा और यह राशि गैरसरकारी संगठन वाइल्ड लाइफ एसओएस को दे दी जाएगी। यह संगठन इन पशुओं का बचाव और पुनर्वास करता है।

वाइल्ड लाइफ एसओएस के सह-संस्थापक कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि फूलकली एक बहुत अच्छे स्वभाव की हथिनी है। वह लगभग 50 साल की है और एक आंख से अंधी है।


यहां लाए जाने से पहले वह जिस मालिक के पास रहती थी वह उससे भीख मंगवाने का काम करता था और विवाह समारोहों में उसका इस्तेमाल करता था। हमें उसकी सेहत ठीक करने में और मनुष्य में उसका विश्वास लौटाने और मजबूत करने में डेढ़ साल का समय लग गया।
सत्यनारायण ने बताया कि उनके दल ने फूलकली को 2012 में एक खाली पड़े गोदाम में जंजीरों से बंधा हुआ पाया था। उन्होंने बताया कि कुछ समय में फूलकली ने विभिन्न पशु प्रबंधकर्ताओं के साथ काम करना शुरू कर दिया और उसे जो खाना और केला दिया जाता था उसे खाने लगी।

भगवान गणेश पर पेंटिंग्स बनाने वाली सिंगापुर की रहने वाली कलाकार अल्पना आहूजा ने पिछले साल वाइल्ड लाइफ एनजीओ के साथ मिलकर उनके वार्षिक कैलेंडर के लिए काम करना शुरू किया था।
आर्टिस्ट ने बताया कि इस परियोजना के बाद हमने कुछ और करने का निर्णय लिया। वहीं से पदचिह्न श्रृंखला की शुरुआत हुई।

फूलकली के साथ काम करने और उसे रंग से रूबरू कराने वाली आहूजा ने बताया कि इसके लिए बहुत समय और धैर्य की आवश्यकता थी। उन्होंने बताया कि उसे केला और गन्ने जैसा खाना अक्सर दिया जाता है।
आहूजा ने बताया कि शुरुआत में हम लोग उसके और उसके महावत के साथ समय व्यतीत करते थे। धीरे-धीरे वह हमसे घुल-मिल गई। मैं यह जरूर कहूंगी कि वह मूडी है। हालांकि, जब हमने उसके पैरों के पास रंग रखा तो देखा कि वह इसका कितना सुन्दर इस्तेमाल करती है। (भाषा)



और भी पढ़ें :