सुनील शेट्टी को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत

जोधपुर| भाषा| पुनः संशोधित मंगलवार, 13 मई 2014 (23:43 IST)
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जोधपुर। बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी को राहत मिलने वाले एक फैसले में राजस्थान उच्च न्यायालय ने उनके खिलाफ उदयपुर में धोखाधड़ी के एक मामले में आगे की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया है।


अदालत की जोधपुर पीठ में न्यायमर्ति बीएल शर्मा ने चार सप्ताह के लिए यह रोक लगाई है। इसके पहले शेट्टी ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध किया था। शेट्टी के खिलाफ फिल्म निर्माता हेमेंद्र सिंह सोलंकी के साथ 21 लाख रुपए की कथित धोखाधड़ी का आरोप है।

उनकी वकील वंदना भंसाली ने कहा, उदयपुर के हिरण मागरी थाने में एक मई को शेट्टी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने के लिए हमने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 482 के तहत अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा, याचिका की सुनवाई कर न्यायमूर्ति बीएल शर्मा ने इस मामले में पुलिस द्वारा आगे की किसी कार्यवाही पर चार हफ्तों तक अंतरिम रोक लगा दी और प्रतिवादी सोलंकी को नोटिस जारी कर यह जवाब देने को कहा कि प्राथमिकी क्यों नहीं रद्द कर दी जाए।


उदयपुर के सोलंकी ने शेट्टी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी कि अभिनेता ने उनके साथ 21 लाख रुपए की कथित धोखाधड़ी की है। उनकी शिकायत के अनुसार दोनों ने एक फिल्म 'मुंबई किसकी है' बनाने के लिए एक समझौता किया था।
शेट्टी ने अपनी फीस के रूप में 71 लाख रुपए की मांग की थी। इससे सहमति जताते हुए सोलंकी ने उन्हें पिछले साल जुलाई में चेक के जरिए 21 लाख रुपए साइनिंग अमाउंट के रूप में दिए। सोलंकी की शिकायत के अनुसार बार-बार अनुरोध किए जाने के बाद भी शेट्टी कभी शूटिंग के लिए नहीं आए और न ही उन्होंने कोई समय दिया।

सोलंकी ने कहा कि उन्होंने नायिका, कोरियाग्रॉफर, गायकों और अन्य सह कलाकारों का चुनाव कर लिया था और उन लोगों ने अपने 'डेट' दे दिए और वे शूटिंग शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे थे।
सोलंकी के अनुसार जब उन्होंने शेट्टी से 21 लाख रुपए की राशि वापस मांगी तो उन्होंने इससे इंकार कर दिया और उन्हें धमकी दी। इसके बाद सोलंकी ने अभिनेता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने शेट्टी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराएं 420, 506 और 120बी के तहत एक मामला दर्ज किया था तथा जांच शुरू की थी। (भाषा)



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