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श्रीराम पंचवटी नासिक में रुके थे, जानिए खास 8 बातें

सोमवार,जनवरी 25, 2021
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प्रभु श्रीराम ने अपने काल में कई लोगों को वरदान और वचन दिया था। उन्होंने भगवान हनुमान और जामवंतजी को भी वचन और वरदान दिया था। आओ जानते हैं कि वो वचन और वरदान क्या थे।
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शोध कुछ और कहते हैं और ग्रंथ कुछ और। हम क्या मानें? वाल्मीकि रामायण में उल्लेख मिलता है कि श्रीराम ने 11000 वर्ष तक अयोध्या में राज किया था। परंतु क्या बताई गई उम्र सही है या कि कालांतर में वाल्मीकि रामायण में कोई हेरफेर किया गया? सवाल कई है परंतु ...
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प्राचीन भारत में रामायण काल को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस काल में मानव अपने वर्तमान स्वरूप में विकसित होने के साथ ही उस काल की कई प्रजातियां लुप्त भी हो रही थी। रामायण काल को भारत का सबसे महत्वपूर्ण काल माना जाता है। आओ जानते हैं इस ...
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चित्रकूट से निकलकर श्रीराम घने वन में पहुंच गए। असल में यहीं था उनका वनवास। इस वन को उस काल में दंडकारण्य कहा जाता था। इस वन में उन्होंने अपने जीवन के लगभग 12 वर्ष से अधिक का समय बिताया था। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओड़िसा और आंध्रप्रदेश के ...
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अंजनीपुत्र हनुमानजी एक कुशल प्रबंधन थे। ज्ञान, बुद्धि, विद्या और बल के साथ ही उनमें विनम्रता भी अपार थी। सही समय पर सही कार्य करना और कार्य को अंजाम तक पहुंचाने का उनमें चमत्कारिक गुण था। आओ जानते हैं कि किस तरह उनमें कार्य का संपादन करने की अद्भुत ...
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प्रभु श्रीराम अयोध्या कब लौटे थे इस पर भले ही विवाद हो सकता हो परंतु प्रभु श्रीराम चौदह वर्ष के वनवास के बाद जब अयोध्या लौटे थे तो अयोध्या वासियों ने श्रीराम के लौटने की खुशी में दीप जलाकर खुशियां मनायी थीं।
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रामचरित मानस के उत्तरकांड में श्रीराम के अयोध्या आगमन पर भव्य स्वागत का उल्लेख मिलता है। कहते हैं कि कार्तिक अमावस्या को भगवान श्रीराम अपना चौदह वर्ष का वनवास पूरा करके अयोध्या लौटे थे। जब प्रभु श्रीराम अयोध्या लौटे तो सभी शहरवासी उनके आगमन के लिए ...
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रावण की यूं तो दो पत्नियां थीं, लेकिन कहीं-कहीं तीसरी पत्नी का जिक्र भी होता है लेकिन उसका नाम अज्ञात है। रावण की पहली पत्नी का नाम मंदोदरी था जोकि राक्षसराज मयासुर की पुत्री थीं। दूसरी का नाम धन्यमालिनी था और तीसरी का नाम अज्ञात है। ऐसा भी कहा जाता ...
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भगवान श्रीराम को सर्वश्रेष्ठ धनुर्धारि माना जाता है। प्रभु श्रीराम कोदंड नाम का धनुष बाण धाण करते थे। कहते हैं कि इस धनुष से जब बाण छोड़ा जाता था तो यह लक्ष्य को भेदकर ही वापस आता था। श्रीराम ने एक बार समुद्र को सूखाने के लिए कोदंड पर प्रत्यंचा चढ़ा ...
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अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि जब रावण कैलाश पर्वत उठा सकता है तो शिव का धनुष कैसे नहीं उठा पाया और भगवान राम ने कैसे उस धनुष को उठाकर तोड़ दिया? आओ इस सवाल का जवाब जानते हैं।
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यह उस समय की बात है जब भगवान शिव से वरदान और शक्तिशाली खड्ग पाने के बाद अहंकारी रावण और भी अधिक अहंकार से भर गया था। वह पृथ्वी से भ्रमण करता हुआ हिमालय के घने जंगलों में जा पहुंचा। वहां उसने एक रूपवती कन्या को तपस्या में लीन देखा। कन्या के रूप रंग ...
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वाल्मीकि कृत रामायण के अलावा रावण के संबंध में कई अन्य ग्रंथों में उल्लेख मिलता है। दक्षिण भारत की रामायणों में रावण के चरित्र के हर पहलु को बताया गया है। रावण के बारे में वाल्मीकि रामायण के अलावा पद्मपुराण, श्रीमद्भागवत पुराण, कूर्मपुराण, महाभारत, ...
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अक्सर लोग पूछते हैं कि क्या रामायण और महाभारत काल में भी मंदिर होते थे या कि वैदिक ऋषि अपने आश्रम में ध्यान करते थे और आम लोग घर में ही पूजा अर्चना करते थे? क्या ब्रह्मनिष्ठ लोग भी पूजा अर्चना करते थे?
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यह रावण का भाई था, जो 6 महीने बाद 1 द‌िन जागता और भोजन करके फ‌िर सो जाता, क्‍योंक‌ि इसने ब्रह्माजी से इंद्रासन की जगह न‌िद्रासन का वरदान मांग ल‌िया था। इसका शरीर विशालकाय था। युद्ध के दौरान क‌िसी तरह कुंभकर्ण को जगाया गया। कुंभकर्ण ने युद्ध में अपने ...
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श्री राम रक्षा स्तोत्र बुध कौशिक ऋषि द्वारा रचित श्रीराम का स्तुति गान है। इसमें प्रभु श्री राम के अनेकों नाम का गुणगान किया है। आ जानते हैं कि इसका पाठ करने के 10 रहस्य।
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कहते हैं हरि अनंत, हरि कथा अनंता। सर्वप्रथम श्रीराम की कथा भगवान श्री शंकर ने माता पार्वतीजी को सुनाई थी। उस कथा को एक कौवे ने भी सुन लिया। उसी कौवे का पुनर्जन्म कागभुशुण्डि के रूप में हुआ। काकभुशुण्डि को पूर्व जन्म में भगवान शंकर के मुख से सुनी वह ...
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अयोध्या की सरयू नदी के दाहिने तट पर ऊंचे टीले पर स्थित हनुमानगढ़ी सबसे प्राचीन मंदिर माना जाता है। यहां तक पहुंचने के लिए लगभग 76 सीढ़ियां चढ़नी होती हैं। यहां पर स्थापित हनुमानजी की प्रतिमा केवल छः (6) इंच लंबी है, जो हमेशा फूलमालाओं से सुशोभित ...
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अयोध्या में राम जन्मभूमि पर सैंकड़ों वर्षों वर्षों बाद पुन: भव्य राम मंदिर बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त 2020 को इसका भूमि पूजन करेंगे। देशभर में श्री राम के कई प्रसिद्ध मंदिर है लेकिन आप शायद ही जानते होंगे कि प्रभु श्रीराम की ...
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भगवान श्रीराम पर भारत में 5 प्रमुख रामायण ज्यादा प्रचलित है, जिसकी चर्चा अक्सर की जाती है। जानिए इन पांच के नाम।
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