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Ram Navami 2020 : राम जन्म की 5 रोचक घटनाएं

Updated: सोमवार, 30 मार्च 2020 (11:41 IST)
भगवान प्रभु श्रीराम का जन्म वाल्मीकि कृत रामायण के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी को हुआ था। आओ जानते हैं जन्म की 5 रोचक घटनाएं।
 
 
1.राजा दशरथ ने किया था पुत्रेष्टि यज्ञ : रामचरितमानस के बालकांड के अनुसार राजा दशरथ ने पुत्र की कामना से पुत्रेष्टि यज्ञ किया था। वशिष्ठजी ने श्रृंगी ऋषि को बुलवाया और उनसे शुभ पुत्रकामेष्टि यज्ञ कराया। इस यज्ञ के बाद कौसल्या आदि प्रिय रानियों को पुत्र प्राप्त हुए।
 
 
2.शुभ योग में हुआ जन्म : योग, लग्न, ग्रह, वार और तिथि सभी अनुकूल हो गए तब श्रीराम का जन्म हुआ। पवित्र चैत्र का महीना था, नवमी तिथि थी। शुक्ल पक्ष और भगवान का प्रिय अभिजित्‌ मुहूर्त था। दोपहर का समय था। न बहुत सर्दी थी, न धूप (गरमी) थी।
 
 
3. चारों और मौसम खुशनुमा हो गया : वह पवित्र समय सब लोकों को शांति देने वाला था। जन्म होते ही जड़ और चेतन सब हर्ष से भर गए। शीतल, मंद और सुगंधित पवन बह रहा था। देवता हर्षित थे और संतों के मन में (बड़ा) चाव था। वन फूले हुए थे, पर्वतों के समूह मणियों से जगमगा रहे थे और सारी नदियां अमृत की धारा बहा रही थीं।

 
4. देवता उपस्थित हुए : जन्म लेते ही ब्रह्माजी समेत सारे देवता विमान सजा-सजाकर पहुंचे। निर्मल आकाश देवताओं के समूहों से भर गया। गंधर्वों के दल गुणों का गान करने लगे। सभी देवाता राम लला को देखने पहुंचे।

 
5.नगर में हुआ हर्ष व्याप्त : राजा दशरथ ने नांदीमुख श्राद्ध करके सब जातकर्म-संस्कार आदि किए और द्वीजों को सोना, गो, वस्त्र और मणियों का दान दिया। संपूर्ण नगर में हर्ष व्याप्त हो गया। ध्वजा, पताका और तोरणों से नगर छा गया। जिस प्रकार से वह सजाया गया। चारों और खुशियां ही खुशियां थीं। घर-घर मंगलमय बधावा बजने लगा। नगर के स्त्री-पुरुषों के झुंड के झुंड जहां-तहां आनंदमग्न हो रहे हैं।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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