sawan somwar

24वां रोजा : ख्वाहिशें छोड़ें और अल्लाह से रिश्ता जोड़ें कहता है यह रोजा

Updated: बुधवार, 29 मई 2019 (12:11 IST)
प्रस्तुति : अजहर हाशमी
 
कुरआने-पाक की सूरह अल आला की सोलहवीं और सत्रहवीं आयत (आयत नंबर 16-17) में ज़िक्र है- 'मगर तुम लोग दुनिया की जिंदगी को अख्तियार करते हो, हालांकि आखिरत बहुत बेहतर और पाइन्दातर है।' इन पाकीजा आयतों की रोशनी में रमजान के इस आखिरी अशरे (अंतिम कालखंड) और खास तौर से चौबीसवें रोजे की फजीलत को (महिमा को) अच्छी तरह समझा जा सकता है।
 
इस आयत में दुनियावी जिंदगी यानी नफ्सी ख्वाहिशात (क्रोध, माया, मान, लोभ जिन्हें जैन धर्म में कषाय कहा जाता है और ईसाई धर्म में मटेरियलिस्टिक डिजायर्स) को छोड़ने और आखिरत से रिश्ता जोड़ने की बात कही गई है। आखिरत से मुराद (आशय) दरअसल पारलौकिक यानी भविष्य की स्थिति से है। मतलब यह हुआ कि दुनियावी जिंदगी के बाद यानी मरणोपरांत की स्थिति ही आखिरत है।
 
यहां दो सवाल हैं। एक तो आखिरत से रिश्ता क्यों जोड़ें? दूसरा, आखिरत से रिश्ता कैसे जोड़ा जाए? जहां तक पहले सवाल का ताल्लुक है तो कुरआने-पाक की मजकूर (उपर्युक्त) सत्रहवीं आयत में इसका जवाब है। यह कि आखिरत (पारलौकिक स्थिति/ मरणोपरांत भविष्य) से रिश्ता जोड़ें क्योंकि आखिरत 'बहुत बेहतर' है (यानी परम श्रेष्ठ है) और 'पाइन्दातर है।' (यानी अनंत शुभकारी/ जयकारी है)।
 
अब दूसरे सवाल (आखिरत से रिश्ता कैसे जोड़ा जाए?) का जवाब रमजान का यह आखिरी अशरा खुद-ब-खुद है। चूंकि यह दोजख (नर्क) से निजात (मुक्ति) का अशरा (कालखंड) है। यानी निजात (मुक्ति) के लिए रम्ज करें। रमजान दरअसल 'रम्ज' से ही बना है। 'रम्ज' के मानी हैं रुकना या कंट्रोल करना।
 
जब रोजादार अपनी नफ्सी ख्वाहिशात पर रोक लगाकर (रम्ज करके) अल्लाह (ईश्वर) की शरई तरीके से इबादत करता है तो यह इबादत ही आखिरत के खाते की पूंजी है।
 

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 21 अगस्‍त 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

इंदौर में आयोजित होगा राज्य स्तरीय- लक्ष्य मंथन योगासन प्रतियोगिता

शुक्र और शनि का समसप्तक योग, 4 राशियों के लिए धन का योग, पलट जााएगी किस्मत

Fourth Sawan Somwar: सिर्फ जल चढ़ाना काफी नहीं, चौथे सावन सोमवार पर करें ये 5 महाउपाय

अगला लेख