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उत्तर रामायण : बहुत ही शक्तिशाली था लवणासुर, जानिए 6 खास बातें

Updated: सोमवार, 27 अप्रैल 2020 (13:33 IST)
वाल्मीकि कृत रामायण के उत्तर कांड में लवणासुर के वध की कथा का वर्णन मिलता है। लवणासुर एक क्रूर असुर था। आओ जा‍नते हैं उसके संबंध में 6 खास बातें।

1. लवणासुर एक भयंकर असुर था। लवणासुर के पिता का नाम मधु और माता का नाम कुम्भिनी था। कुम्भिनी लंका के राजा रावण की सौतेली बहिन थीं। लवणासुर रावण जैसे स्वभाव का उग्र और अहंकारी असुर था।
 
2. लवणासुर मथुरा से लगभग साढ़े तीन मील दक्षिण-पश्चिम की ओर स्थित रामायण में वर्णित मधुपुरी का राजा था जिसे मधुवन ग्राम कहते हैं। यहां लवणासुर की गुफा है। लवणासुर का वध करके शत्रुघ्न ने मधुपुरी के स्थान पर नई मथुरा नगरी बसाई।
 
3.लवणासुर ने राम के पूर्वज मांधाता यौवनाश्व चक्रवर्ती सूर्यवंशी सम्राट से उनका राज्य छीन लिया था क्योंकि उसके पास भगवान शिव का अमोघ त्रिशूल था।
 
4. लवण भगवान शंकर का उपासक था। अपने मामा रूद्र सम्प्रदाय के आचार्य रावण की परम्परा में वह रूद्र की राक्षकी उपासना में पशुओं, मनुष्यों और ब्राह्मणों की नर बलि देता था। वह वैदिक यज्ञ करने वाले ऋषियों को सताता था। 
 
5.वाल्मीमिक कृत रामायण अनुसार देवताओं की प्रार्थना से श्रीरामचन्द्र जी ने शत्रुघ्न को लवणासुर का वध करने का आदेश देते हैं। शत्रुघ्न युद्ध करने के लिए निकलते हैं तो रास्ते में वह वाल्मीकि और ऋषि च्यवन के आश्रम में रुकते हैं। उसके बाद उनका लवणासुर से युद्ध होता है और वे उसका वध करके कुछ समय वहीं रुककर मथुरा को नए सिरे से बसाते हैं।
 
6. महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में लोणार सरोवर विश्वप्रसिद्ध है। माना जाता है कि यहां पर लवणासुर का वध किया गया था जिसके कारण इसका नाम लवणासुर सरोवर पड़ा। बाद में यह बिगड़कर 'लोणार' हो गया। लोणार गांव में ही यह सरोवर स्थित है। इस सरोवर को यूनेस्को ने अपनी सूची में शामिल कर रखा है।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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